संदिग्ध अवस्था में घर से लापता हुआ पत्रकार

संदिग्ध अवस्था में घर से लापता हुआ पत्रकार


पिता की तहरीर पर पांच व्यक्तियों पर दर्ज हुआ अपहरण का मुकदमा

हैदरगढ़ बाराबंकी। थाना सुबेहा अन्तर्गत बीती रात एक न्यूज चैनल का पत्रकार घर से संदिग्ध अवस्था मे लापता हो गया. सुबह जब इसकी जानकारी पत्रकार के पिता को हुयी तो उन्होंने थाने मे जाकर दो व्यक्तियों को नामजद् करते हुये पांच व्यक्तियों के विरूद्व बेटे के अपहरण का मुकदमा दर्ज कराया। पहले तो थाना प्रभारी मुकदमा दर्ज करने में घण्टो टाल मटोल करते रहे, लेकिन बाद मे पत्रकारो के दबाव, के आगे उन्होंने मुकदमा दर्ज करके जांच पड़ताल शुरू कर दी है। जबकि भाजपा किसान मोर्चा के जिलाध्यक्ष ने उक्त घटना के प्रति आक्रोश व्यक्त किया है।

जानकारी के अनुसार थाना सुबेहा क्षेत्र के ग्राम रामपुर मजरे जमीन हुसेनाबाद निवासी दिलीप तिवारी पुत्र चन्द्रभान तिवारी एक न्यूज चैनल का संवाददाता है घर पर दिलीप के साथ में उसकी बहन 18 वर्षीय गुडिया और पिता चन्द्रभान तिवारी भी मौजूद थे, दिलीप की मां की तबियत खराब थी इसलिए उसको लेकर उसके भाई बीरेन्द्र अपनी पत्नी के साथ मे लखनऊ ट्रामा सेंटर में था। रोज की तरह दिलीप ने रात्रि नौ बजे खाना खाया और घर से सट कर बने नये कमरे मे सोने चला गया जबकि उसकी बहन और पिता घर के अन्दर सो रहे थे।

रात्रि करीब 3 बजे दिलीप की भाभी के वाट्सएप पर एक मैसेज आया तो मैसेज पढ़कर दिलीप की भाभी ने अपने पति बीरेन्द्र को जानकारी दी। किसी अनहोनी की आशंका को देखते हुये जब बीरेन्द्र ने अपने पिता को फोन किया तो उन्होंने दिलीप का हाल-चाल पूछा जब चन्द्रभान तिवारी दिलीप के कमरे में पहुंचे तो उनके होश उड़ गये। दिलीप के कमरे का दरवाजा टूटा पड़ा था व लैपटाप, पर्स, चप्पल व अन्य कीमती समान विखरा हुआ पड़ा था जिससे लग रहा था कि रात्रि को अज्ञात लोगो ने दिलीप को जबरदस्ती अपहरण कर ले गये है।

चन्द्रभान ने सुबह करीब 7 बजे उक्त घटना की सूचना 100 नम्बर डायल कर पुलिस को दी और उसके बाद थाना प्रभारी सुबेहा को फोन करके सारी घटना से अवगत कराया। सूचना मिलने करीब 4 घण्टे बाद थाना प्रभारी जितेन्द्र कुमार सिंह दल बल के साथ पहुंचे और 5 मिनट के अन्दर ही घटनास्थल का निरीक्षण करने के बाद बैंरग वापस लौट आये उन्होंने कुछ चन्द सवाल दिलीप की बहन गुड़िया से किये थे बाकी अन्य लोगों से पूछतांछ करना थाना प्रभारी ने मुनासिब नही समझा, जैसे ही पत्रकार के अपहरण की जानकारी सोषल मीडिया मे वायरल हुयी तो क्षेत्र के दर्जनो पत्रकार थाना सुबेहा पहुंच गये,

पत्रकारो को लगातार थाना प्रभारी यह समझाते रहे कि दिलीप का अपहरण नही हुआ है वह कही खुद चला गया है एक दो दिनो के बाद मुकदमा लिखा जायेगा, लेकिन जब पत्रकारो और दिलीप के परिजनो ने दबाव बनाया तो आखिरकार मजबूर होकर थाना प्रभारी ने दिलीप के पिता चन्द्रभान तिवारी के कहने पर 5 लोगों के विरूद्व धारा 147, 364 के तहत मुकदमा पंजीकृत किया जिसमे चन्द्रप्रकाश पाण्डेय, और अयोध्या प्रकाश पाण्डेय को नामजद् किया गया।

घटना के बारे में थाना प्रभारी जितेन्द्र कुमार सिंह का कहना था कि पत्रकार दिलीप के गांव के ही एक लड़की से प्रेम सम्बन्ध चल रहे थे शायद इसी वजह से दिलीप घर से कही चला गया है उन्होंने पूरे मामले को संदिग्ध बताया और उन्होने यह भी दावा किया कि दो दिनो के अन्दर सारी हकीकत समाने आ जायेगी। कुल मिलाकर पत्रकार के अपहरण की घटना के बाद से क्षेत्र में दहशत सी व्याप्त हो गयी है। 

मेरे भाई को सलामत रखे भगवान

बाराबंकी। थाना सुबेहा क्षेत्र के ग्राम रामपुर निवासी पत्रकार दिलीप तिवारी के अपहरण के बाद से घर के सदस्यो में दहशत सी व्याप्त हो गयी है, घटना के बारे मे दिलीप के बड़े भाई बीरेन्द्र तिवारी का कहना था कि ऐसा लगता है कि मेरा भाई अब इस दुनिया में जिंदा नही है चूकि अगर बदमाश लूट-पाट के लिए आते तो घर का कीमती सामान भी उठा ले जाते घर का सारा कीमती सामान मौजूद है उन्होने ने स्थानीय पुलिस पर भी उंगली उठायी पीडित भाई का कहना था कि आखिर क्यों थाना प्रभारी सूचना मिलने के चार घंण्टे बाद घटना स्थल पर आये उनका यह भी कहना था कि मेरे भाई ने थाना प्रभारी के खिलाफ भी कई खबरे चलायी थी जिसके कारण थाना प्रभारी भी मेरे भाई से दुष्मनी मानते थे भगवान करें मेरा भाई जहां भी हो सुरक्षित घर लौट आये।

योगीराज मे सुरक्षित नही पत्रकार : संतोष 

बाराबंकी। योगी राज में बाराबंकी जनपद के पत्रकार सुरक्षित नही आये दिन कही न कही पत्रकारो के ऊपर जानलेवा हमले हो रहे है और पत्रकारो को अपमानित किया जा रहा है उक्त बात पत्रकार कल्याण एसोसिएशन के जिला अध्यक्ष संतोष कुमार शुक्ला ने आज गांधी भवन मे आयोजित पत्रकारो की बैठक मे व्यक्त की है श्री शुक्ला ने कहा कि जब से प्रदेश मे योगी राज आया है उसके बाद से आये दिन जनपद मे पत्रकार अपमानित किये जा रहे है कार्यवाही के नाम पर पुलिस अधिकारी मामूली धाराओं मे मुकदमा दर्ज करके आरोपियों की मद्द करती नजर आती है,

उन्होने ताजा उदाहरण देते हुये बताया कि हैदरगढ़ तहसील क्षेत्र के न्यूज चैनल के पत्रकार कृष्ण मोहन सिंह उर्फ मुन्ना के ऊपर दिनदहाड़े हमला किया गया उसके साथ लूटपाट की गयी पुलिस ने लूट का मुकदमा तो दर्ज किया लेकिन आरोपी खनन माफिया को मात्र 151 मे चालान करके पूरी घटना को ही झूठा साबित कर दिया।

उन्होने दिलीप अपहरण कांड में चेतावनी दी कि अगर पुलिस ने उक्त घटना के आरोपियो को गिरफ्तार करके जेल नही भेजा और दिलीप को सुरक्षित नही बरामद किया तो क्षेत्रीय पत्रकार धरना प्रदर्शन करने को बाध्य होगे। उक्त बैठक में मुख्यरूप से दिनेश श्रीवास्तव, पाटेश्वरी प्रसाद, मनीष सिंह, नृपेन्द्र तिवारी, इद्रीश, मनोज गुप्ता, विजय शंकर मिश्रा, राजेश कुमार सहित अन्य क्षेत्रीय पत्रकार शामिल थे।  
 

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