कहां गए बाल श्रम के ठेकेदार जिन मासूमों के हाथों में होनी चाहिए किताबें उनके हाथों में हैं झूठे बर्तन

कहां गए बाल श्रम के ठेकेदार जिन मासूमों के हाथों में होनी चाहिए किताबें उनके हाथों में हैं झूठे बर्तन

बीसलपुर- जहां एक तरफ उत्तर प्रदेश व केंद्र सरकार शिक्षा के स्तर को बढ़ावा देने के लिए भरकस प्रयास कर रही है और तरह तरह  से अभियान चलाकर बच्चों को स्कूल में प्रवेश कराने के लिए प्रयास कर रही है।

लेकिन जब देखा जाए तो अधिकांश मासूम  जिनके हाथों में किताब  होनी चाहिए आज उनके हाथों में जूठे बर्तन है और वह होटल पर व भट्टो पर बाल श्रम मजदूरी कर रहे हैं जिन मासूमों की उम्र 6 वर्ष से 10 वर्ष है वह भट्टो तथा होटलों पर छह सौ  800 सौ  हजार रुपए पर मजदूरी कर रहे हैं

और अपने मां-बाप का भरण पोषण कर रहे हैं लेकिन इन मां-बाप को यह नहीं मालूम है कि इतनी कम पैसों में उनका क्या होगा और बच्चों के भविष्य से खिलवाड़ कर रहे हैं।

जबकि सरकार निशुल्क शिक्षा निशुल्क ड्रेस किताबें जूते मौजे सब कुछ उपलब्ध करा रही है तथा एमडीएम में भोजन भी खिला रही है लेकिन फिर भी इन मासूमों से झूठे बर्तन क्यों धुलाबाये जा रहे हैं इस प्रकरण में दुकानदार व पिता दोनों  दोषी हैं  इन पर कार्रवाई होना अत्यावश्यक है होटलों व ईट भट्टा बाले बाल श्रम करा कर  कानून की  रहे धज्जियां,उडा रहे हैं 

बीसलपुर नगर व ग्रामीण क्षेत्र में यह बाल श्रम मजदूरी जमकर चल रही है उत्तर प्रदेश सरकार बाल श्रम पर रोकथाम लगाए हुए हैं वह दूसरी तरफ कई जगह पर होटल एवं ईंट भट्टों पर यह दस्तूर अभी जारी है जहां प्रदेश सरकार की कोशिश है।

कि बच्चे स्कूल जाए और पढ़ाई-लिखाई करें वही तहसील बीसलपुर के तमाम होटलों और   ईट भट्टों पर लगातार  बाल श्रम खुलेआम होकर सरकार की धज्जियां उड़ाई जा रही है।

  कुछ ऐसे होटल है जहां कमरों में  मासूम  बच्चों से  बर्तन विस्तार भी लगबाये जाते हैं जहां एक तरफ होटल पर लोग दारू पीते हैं वह दूसरी तरफ उसी होटल पर उन बच्चों से बर्तन साफ करबाते है यह सब देख कर उनका भविष्य कैसा होगा इसका अनुमान लगा सकते हैं

लेकिन इसे देखने वाला कोई भी अधिकारी नहीं है और न ही अभी कोई अधिकारी इसे देखने आया है  नगर के गुप्ता जी के होटल पर 14 वर्ष का मासूम बाल श्रम का शिकार हो रहा है।

 होटल मालिक इन मासूमों से  सुबह 8रू00 बजे से लेकर रात्री 11रू00 बजे तक काम कराते हैं और भी ऐसे ही बीसलपुर में कई होटल है जहां 10 से 16 बरस के बीच के बच्चों से काम कराया जाता है।

इतना ही नहीं यह होटल वाले और प्रेशर और ईट भट्टे वाले कई बरसों से प्रदेश सरकार के नियमों का उल्लंघन कर रहे हैं क्या इन मासूमों पर बाल श्रम विभाग की कभी भी नजर नहीं पड़ेगी और यह मासूम इसी तरह इन होटल स्वामी भट्टा मालिकों के शिकार होते रहेंगे

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