शिकायत करना पड़ा महँगा, शिकायत कर्ता को गोली मारकर हत्या

शिकायत करना पड़ा महँगा, शिकायत कर्ता को गोली मारकर हत्या

विकास योजनाओं की जांच में हो रहा खूनी खेल

विक्रमजोत,बस्ती -

विकासखंड क्षेत्र के ग्राम पंचायत मैं सरकार की महत्वाकांक्षी योजनाओं की प्रगति भ्रष्टाचार और कागजों की भेंट चढ़ गई है ब्लॉक के दो दर्जन  ग्राम  पंचायतों में जहां बड़े पैमाने पर वित्तीय अनियमितता और फर्जी काम दिखा और भुगतान करा लेने के मामले में जांच पड़ताल चल रही है।

वही सत्ता और जनप्रतिनिधियों की कमजोरी बन चुके ग्राम प्रधान सियासत सियासत की गोद में बैठ कर सरकारी धन को पचाने में लगे है।

बानगी के तौर पर सोशल ऑडिट टीम विक्रमजोत ब्लॉक  के आदित्य जयंत कुमार मिश्रा इस संदर्भ में बताया कि विक्रमजोत के 60 फीसद ग्राम पंचायतों की ऑडिट पिछले 4 वर्षों से नहीं कराई गई जब भी सोशल ऑडिट टीम ग्राम पंचायतों के कार्यवाही रजिस्टर आर्यन रजिस्टर और जरूरी दस्तावेजों की मांग करती है तो ग्राम प्रधान व सचिवों द्वारा टाल दिया जाता है जिससे ग्राम पंचायतों के आय व्यय विवरण का सत्यापन नहीं हो पाता और ग्राम प्रधान वा ग्राम पंचायत अधिकारी धोखाधड़ी पर धोखाधड़ी करते जाते हैं।

ग्राम पंचायतों की शिकायतों  का नहीं होता निस्तारण

केंद्र और प्रदेश सरकार ने विकास परियोजनाओं  का डिजिटलीकरण करके ब्लॉक स्तरीय व्यवस्था को अधिक पारदर्शी बना दिया है।

जिससे जागरूक लोगों को पंचायत मैं सरकारी धन का इस्तेमाल की जानकारी मिल जाती है प्रधान और सचिव किन्हीं भगत से हो रहे गोलमाल की शिकायत जब लाख अथवा तहसील स्तरीय अधिकारियों से की जाती है तो जांच में आए अधिकारी विभागीय पक्ष और व्यक्तिगत लाभ के चलते प्रभावी कार्यवाही नहीं करते फलस्वरूप प्रधान और विभागीय अधिकारी शिकायतकर्ता के दुश्मन बन जाते हैं रामस्वरूप सच्चाई की आवाज उठाने वाले तमाम परेशानियों का सामना करना पड़ता है।

कभी-कभी तो जान से भी हाथ धोना पड़ता है उदाहरण के तौर पर विकासखंड के दरमियां ग्राम पंचायत में प्रधानमंत्री आवास के नाम पर हुई धांधली और वसूली की 2 वर्षों से चल रही जांच मैं कार्रवाई तो हुई नहीं लेकिन शिकायतकर्ता ओम प्रकाश वर्मा मक्खन चौधरी खमरिया चौराहे पर उनके दुकान के सामने दिनदहाड़े गोली मारकर हत्या कर दी गई।

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