सरकारी अस्पताल में तैनात नहीं है महिला डाक्टर

  सरकारी अस्पताल में तैनात नहीं है महिला डाक्टर
  • महिलाओं को इलाज कराने में उठानी पड़ रही है भारी दिक्कते
  • स्वास्थ्य विभाग की लापरवाही के कारण अभी तक नहीं की गई महिला डाक्टर की तैनाती

  बीसलपुर के सरकारी अस्पताल में लगी मरीजों की भीड़।

बीसलपुरः- गर्मी बढ़ते ही अस्पताल में वैसे ही मरीजों की संख्या में इजाफा होने लगा है। मौसम ने करबट लेने के बाद अपना रूख बदल दिया है। जिससे अस्पताल में मरीजों की संख्या दिन प्रतिदिन बढ़ती जा रही है।

उल्टी, दस्त, पेट दर्द सहित तमाम तरह की बीमारियों ने अपने पैर पसार लिए हैं। वहीं अस्पताल में महिला डाक्टर कई महीने नहीं आती। जिसके कारण महिलाओं को इलाज के लिए इधर उधर भटकना पड़ रहा है।


बीसलपुर में गर्मी बढ़ते ही मरीजों से अस्पताल खचाखच भरने लगा है। इस समय अस्पताल में बुखार, डायरिया, खासी, जुकाम, एलर्जी, मलेरिया, टाइफाइड आदि बीमारियों से जूझ रहे मरीजों की संख्या बढ़ती जा रही है। वहीं अस्पताल में मरीजों के इलाज के नाम पर सिर्फ खानापूर्ति ही की जा रही है।

वहीं अस्पताल की दवा के कक्ष में मरीजों की सुबह से लाइन लगनी शुरू हो जाती है और पूरे दिन मरीज दवाई लेने के लिए कतार में खड़े दिखाई देते हैं। कुछ मरीज अस्पताल का समय हो जाने के बाद बिना दवा लिए बगैर ही घर मायूस होकर लौट जाते हैं। वहीं डाक्टरों की कमी होने के कारण कई मरीजों को दवा नहीं मिल पाती है। खासकर महिलाओं में अधिक बीमारियां उत्पन्न हो रही हैं। अस्पताल में कोई महिला डाक्टर तैनात नहीं है।

 

जिसके कारण महिलाओं को इलाज नहीं मिल पा रहा है। महिलाए अस्पताल में दवा लेने तो आती है, लेकिन दवा लिए बगैर ही अस्पताल से चली जाती है। इसका मुख्य कारण यह है कि स्वास्थ्य विभाग की लापरवाही के कारण अस्पताल में महिला डाक्टर तैनात नहीं की गई। जिससे मरीजों को बड़ी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। जबकि सरकार द्वारा स्वास्थ्य विभाग पर करोड़ों रुपया खर्च किए जा रहे हैं। इसके बाद भी स्वास्थ्य विभाग अपने कर्तव्यों का पालन करता दिखाई नहीं दे रहा है।

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