मूर्ति विसर्जन में हुई अव्यवस्था घाघरा नदी के तट पर पीने के पानी के लिए तरसे श्रद्धालु

मूर्ति विसर्जन में हुई अव्यवस्था घाघरा नदी के तट पर पीने के पानी के लिए तरसे श्रद्धालु

रिपोर्ट-चैतन्य उपाध्याय

रामनगर बाराबंकी

नवरात्र में स्थापित मूर्तियों की स्थापना के बाद दसमी के दिन मूर्तियों का विसर्जन बड़े ही धूमधाम से नदियों में किया गया नवदुर्गा की प्रतिमा के साथ साथ स्थापित गणेश लक्ष्मी आज मूर्तियों की विसर्जन भी नदियों में किया गयाम

लोग ट्रैक्टर ट्रालीयों से गाते बजाते नाचते हुए मां के गीतों को गाते हुए जयकारा लगाते हुए नदी के तट पर पहुंचे और विधि विधान से पूजन के बाद मां के स्वरूप को उनकी प्रतिमूर्ति को जल को समर्पित कर दिया ।

तहसील रामनगर की घाघरा नदी में लगभग एक सैकड़ा मूर्ति का विसर्जन भक्तजनों द्वारा किया गया घाघरा नदी में लगभग पूरे जिले की मूर्तियां विसर्जित होने के लिए भक्तगणों द्वारा लाई जाती है।

तहसील रामनगर के ही कई गांव अमोली बुढ़वल गोंदौरा तिलवारी आदि गांव में रखी मां की प्रतिमाओं को विसर्जित करने के लिए घाघरा नदी के तट तक भक्तगण ले गए एवं पूजन आराधन के बाद प्रतिमा को घाघरा नदी के जल में विसर्जित कर दिया तहसील रामनगर में ही भगहर झील में दो दर्जन मूर्तियों का विसर्जन सकुशल शांतिपूर्वक संपन्न हो गया।

मूर्तियों के विसर्जन हेतु सुरक्षा व्यवस्था चुस्त-दुरुस्त रखी गई थी भक्तजनों को कोई परेशानी ना हो इसके लिए प्रशासन द्वारा भी व्यवस्थाएं की गई थी इसके बावजूद भी घाघरा नदी के तट पर उमड़ी भारी ।

भीड़ पानी के लिए तरसती रही इस बार लोगों का कहना था कि पानी के टैंकर नहीं लगवाए गए जिससे लोग प्यासे इधर उधर पानी ढूंढते रहे गाड़ियों के आवागमन की व्यवस्था भी सुचारू रूप से नहीं की गई ।

रोड से नदी के तट तक जाने के लिए जो नीचे का रास्ता गया है उसे दुरुस्त नहीं करवाया गया जिससे गाड़ियों के उतरने और चढ़ने में भारी दिक्कतें आ रही थी विसर्जन हेतु नावें काफी मात्रा में मौजूद थी।

प्रशासनिक अधिकारी एवं कर्मचारी मौके पर मौजूद थे तहसीलदार राहुल सिंह क्षेत्राधिकारी उमाशंकर सिंह रामनगर कोतवाल के के मिश्रा इस मौके पर मातहतो को दिशा निर्देश देते रहे|

Comments