कच्ची शराब तस्करों के खिलाफ अब तक की सबसे बड़ी कार्यवाही

कच्ची शराब तस्करों के खिलाफ अब तक की सबसे बड़ी कार्यवाही

कच्ची शराब तस्करों के खिलाफ अब तक की सबसे बड़ी कार्यवाही     

 

                             " 150 लीटर शराब जप्त व तोड़ी गई लगभग 3 दर्जन भट्ठियां "       

 

                           रायबरेली जिले में आबकारी विभाग की लगातार दबिश के बावजूद भी कच्ची जहरीली शराब का कारोबार थमने का नाम नहीं ले रहा है रायबरेली जिले के शिवगढ़ व बछरावां थाना क्षेत्र में लगातार छह माह से आबकारी विभाग कच्ची शराब तस्करों के खिलाफ सर्च अभियान चला रहा है

उसके बावजूद भी शिवगढ़ थाना क्षेत्र के पारा ,बोधी खेड़ा, तौली, नया पुरवा ,हरिहरपुर बछरावां थाना क्षेत्र के गुलाब खेरा ,कुशल खेड़ा ,सरा जादपुर ,रसूलपुर, कसरावाँ, बगाही, पश्चिम गांव,में पुलिस की मिलीभगत के चलते कच्ची जहरीली शराब का कारोबार दिन प्रतिदिन बढ़ता ही जा रहा है

जिला अधिकारी नेहा शर्मा व एसडीएम महाराजगंज शालिनी प्रभाकर के दिशानिर्देश में आबकारी विभाग के इंस्पेक्टर कीर्ति प्रकाश पांडे सिपाही अजय सिंह रामनाथ संजय भारती व फ्लाइंग स्कॉट प्रभारी अविनाश पांडे की टीम के साथ बछरावां थाना क्षेत्र के बख्तावर खेड़ा , थुलेण्डी ,पूरे खलार ,पासी टूसी गांव में दबिश देकर लगभग 150 लीटर कच्ची जहरीली शराब बनाने के उपकरणों को तोड़ा व लगभग 70 कुंतल महुआ का लहान को नष्ट किया कच्ची जहरीली शराब को जल्दी तैयार करने के लिए फोर सेंस नाम का केमिकल भी टीम ने बरामद किया

आबकारी इंस्पेक्टर ने बताया कि यह केमिकल महुआ के लहन को जल्दी तैयार करने के लिए उपयोग में लाया जाता है वह यह काफी जहरीला भी होता है  वहीं बछरावां थाना क्षेत्र के चुरुवा बॉर्डर के पास शराब परिवहन पर अंकुश लगाने के लिए लगभग 2 घंटे तक सघन चैकिंग अभियान भी चलाया गया     

                  "  पुलिस की मोटी कमाई का जरिया है अवैध कच्ची शराब"             

      रायबरेली जनपद के अलग-अलग थाना क्षेत्रों में सदियों से बन रही कच्ची शराब के काले कारोबार पर अंकुश लगाने के लिए आबकारी इंस्पेक्टर कीर्ति प्रकाश पांडे अपने दल बल के साथ लगातार 6 महीने से कच्ची शराब तस्करों के खिलाफ जंग छेड़े हुए हैं लगातार पड़ रही बारिश के चलते जहां एक और शराब कारोबारियों मैं दहशत का आलम बना हुआ है वह लगभग काफी हद तक शराब के परिवहन पर अंकुश लगा है वही क्षेत्रीय पुलिस की लाचार कार्यशैली के चलते इस काले कारोबार पर अंकुश नहीं लग पा रहा है

अगर कच्ची जहरीली शराब के कारोबार के खिलाफ क्षेत्रीय खाकी व आबकारी विभाग की संयुक्त कार्यवाही हो तो शराब का कारोबार कुछ ही महीनों में पूरी तरह से बंद हो सकता है लेकिन क्षेत्रीय पुलिस को इन्हीं शराब तस्करों से मोटी कमाई होती है प्रदेश सरकार को इसके लिए ठोस कदम उठाने की जरूरत है अगर शराब तस्करों के खिलाफ उचित कार्यवाही नहीं की गई तो सहारनपुर व रूड़की जैसी घटना कभी भी घटित हो सकती है ।

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