बाल विकास परियोजना में कमीशन का हो रहा जमकर खेल

बाल विकास परियोजना में कमीशन का हो रहा जमकर खेल

बांका:

जिला के रजौन प्रखंड के बाल विकास परियोजना विभाग में जमकर धांधली मची हुई है। विभाग में गरीब बच्चों के निवाले से सेविका जमकर कमीशन पर काम करवा रही है हालात इतने बदतर है कि विभाग में सेविका तो दूर उनके पति देव भी उनका कार्य संभालते नजर आते है।

कार्यालय में समस्त कर्मचारियों की मिलीभगत से सेविका से पोषाहार, वेतन आदि का कमीशन लिया जा रहा है जबतक कमीशन नही दिया जाता तब तक कार्यालय से राशि आवंटित नही की जाती।इस प्रकरण में प्रखंड के बाल विकास परियोजना पदाधिकारी की भी संलिप्ता नजर आ रही है। स्टिंग ऑपरेशन में पूछताछ के क्रम में कुछ सेविका ने गोपनीय तरीके  से बताया कि विभाग में बिना चढ़ावे के कुछ नही सुना जाता है।

मैडम को हर महीने पैसा पहुँचाना होता है अगर नही पहुचाया तो नौकरी को खत्म करने व जांच की बात अक्सर कार्यालय के कर्मी कहते है। गरीब बच्चों के लिए संचालित सरकारी योजनाओं में लूट खसोट व सरकारी महकमे की ऐसी काली करतूत भारत के विकास में नाकाफी साबित होंगे ।

बातचीत के दौरान सुनने को मिला कि मासिक केंद्र निरीक्षण में आंगनबाड़ी सुपरवाइजर भी पैसे की मांग करते है।जिला प्रशासन भी मूकदर्शक बैठी है। अब ऐसे में सबाल उठता है कि क्या सचमुच गरीबों तक पोषाहार व टीएचआर के सही वितरण का लाभ मिल पायेगा । खैर जो भी हो यह मामला जिला प्रशासन के लिए जांच का विषय है जिससे भ्रष्टाचार पर लगाम लग सके व गरीबों का कल्याण हो सके।

स्थानीय सूत्रों के मुताबिक मामला प्रकाश में आया है कि अधिकारी को 5000 रुपये  पहुंचाएं कार्यालय के द्वारा केंद्र का जांच नहीं की जाएगी। रजौन प्रखंड अंतर्गत ऐसे कई केंद्र है जहां पर फर्जी के रूप में सेविका काम कर रही है। विगत 2 महीने पहले रजौन प्रखंड अंतर्गत मोरामा बनगांव आंगनवाड़ी केंद्र की घटना सुर्खियों में रहा था, परंतु जिले में बैठे सरकारी बाबुओं के द्वारा मामला को रफा दफा कर दिया गया.

इस बावत जिला प्रोग्राम पदाधिकारी रिफत अंसारी ने बताया कि टीम गठित कर जांच कराई जाएगी अगर दोषी पाया गया तो दोषी पर कठोर कार्रवाई की जाएगी‌।

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