भगवान धन्वंतरि की पूजा अर्चना कर स्वस्थ समाज की प्रार्थना की

भगवान धन्वंतरि की पूजा अर्चना कर स्वस्थ समाज की प्रार्थना की

कार्तिक कृष्ण पक्ष की त्रयोदशी तिथि के दिन भगवान धन्वन्तरि का जन्म हुआ था इसीलिए इस तिथि को धनतेरस या धनत्रयोदशी के नाम से जाना जाता है, आज राष्ट्रीय "आयुर्वेद दिवस" के रूप में घंटाघर स्थित श्री मनोहर दास पदम कुमार जैन ( वैद्यनाथ भवन ) के प्रतिष्ठान पर यह दिवस हर्षोल्लास के साथ मनाया गया इस कार्यक्रम की शुरुआत शरद कुमार जैन एवं डॉ एस विशाल वर्मा द्वारा दीप प्रज्वलित कर की गई जिसमें जिले भर से आए हुए वैद्यो ने भगवान धन्वंतरि की पूजा अर्चना कर स्वस्थ समाज की प्रार्थना की

इस अवसर पर उपस्थित वैद्यों ने अपने-अपने विचार आयुर्वेद पर व्यक्त किए जिसमें वैद्यौ ने बताया कि भगवान धन्वंतरि जी समुद्र मंथन के वक्त समुद्र  से अमृत से भरा कलश लेकर अवतरित हुए थे अर्थात निरोगी स्वस्थ समाज ही असली समृद्ध समाज की निशानी है आज का यह पर्व रोग रहित निरोगी स्वास्थ्य जीवन की कामना का महापर्व है  रज्जाकपुर के वैद्य एस विशाल वर्मा ने कई विलुप्त होती जड़ी बूटियों पर वैद्य समाज से इसे संरक्षित कर भावी पीढ़ी हेतु  उपलब्धता की सुगमता पर विचार रखें  डॉ नरेश वर्मा ने मानव शरीर पर औषधियों के प्रयोग के साथ-साथ पंचकर्म व योगा के प्रयोग पर अपने अनुभव व विचार साझा किए

डॉ एन के चौधरी ने पीपल के कोमल पत्तों से हृदय चिकित्सा प्रयोग की अत्यंत सरल विधि बताई डॉ यू डी मिश्रा ने बताया कि घीक्वार का सेवन अगर रोज किया जाए तो जोड़ों का दर्द, पेट संबंधी बीमारी एवं बालों की बीमारी से राहत मिलती है डॉ अनूप ने डेंगू के रोग पर पपीते की पत्ती के रस को काफी लाभदायक बताया  इस समारोह में डॉ आशीष वर्मा, डॉ अवस्थी जी, डॉ नवदीप वर्मा, डॉ विक्रम, डॉ अमित, डॉ रजनीश,  डॉ वीरेंद्र श्रीवास्तव, डॉ आरके वर्मा, सोनू, नीलू ,देवांशी, वैभवी, शुभी, प्रासुक आदि समारोह में उपस्थित रहे 

 समारोह के अंत में मनोहर दास पदम कुमार जैन प्रतिष्ठान के प्रबंधक द्वारा आए हुए वैद्यों के स्वागत के साथ प्रसाद वितरित करते हुए शरद कुमार जैन ने आज के कार्यक्रम की सफलता पर धन्यवाद प्रकट किया

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