जैन समाज ने दशलक्षण पर्व के अवसर पर निकाली शोभायात्रा

जैन समाज ने दशलक्षण पर्व के अवसर पर निकाली  शोभायात्रा

टिकैतनगर बाराबंकी
जैन समाज के दशलक्षण पर्व के समापन पर जैन समाज द्वारा भव्य शोभायात्रा निकाली गई। शोभा यात्रा जैन मंदिर से निकलकर नगर के विभिन्न जगहों पर समाज के व्यक्तियों ने श्रीजी की आरती कर पूजा की। शोभायात्रा लोगो ने भजन व नृत्य किया। समाज की परंपरा अनुसार पुरुष सफेद वस्त्र, केसरिया टोपी में वहीं महिलाएं पीले वस्त्र में थीं। आखिर में शोभायात्रा दिगंबर जैन मंदिर पहुंची। जहां पूजा -अर्चना के साथ अभिषेक किया गया। शांतिधारा माता जी ने कराई। जैन मंदिर पर दरियाबाद विधायक सतीश चंद शर्मा व चेयरमैन जगदीश प्रसाद गुप्ता ने पहुंचकर आर्यिका ज्ञानमती माता का आशीर्वाद प्राप्त किया।

यहां पर माता ज्ञानमती ने विधायक सतीश चंद शर्मा को अपने द्वारा रचित ग्रंथ को भेंट किया।। इसके अलावा कैलाश चंद जैन हेम चंद जैन अतुल चंद जैन निदेश जैन ने विधायक का स्वागत किया।विधायक ने कहा की हम सब लोगों के लिए यह गौरव की बात है की टिकैतनगर की धरती पर आदरणीय माता जी का जन्म हुआ है यहां के लोग और हम सभी अपने आप को धन्य मानते हैं कि आप के सानिध्य में टिकैतनगर ही नहीं पूरा देश आप की जन्मस्थली के नाम से इस टिकैतनगर को जानते हैं हमारा सौभाग्य है कि हम आपके दर्शन का लाभ ले रहे हैं ।

प्रवचन में आर्यिका ज्ञानमती माता ने कहा किमनुष्य का लक्ष्य है एक स्थायी सत्ता, जिसके नहीं होने से कर्म स्थायी नहीं हो सकता है। कोई मनुष्य यदि कुछ स्थायी करना चाहता है, कोई नई चीज बनाना चाहता है और समाज का कल्याण करना चाहता है तथा मनुष्य के रूप में जीवन में जो चाहा है, उसे अगर प्रतिष्ठित करना चाहता है, तब उसे आध्यात्मिक जीवन में प्रतिष्ठित होना ही होगा। भक्ति और प्रेरणा को छोड़ कर मनुष्य कुछ भी कर नहीं सकता।जीवन का वास्तविक लक्ष्य आध्यात्मिक हुए बिना नहीं पाया जा सकता। और इसके लिए भक्ति चाहिए। भक्ति के लिए कर्म करना पड़ेगा।

अगर आप इस दिशा में आगे बढ़ते हैं, तो परमात्मा आपकी मदद जरूर करेंगे।रविंद्र कीर्ति स्वामी ने कहा कि जैन धर्म में त्याग और तप का विशेष महत्व है। जैन धर्म के मुनि और आर्यिकाएं आज भी सर्व समाज को त्याग और अहिंसा के पथ पर चलने के लिये प्रेरित करते हैं। समाज के लोगों को मुनियों की बातें ध्यान से सुनकर अपने आचरण में लाना चाहिए। अरुण कुमार जैन पारस जैन कालिका प्रसाद तिवारी, द्रगपाल सिंह, प्रदीप द्विवेदी, कैलाश चंद जैन, राजन जैन, आदि लोग मौजूद रहे।

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