बनारस हिंदू विश्वविद्यालय में भविष्य की राजनीति पर अपना विचार रखेंगे गृहमंत्री शाह और मुख्यमंत्री योगी 

बनारस हिंदू विश्वविद्यालय में भविष्य की राजनीति पर अपना विचार रखेंगे गृहमंत्री शाह और मुख्यमंत्री योगी 

वाराणसी-

बनारस धार्मिक राजधानी काशी स्थित काशी हिंदू विश्वविद्यालय में 17 अक्टूबर से आयोजित हो रही दो दिवसीय अंतर्राष्ट्रीय संगोष्ठी को देश के गृह मंत्री अमित शाह और सूबे के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ भी संबोधित करेंगे।

बीएचयू में भारत अध्ययन केंद्र की ओर से ये दो दिवसीय अंतरराष्ट्रीय संगोष्ठी आयोजित की जा रही है। इस संगोष्ठी का विषय गुप्तवंश के वीर (स्कंदगुप्त विक्रमादित्य) का ऐतिहासिक स्मरण और राष्ट्र का राजनीतिक भविष्य है।

गौरतलब है कि इस अंतरराष्ट्रीय संगोष्ठी में देश विदेश के नामचीन इतिहासकार भी पहुंच रहे हैं। बतादें की अयोध्या फैसले पर अटकलों के बीच गृह मंत्री और भाजपा के राष्‍ट्रीय अध्‍यक्ष अमित शाह बीएचयू में आयोजित एक अंतरराष्ट्रीय संगोष्ठी में हिस्सा लेने के लिए 17 अक्टूबर को वाराणसी पहुंच रहे हैं। जहाँ संगोष्ठी में उनके साथ यूपी के मुख्‍यमंत्री योगी आदित्यनाथ भी मौजूद रहेंगे।

आपको बता दें कि इन दिनों अयोध्या में धारा 144 लगा दी गई है जबकि जानकारी के अनुसार 17 नवंबर तक सुप्रीम कोर्ट अयोध्या मसले पर अपना फैसला सुना सकती है। बहरहाल इसको लेकर तमाम राजनीतिक कयास लगाए जा रहे हैं। जानकारी के अनुसार मुख्यमंत्री योगी 16 अक्टूबर को देर शाम ही वाराणसी पहुंच जाएंगे।

गृहमंत्री और सीएम के कार्यक्रम के मद्देनजर बीएचयू और जिला प्रशासन ने अभी से तैयारी शुरू कर दी है। भारत अध्ययन केंद्र के चेयर प्रोफेसर राकेश कुमार उपाध्याय ने बताया कि कालखंड 453 से 467 ईस्वी में भारत को कई अतिक्रमणकारियों से स्कंदगुप्त विक्रमादित्य ने बचाया था। यही नहीं, जिन भयानक बर्बर हूणों के आक्रमण से चीन भी घबरा गया, उनसे भी अपनी मातृभूमि को उन्‍होंने बचाया।

लेकिन दुख की बात है कि इतिहास ने उनकी भूमिका को कभी महत्वपूर्ण स्थान नहीं दिया। उसी वीर स्कंदगुप्त को याद करने के लिए ये अंतरराष्ट्रीय संगोष्ठी आयोजित की गई है। इस संगोष्ठी में अमित शाह और सीएम योगी के अलावा देश विदेश के बड़े इतिहासकार भी हिस्सा लेंगे।

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