देश प्रेम वीर जवानों का जो ,देश पर फूल नहीं अपना शीश चढ़ाते हैं

  देश प्रेम वीर जवानों का जो ,देश पर फूल नहीं अपना शीश चढ़ाते हैं

            लेखक मान सिंह नेगी 

मिश्रा जी जानते हैं, आज सबको बता देना चाहते हैं।

 

हम भारतीय अच्छी तरह जानते एव समझते हैं।

गीदड़ को कैसे काबू किया जाता है? 

 

मिश्रा जी ने पांडे जी से कहा यह कहावत पूरी कीजिए जो गरजते हैं वह.................... नहीं।

 

 

यह बात पूरा भारत अच्छी तरह जानता एव समझता है।

 

हम भारतीयों ने जब चाहा तब इन गीदड़ भबकिया देने वालो को।

 

हर बार धूल चटाई है।

 

हर बार इन्हें मुंह की खानी पड़ी है।

 

चाहे वह कारगिल युद्ध हो या पुलवामा।चाहे वह पुलवामा हो या बाराकोट।

 

हमारे भारतीय जवानों ने हर बार इनके दांत खट्टे किए हैं।

 

आज कश्मीर  से धारा 370,  35a हटाने पर। बेवजह अपनी टांग फसा रहा है, पाकिस्तान।

 

भारत में ही कश्मीर को अपना अभिन्न अंग बनाया था।

 

भारत ने ही कश्मीर को विशेष दर्जा दिया था

 

भारत ने ही उस विशेष दर्जे को रद्द कर दिया।

 

इसमें पाकिस्तान के प्रधानमंत्री इमरान खान को बौखलाने की क्या आवश्यकता है?  

 

भारतीय पाकिस्तान की गीदड़ भवकियो से डरने वालों में से नहीं है।

 

यदि वह कश्मीर में हंगामा करना नहीं छोड़ते हैं।

 

आतंकवाद से बाज नहीं आते हैं।

 

 हम उन्हें याद दिला दें यदि वह भूल गए हो।

 

 भारत देश  

 

झांसी की रानी का देश है!  महाराणा प्रताप का देश है!  चंद्रशेखर आजाद का देश है!  लाला लाजपत राय का देश है!  सरदार बल्लभ भाई पटेल का देश है! 

वीर शिवाजी का देश है!  

 

इस देश पर भारतीय जवानों ने वीर अनगिनत भारतीय जवानों ने अपनी शहादत दी हैं।

 

बावजूद इसके आप लोग गीदड़ भवकिया देने से बाज नहीं आते।

 

यदि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी एव राजनाथ सिंह ने कहा है।

 

हम पीओके भी लेकर रहेंगे तभी बातचीत संभव है।

 

इस बयान से स्पष्ट संदेश जाता है. हम यदि बातचीत करेंगे तो पीओके लेकर रहेंगे पीओके पर ही बातचीत होगी।

 

पाकिस्तान यह भी अच्छी तरह समझ ले

 

उठाएगा जो हाथ हमारे देश की तरफ उसे तोड़ देंगे।

घुरेगी जो आंख हमारे देश की तरफ उसे फोड़ देंगे।

दांत जो पीसेगा हमारे देश के लिए उसे उखाड़ देंगे।

जो जुबान जहर उगले गी हमारे देश के लिए उसे खीच लेंगे।

 

याद रहे यह देश है, वीर जवानों का जो देश पर फूल नहीं अपना शीश चढ़ाते हैं।

 

देकर नारा भारत माता का कारगिल जैसे शिखर पर फतेह फहराते हैं।

 

यह देश है, वीर जवानों का, अलबेलों का, मस्तानों का।

 

यहाँ दोस्ती पर खीर भी खिलाई जाती है। 

 

दुश्मनी पर दुश्मनों को अपना लोहा भी मनवाया जाता है।

 

हम भारतवासी वह नहीं जो बोलने पर विश्वास करें।

 

हमारे दिल में कुछ नया कर गुजरने की आग सदैव बनी रहती है।

 

हम भारतीय कुछ कर गुजरने में ही विश्वास करते हैं।

 

कह कर मुकर जाना गरज कर शांत हो जाना यह स्वभाव नहीं हमारा।

 

 हमने आंधियों में भी दीपक जलाए हैं।

 

हमने बंजर मे भी फूल खिलाए हैं।

 

ना गरज तू पाकिस्तान इतना फट जाएगा क्रोध का बारूद हमारा।

 

पाकिस्तान ना गरज इतना हमारे क्रोध का सैलाब तुम्हें नेस्तनाबूद कर जाएगा।

 

कह लो तुम यह हक है तुम्हें। ईट का जवाब पत्थर से देंगे।

 

यही तुम्हारी अशिष्टता से भरा व्यवहार है।

 

इसलिए आज हर मुस्लिम देश भी कर रहा किनारा तुमसे।

 

ना दिया साथ तुम्हारा अमेरिका ने ना दिया साथ तुम्हारा यूएन ने हर तरफ से मिली निराशा तुम्हें।

 

कैसा सम्मान हुआ था विदेशी भूमि में तुम्हारा यह भी देखा सब ने फिर भी  रस्सी जल गई बल ना गया तुम्हारा? 

 

जिस अफरीदी के  छक्के छुड़ाए थे।कपिल देव ने वह सब तुम भूल गए।

 

ईट पत्थर की बात ही छोड़ दो कांप उठेगा दिल तुम्हारा जो बज  गई, जो सज गई रणभेरी हमारी।

 

हम इस काबिल नहीं छोड़ेंगे ईट का जवाब पत्थर से दे सको।

 

हमारी एक-एक ईट ही परमाणु बम पर भारी है।

 

हम आ जाएं जो अपनी करनी पर बिखेर देंगे तेरे अभिमान को बालू समझ कर।

 

ईट का जवाब पत्थर से तुम तक दोगे जब हमारे जवान तुम्हें जवाब देने के लिए छोड़ेंगे।

 

ना कर गुमान अपने पर इतना सिमट कर रह जाएगा सिर्फ नक्शे पर पाकिस्तान निशान तेरा।

 

संभल जा अभी  जरा बातों से संभल जा समझा रहे हैं।

 

वरना ईट पत्थर बारूद हमारे बचपन के खिलौने हैं।

 

जिनकी तू हमें  दे रहा धमकियां।

 

उन्हें हम जेब में रखे रहते हैं। जब चाहे तब इस्तेमाल किया।

 

जैसे आप ने भी एक फिल्म का डायलॉग सुना होगा।

 

कातिया कुत्तों को पालना बंद कर दे।

 

कुत्तों का सहारे पर रहना छोड़ दे। 

 

तुम एक मारोगे हम 10 मारेंगे। तुम सीमा पर मारोगे हम घर घर में घुस कर मारेंगे।

 

जय जवान जय किसान। 

 

जय हिंद जय हिंद जय हिंद।

 

एम एस एन विचार भारत देश में बच्चे देश प्रेम मां की कोख से ही लेकर जन्म लेते हैं।

जय हिंद जय हिंद जय हिंद

इतिश्री

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