ताजिया विवाद को आम सहमति से सुलझाया गया

 ताजिया विवाद को आम सहमति से सुलझाया गया

रिपोर्ट-श्रवण चौहान

कोठी बाराबंकी
जनपद बाराबंकी के कोठी थाना क्षेत्र के सरसा के ककरहा पर ताजिया निकालने के विवाद पर जिला प्रशासन ने कामयाबी पा ली है ।आपको बता दें कि बाराबंकी के अपर जिलाधिकारी संदीप कुमार गुप्ता ने मौके पर पहुंचकर रास्ते के विवाद को आपसी सहमत से सुलझा दिया है।

दरअसल जिस कर्बला तक ताजिया ले जाने के लिए विवाद था वही अस्थाई गोवंश आश्रय स्थल बन गया है ।इसी दौरान अस्थाई गोवंश आश्रय स्थल सरसा के बगल से जेसीबी के माध्यम से रास्ता बनवा दिया गया है ।

हिंदू युवा वाहिनी के जिला प्रभारी रवि सिंह ने बताया कि शासन प्रशासन व ग्रामीणों के द्वारा आपसी सहमत से रास्ते का विवाद खत्म कर दिया गया है हिंदू युवा वाहिनी के कार्यकर्ता भी अब सहमत हैं रवि सिंह का कहना है कि यह कर्बला किसी भी अभिलेखों में दर्ज नहीं है ।

लेकिन मुस्लिम समुदाय के लोगों की तरफ से करीब 10 साल से यहां ताजिया दफन किया जा रहा था रवि सिंह ने कहा कि मुस्लिम समुदाय के लोगों ने आजादी के समय देश के लिए बहुत बड़ा योगदान दिया है।इसलिए उनकी भावनाओं को ठेस ना पहुंचे इसलिए उनके लिए कर्बला तक ताजिया ले जाने के लिए अस्थाई रास्ता प्रशासन की तरफ से बनवा दिया गया है।

अपर जिलाधिकारी संदीप कुमार गुप्ता ने दी विस्तार से जानकारी

अपर जिला अधिकारी संदीप कुमार गुप्ता ने हमारे संवाददाता श्रवण चौहान से बात करते हुए बताया कि कर्बला जाने के लिए जो रास्ता था उस रास्ते पर अस्थाई गोवंश आश्रय स्थल बना दिया गया है ।

जिसके कारण समस्या उत्पन्न हो रही थी जिस पर पूर्व एमएलसी हरगोविंद सिंह हिंदू युवा वाहिनी के कार्यकर्ता ओ तथा ग्रामीणों के सहमत से अस्थाई गोवंश आश्रय स्थल के किनारे से अस्थाई रास्ते का निर्माण करवा दिया गया है।

अपर जिलाधिकारी ने में मामले में दिखाई सूझ बूझ

अपर जिला अधिकारी संदीप कुमार गुप्ता ने इस मामले को गंभीरता से लेते हुए सुबह करीब 11:00 बजे से मौके पर जमे हुए थे जिस पर करीब 3:00 बजे आपसे सहमत से रास्ते का निर्माण जेसीबी के माध्यम से करवाया ।इस मामले में कहीं अप्रिय घटना न घट जाए इसके लिए बाराबंकी के अपर पुलिस अधीक्षक आर एस गौतम ने मौके पर पहुंचकर शांति व्यवस्था बनवाने का काम किया।

क्षेत्राधिकारी अधिकारी हैदर गढ़ एस के राय ने कोठी थाना पुलिस असंद्रा थाना पुलिस की मदद से शांति व्यवस्था बनाए रखने का कार्य किया ।

ऐसा था माहौल की कभी भी हो सकती थी जनता पर लाठी चार्ज

इसी मामले को लेकर ऐसा माहौल बन गया था कि पुलिस लाठी चार्ज करने पर मजबूर हो रही थी लेकिन पुलिस की सहनशक्ति और प्रशासन की बुद्धिमानी से रास्ते का निर्माण कराते हुए मामले को शांत कराया गया ।लेकिन अभी भी कुछ ऐसे परिवार हैं जो रास्ते निकालने को लेकर एतराज जता रहे हैं ।फिलहाल प्रशासन व पुलिस का मानना है कि ये लोग समय के अनुसार ढल जाएंगे।

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