ऋण ग्रहीताओं के लिए लागू की गयी एकमुश्त समाधान योजना 

ऋण ग्रहीताओं के लिए लागू की गयी एकमुश्त समाधान योजना 

बहराइच

उत्तर प्रदेश खादी ग्रामोद्योग बोर्ड के माध्यम से जनपद बहराइच में संचालित योजनाओं अन्तर्गत वित्त पोषित इकाईयों के ऋण लाभार्थियों के हित के दृष्टिगत ऋण वसूली के लिए एक मुश्त समाधान योजना लागू की गयी है। यह योजना 31 मई 2019 तक प्रभावी रहेगी।

एकमुश्त समाधान योजना के तहत ऋण ग्रहीताओं से देय अवधि तक साधारण ब्याज लेकर देय अवधि के पश्चात मूलधन पर दण्ड ब्याज को माफ कर दिया जायेगा। इस योजना को लागू किये जाने से ऐसे ऋण ग्रहीताओं को विशेष लाभ होगा जो किन्हीं कारणवश अभी तक अपनी देय किश्तों को समय से जमा नहीं कर सके थे, और उन पर ऋण अवधि के उपरान्त मूलधन पर दण्ड ब्याज लगाकर कुल बकाया धनराशि अधिक हो गयी है।


यह जानकारी देते हुए वरिष्ठ प्रबन्धक/जिला ग्रामोद्योग अधिकारी आर.एस. श्रीवास्तव ने बताया कि प्रायः लाभार्थियों द्वारा यह समझ लिया जाता है कि उनका ऋण माफ हो गया है जिस कारण वे ना चाहते हुए भी समय से किश्त अदा नहीं करते हैं। जबकि उद्योग सम्बन्धी लिया गया कोई भी ऋण माफ नहीं होता है, इसे लाभार्थी को ही जमा करना होता है। जिला ग्रामोद्योग अधिकारी ने बताया कि एकमुश्त समाधान योजना का लाभ प्राप्त करने के इच्छुक ऋण ग्रहीता किसी भी कार्यदिवस में जिला उद्योग केन्द्र परिसर स्थित जिला ग्रामोद्योग अधिकारी, बहराइच के कार्यालय सेे सम्पर्क कर आवश्यक जानकारी प्राप्त कर सकते हैं।

उन्होंने सचेत किया है कि निर्धारित अवधि के पश्चात ऋण की अदायगी न करने वाले ऋण ग्रहीताओं के विरूद्ध आर.सी. जारी कर भू-राजस्व की भांति वसूली की कार्यवाही की जायेगी, जिसके लिए सम्बन्धित से बकाया धनराशि के अलावा 10 प्रतिशत संग्रह शुल्क भी प्राप्त किया जायेगा। 


जिला ग्रामोद्योग अधिकारी आर.एस. श्रीवास्तव ने बताया कि जनपद बहराइच में विभाग अन्तर्गत संचालित योजनाओं के तहत वित्तीय वर्ष 1958-59 से 1995-96 तक कुल 4010 इकाईयों के विरूद्ध मूलधन, साधारण व्याज व दण्ड ब्याज की कुल धनराशि 07 करोड़ 21 लाख 56 हज़ार 137 रूपये है। जिला ग्रामोद्योग अधिकारी ने सभी ऋण ग्रहीताओं से यह भी अपेक्षा की है कि यदि किसी इकाई के विरूद्ध माननीय न्यायालय के स्तर से कोई स्थगन आदेश जारी हो तो, सम्बन्धित ऋण धारक उस आदेश की प्रमाणित प्रति अधोहस्ताक्षरी के कार्यालय में प्रस्तुत कर सकते हैं, ताकि ऐसे लोगों के विरूद्ध आर.सी. की कार्यवाही रोकी जा सके। उन्होंने सभी ऋण धारकों से अपील की है कि एकमुश्त समाधान योजना को एक अवसर के रूप में लेते हुए अधिक से अधिक योजना का लाभ उठायें।

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