बख्शी तालाब  क्षेत्र के प्राथमिक व पूर्व माध्यमिक विद्यालयों  के प्रति  उठे सवालिया निशान 

बख्शी तालाब  क्षेत्र के प्राथमिक व पूर्व माध्यमिक विद्यालयों  के प्रति  उठे सवालिया निशान 

नरेश गुप्ता /राम मोहन गुप्ता की रिपोर्ट

बख्शी तालाब  क्षेत्र के प्राथमिक व पूर्व माध्यमिक विद्यालयों  के प्रति  उठे सवालिया निशान 

इटौंजा लखनऊ  उत्तर प्रदेश  जनपद लखनऊ के विकासखंड बक्शी का तालाब  प्राप्त जानकारी के अनुसार  इटौंजा क्षेत्र के जब तक प्राथमिक पूर्व माध्यमिक विद्यालयों के भवन टीप टॉप नहीं होंगे तब तक खंडहर स्कूलों में गुणवत्ता परक शिक्षा बुनियादी तालीम की तस्वीर नहीं बदल सकती है। सरकार शिक्षा क्षेत्र में कई आमूलचूल बदलाव किए किंतु बुनियादी तालीम में ढाक के तीन पात वाली कहावत चरितार्थ होती है।

         इटौंजा व बख्शी का तालाब क्षेत्र में लगभग  220 प्राथमिक विद्यालय और 83 पूर्व माध्यमिक विद्यालय   हैं। जिसमें लगभग 4 हजार छात्र एवं छात्राएं शिक्षा ग्रहण कर रहे हैं। बुनियादी तालीम में आमूलचूल परिवर्तन करने के लिए 1984 में नई शिक्षा नीति बनाई गई फिर भी बुनियादी तालीम कोई बड़ा हेर फेर नहीं हो सका। यहां तक कि बच्चों को साल भर में ककहरा का ज्ञान नहीं हो पाता है। शिक्षा को गुणवत्तापरक बनाने के लिए 2002 में सरकार द्वारा सर्व शिक्षा अभियान चलाया गया। पर शिक्षा में कई क्रांतिकारी परिवर्तन किए गए प्राथमिक शिक्षा की दशा जस की तस हे रही ।

         विडंबना इस बात की है कि सरकार प्राथमिक शिक्षा की उन्नति के चाहे जितनी योजनाएं चला दे। पर जब तक इस में कारगर क्रियान्वयन नहीं किया जाएगा तब तक बुनियादी तालीम का ढांचा नहीं बदला जा सकता है।

          सरकार द्वारा प्राथमिक शिक्षा को कारगर बनाने के लिए स्कूलों में बच्चों के लिए मिड डे मील निशुल्क ड्रेस जूते कंप्यूटर लैब लगभग 8 विद्यालयों में इंग्लिश मीडियम से शिक्षा प्रदान करना तथा अन्य साधन मुहैया कराए गए किंतु बुनियादी तालीम में बदलाव नहीं हो सका। 2003 में नन्हे-मुन्ने बच्चों को टीवी द्वारा शिक्षा देने की योजना बनाई गई किंतु योजना सफल नहीं हो सकी केवल कागज में सिमट कर रह गई।

             इटौंजा क्षेत्र के पूर्व माध्यमिक विद्यालय अकरङिया खुर्द, इटौंजा के भवन का काफी खस्ताहाल है।विद्यालय भवन खंडहर में तब्दील हो गया है। अकरङिया खुर्द का भवन ढहने वाला है।जिसमें दरवाजे खिड़कियां प्लास्टर का नामोनिशान तक नहीं है। दिवालें दरक गई है। इसी क्रम में प्राथमिक विद्यालय इटौंजा एक नारायणपुर उसरना तथा अन्य भवन काफी जीर्ण शीर्ण है। इन खंडहर विद्यालयों में गुणवत्ता परक शिक्षा कैसे संभव है।

         जब संबंध में खंड शिक्षा अधिकारी बीकेटी से जानकारी की गई तो उन्होंने बताया कि विद्यालयों की मरम्मत के लिए शासन को प्रस्ताव भेजा जा चुका है।यह खंडहर विद्यालय बुनियादी तालीम की पोल खोल देते हैं।
फोटो-:प्राथमिक विद्यालय नारायणपुर की बावड़ी टूटी-फूटी विद्यालय खस्ताहाल। शौचालय की दशा दयनीय।

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