स्वच्छ भारत मिशन की उड़ रही हैं धज्जियाँ जिम्मेदार मौन

स्वच्छ भारत मिशन की उड़ रही हैं धज्जियाँ जिम्मेदार मौन

                  रिपोर्टर - डीके सिंह

टिकैत नगर,बाराबंकी-

केंद्र सरकार व प्रदेश सरकार द्वारा जहा स्वच्छ भारत अभियान चला कर स्वास्थ्य के प्रति जागरूक किया जा रहा है तो वही ब्लॉक के कई गांवों में गन्दगी से बजबजाती नालियां स्वच्छता अभियान व स्वास्थ्य विभाग की हकीकत बया कर रही है ।

        स्वच्छता अभियान के तहत सरकार के कई दिग्गज मंत्री व विधायक जगह-जगह सफाई अभियान चलाकर लोगों को स्वच्छता के प्रति जागरूक भी कर चुके हैं।

स्वयं प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी भी इस अभियान का हिस्सा रह चुके हैं, लेकिन सरकार के इस अभियान की ग्रामीण क्षेत्रों में धज्जियां उड़ाई जा रही हैं।

इस तथ्य का प्रत्यक्ष प्रमाण विकास खंड पूरेडलई क्षेत्र की ग्राम पंचायत सराही है। जहां ग्रामीणों को यह भी नहीं पता है कि ग्राम पंचायत में सफाई कर्मी कौन है और उसका नाम क्या है।

क्योकि  यहाँ पर नियुक्त सफाईकर्मी कभी गांव में आता ही नहीं है और यदि कभी कभार आता भी है तो ग्राम प्रधान के पास हाजिरी बजा कर चला जाता है।

सफाईकर्मी की कार्यहीनता से ग्राम पंचायत में बनी सरकारी नालियाँ और रास्ते गंदगी से पट गये हैं और रुके हुए पानी में उत्पन्न मच्छर खतरनाक बीमारियों को खुला निमंत्रण दे रहे हैं ।


गांववासियों का कहना है कि जहां एक ओर सफाईकर्मी ग्राम सभा में आता ही नहीं है तो वहीं स्वास्थ्य विभाग की तरफ से गांव में कोई भी दवा का छिड़काव नही किया गया तथा गावो में तैनात सफाई कर्मचारी ना आने की वजह से  गांवों की नालियों में जलभराव हो गया है।

नालियों में गंदगी का भी बुरा हाल है। मालूम हो कि गांव में सफाई व्यवस्था दुरुस्त रखने के लिए पंचायती राज विभाग द्वारा प्रत्येक ग्राम पंचायत में सफाई कर्मचारियों की नियुक्ति की गई थी, लेकिन सफाई कर्मचारी गांवों में जाने का नाम नहीं ले रहे हैं।वर्षा ऋतु बीतने को है।

गावो में स्वास्थ्य विभाग द्वारा कोई भी दवा का छिड़काव अभी तक नही हुआ है ।

ग्राम प्रधान व आशा बहू का सयुक्त खाता होने के बाद गावो में संक्रमण बीमारियों के रोकथाम के लिए गन्दगी जहा हो वहां पर दवा का छिड़काव किया जाना चाहिए किन्तु किसी भी ग्राम पंचायत में कोई छिड़काव न होने से लोग तरह तरह की बीमारियों से ग्रस्त हो रहे है ।

साथ ही साथ सफाई कर्मचारियों की गैर जिम्मेदाराना क्रियाओ की वजह से नालिया पूरी तरह गंदगी से भरी हुई है बरसात का मौसम आने वाला है अगर समय रहते उस तरफ ध्यान न दिया गया तो गांवो में गंदगी की वजह से बीमारिया फैलने की आशंका बनी हुई है।

क्षेत्र की ग्राम पंचायत सराही के अलावा बघौली भटपुरवा रेवढा विद्यानगर दुर्जन पुर खजुरी पडरावा कस्बा इचौली सहित दर्जनों गांवों में सफाई का बुरा हाल है, यहां लोगो को खुद अपने घरों की नालियों की सफाई करनी पड़ रही है।

जबकि संपूर्ण स्वच्छता अभियान के अंतर्गत ब्लॉक के गांवों में साफ सफाई व्यवस्था को दुरुस्त करने को सफाई कर्मचारियों की नियुक्ति की गई  थी लेकिन सफाई व्यवस्था भगवान भरोसे ही बनी हुई है।   

          पूरेडलई  ब्लॉक में 51 ग्राम पंचायतों में इस समय लगभग 60 सफाई कर्मी  तैनात है ।ग्राम पंचायतों में सफाई कर्मियों की नियुक्ति के साथ ही उन्हें पंचायती राज विभाग से बेहतर वेतन भी प्राप्त हो रहा है

इसके बाद भी गांवों में सफाई करने को कर्मचारी नहीं पहुंचते और विभाग की योजना भी सिर्फ कागजो पर हाजिरी तक ही सीमित होकर रह गई।

कुछ सफाईकर्मी तो अपने स्थान पर ठेके पर प्रति माह दो से तीन हजार रुपए देकर मजदूरों से काम करवाते हैं या फिर कुछ कर्मचारी ग्राम स्तरीय अधिकारी और प्रधान को अपने पक्ष में लेकर उन्हें कुछ देकर वेतन हर माह निकलवाते रहते हैं और गांव में सफाई कार्य नहीं कर रहे हैं, जिससे विभाग की मंशा को ग्रहण लगा हुआ है।

ज्ञात हो कि ब्लॉक में 134 सफाई कर्मियों में से यदि कुछ को अनियमितताओं के चलते वेतन नहीं दिया जा रहा हो तो भी प्रतिमाह लगभग 15 लाख से अधिक का सरकारी पैसा कर्मचारियों के वेतन पर व्यय हो रहा है।

वीडियो ए डी ओ पंचायत समेत शासन के अधिकारियों की ओर से भी किसी सफाई कर्मचारियों पर कार्रवाई की नही की गई  फिर भी उनकी कार्यशैली में कोई बदलाव नहीं आया है और गांव में साफ सफाई कार्य भगवान भरोसे ही है।


   हम बात कर रहे है विकास खंड पूरेडलई की जहाँ 51 ग्राम पंचायते है और हर ग्राम पंचायत में सफाई कर्मी की तैनाती की गई है जहाँ कुछ को छोड़कर 70% ग्राम पंचायतो में सिर्फ तनखाह निकालने को ही ग्राम प्रधान के पास आते है।

कुछ तो ऊँची पहुँच के कारण आते नही और कुछ आते भी है तो सिर्फ ग्राम प्रधान के दरवाजे की सफाई तक सीमित रह जाते है जैसे कि ग्राम पंचायत सराही।

तो वहीं तमाम सफाईकर्मी गावो की तरफ कभी भूलकर भी रुख नही करते।

यदि सरकार के स्वच्छ भारत अभियान की इसी तरह धज्जियां उड़ाई जाती रही तब केंद्र सरकार का प्रधानमंत्री का सपना कैसे साकार होगा।

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