जल निकासी न होने से दर्जनों गाँव के ग्रामीणो का हुआ जीना दुसवार

जल निकासी न होने से दर्जनों गाँव के ग्रामीणो का हुआ जीना दुसवार

                   रिपोर्टर - उमेश दुबे

भदोही -

जिले में चार दिन लगातार हुई मूसलाधार बारिश से जनजीवन बुरी तरह प्रभावित हुआ है भले ही अब बारिश बंद हो गई हो फिर भी ग्रामीण इलाको में रहने वाले लोगो की मुश्किलें कम नहीं हो रही है।

जिले के कई गाँवो में पानी भरा हुआ है जिससे फसलों से लेकर सड़के और घरो में पानी भर गया है बड़ी संख्या में कच्चे मकान टूटकर गिर रहे है।

 जिले केपिपरीस,जौहरपुर ,पूरेदीवान ,पूरेटीका ,पर्वतपुर ,जखाव, समेत 10 से ज्यादा गांव पानी से घिर गए है और जल निकासी की व्यवस्था नही होने से गाँव का पानी नही निकल पा रहा है जिससे इन गाँवो की सड़के ,खेत,मकान पानी से डूबी है लोगो के घरो के अंदर तक पानी पहुँच गया है।

गाँव के ग्रामीण पर्वतपुर निवासी रामबली यादव,खेतल पाल,अनिल,राजाराम सरोज,राजेन्द्र पाल,लोहरा निवासी बृजेश मौर्या समेत ग्रामीणों ने कहा कि इन गाँवो का एक ही बाहे से पानी निकलता था जिससे अब पानी की निकासी नहीं हो रही है।

हाईवे के चौड़ीकरण के दौरान एक निजी कम्पनी उक्त बाहा में पतला पाइप लगाकर अपने कम्पनी का पानी निकालने के लिए पूरे बाहा के रूप को समाप्त कर दिया है।

जबकि इसी बाहे से गावो में लगे वर्षात का पानी गुजरकर झिरियापुल से गंगा जी मे मिलता था जो अब समाप्त हो चुका है।

ग्रामीणों ने जब इस बाबत जिलाधिकारी से मदद की गुहार लगाई जिसके बाद मौके पर औराई एसडीएम ज्ञान प्रकाश यादव पहुंचे उन्होंने बताया की अभी वैकल्पिक व्यवस्था कराई जा रही है हाईवे के किनारे खुदाई कराकर पानी निकलवाया जायेगा और कालीन कम्पनी द्वारा निर्माण की शिकायत आई है उस पर जाँच के बाद ही कुछ कहा जा सकता है।

उक्त मामले में वैकल्पिक नाला खुदाई करवा देने के बाद भी पानी की निकासी पर्याप्त नही होने और नाले की मिट्टी के बार बार दरक जाने से अजीज हो चुके ग्रामीण स्वयम फावड़ा लेकर वैकल्पिक नाले में दरक दरक कर गिर रहे मिट्टी के ढूहों को निकालते रहे और जिला प्रशासन पर अपनी नाराजगी जताते रहे।

आरोप लगाया कि प्रशासनिक अधिकारी झिरियापुल तक ही पहुच रहे है पीड़ित गावो तक पहुचकर ग्रामीणों के समक्छ व्याप्त गम्भीर समस्या को लेकर संवेदनशील नही है।

ग्रामीणों की मांग है कि आज प्रशासन किसी भी प्रकार वैकल्पिक व्यवस्था करवाकर अगर पानी निकलवा भी देगा तो भी ग्रामीणों की समस्या भविष्य में बरकरार रह जाएगा ऐसी स्थिति में चाहे निजी कम्पनी उक्त बाहे में मोटा पाइप डलवाकर ग्रामीणों की समस्या से निजात दिलवाए या जिला प्रशासन निजी कम्पनी के द्वारा मनमाफिक कब्जा कर लिए गए बाहा की जांच करवाकर उसे खुद बनवाये ताकि ग्रामीणों के समक्छ भविष्य में इतनी बड़ी परेशानी न खड़ी हो।

वही निजी कम्पनी के मैनेजर की माने तो राष्ट्रीय राजमार्ग के लोग बाहा को अपने नाले से नही मिलाने दिए जिससे उक्त समस्या बनी है।

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