सुविधा शुल्क अदा न कर पाने के कारण नहीं हुआ प्रसूता का इलाज

सुविधा शुल्क अदा न कर पाने के कारण नहीं हुआ प्रसूता का इलाज

स्वास्थ्य कर्मियों ने रक्तरंजित प्रसूता की भी नहीं सुनी मिन्नत

ठेलिया पर लाद कर ले जाने को विवश हुआ परिवार
 

त्रिवेदीगंज,बाराबंकी-

सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पर स्टाफ नर्स एवं चिकित्सा अधीक्षक डा० ओमप्रकाश द्वारा प्रसव के बाद प्रसूता से किए गए व्यवहार मानवता को शर्मसार करने वाला है ।

उसके परिजनों के अनुसार उसके के पति राम नरेश ने बताया कि मेरी पत्नी रेखा को अधिक प्रसव पीड़ा थी मैंने 102 नंबर डायल किया सीएससी त्रिवेदी गंज से एंबुलेंस मेरे पैतृक निवास ग्राम पंचायत बेलाहरी मजरे रानी का पुरवा आई प्रसव पीड़िता को लेकर अपनी मां मायावती के साथ सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र त्रिवेदी गंज लेकर जा रहा था कि रास्ते में ग्राम पखरपुर पहुंचते-पहुंचते एंबुलेंस में ही प्रसूता को शिशु का जन्म हो गया अस्पताल पहुंचने पर मौजूदा स्टाफ नर्स ने रजिस्टर पर नाम अंकित करने के लिए ₹1000रू सुविधा शुल्क मांगी।

जिसकी शिकायत चिकित्सा अधीक्षक से की जाने पर चिकित्सा अधीक्षक ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि मैं क्या करूं यहां तक कि खून से लथपथ प्रसूता के परिजनों ने जब प्रसूता के रक्तस्राव को रोकने हेतु कोई उपचार करने और भर्ती करने के लिए स्टाफ से मिन्नतें की तब स्टाफ ने उक्त प्रसूता से जान छुड़ाते हुए उसे उसी अवस्था में घर ले जाने की सलाह दी।और घर वापस जाने के लिए एम्बूलेंस भी नहीं उपलब्ध कराई गई।

एम्बुलेंस सुविधा प्राप्त करने के लिए ₹500 जमा करने को कहा गया।

जिसके चलते परिवारजन उसे ठेलिया पर ले जाने को मजबूर हो गये।आवारा पशु सांड से घायल इलाज कराने आए पूर्व भाजपा मंडल अध्यक्ष त्रिवेदीगंज़ बचान रावत को अस्पताल परिसर में जब इसकी जानकारी मिली तो उन्होंने समस्या के निदान हेतु चिकित्सा अधीक्षक ओमप्रकाश कुरील से कहा कि सरकार की मंशा के अनुरूप रक्तरंजित प्रसूता को तुरंत भर्ती किया जाए।

और 48 घंटे बाद चिकित्सीय परीक्षण के बाद स्वस्थ होने पर उसे अपने गतव्य स्थान पर सरकारी एंबुलेंस से भिजवाने की व्यवस्था किया जाना चाहिए।

जिस पर श्री कुरील ने कहा कि तुम्हारे जैसे मैंने पचासों भाजपा नेता देखें है ।प्रसूता को भर्ती नहीं किया जाएगा जो करना हो कर लेना। सवाल उठता है कि जब केंद्र एवं प्रदेश मे भाजपा की सरकार में भाजपा के नेता की नहीं सुनी जाती है तो और सरकारी आदेशों की खुलेआम धज्जियां उड़ाते हुए चिकित्सा अधीक्षक खुलेआम माखौल उड़ाते हुए अनुसूचित जन जाति उपजाति मंगता के परिवार को भी चंद रुपयों के लालच में भर्ती नहीं किया तो आम जनमानस के साथ अपने कर्तव्यों का निर्वाहन कैसे करते होंगे।

वैसे चिकित्सा अधीक्षक के व्यवहार से क्षुब्ध पूर्व भाजपा मंडल अध्यक्ष रावत ने कहा है कि डॉक्टर के कृत्य से मुझे ही नहीं सभी को दुख है मैं संबंध में घटित हुई घटना को क्षेत्रीय सांसद उपेंद्र सिंह रावत भाजपा के पूर्व विधायक व कद्दावर नेता पंडित सुंदरलाल दीक्षित विधायक बैजनाथ रावत को साथ लेकर प्रदेश के मुख्यमंत्री माननीय योगी आदित्यनाथ एवं स्वास्थ्य मंत्री के समक्ष उक्त प्रकरण की उच्च स्तरीय जांच करवा कर दोषी जनों के विरुद्ध कठोर कार्रवाई की मांग करूंगा यदि समय रहते कार्रवाई न हुई तो मजबूर होकर मुझे मुख्य चिकित्सा अधिकारी बाराबंकी के कार्यालय पर अपने ही सरकार में धरना प्रदर्शन करने में भी गुरेज नहीं करूंगा अब देखना यह होगा कि आकंठ भ्रष्टाचार में सराबोर चिकित्सा अधीक्षक के विरुद्ध शासन प्रशासन का अगला कदम क्या होगा?

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