भदोही की बड़ी खबरे

भदोही  की बड़ी खबरे

महिलाओं का उत्पीड़न किसी भी दशा में बर्दाश्त नही-अंजु चौधरी 

भदोही । महिलाओं का उत्पीड़न किसी भी दशा में बर्दाश्त नही किया जायेंगा। महिलाओं की सुरक्षा और संरक्षण के लिए प्रदेश सरकार संकल्पबद्ध है। उक्त विचार महिला आयोग की उपाध्यक्ष  अंजु चौधरी ने व्यक्त किया।

राजकीय गेस्ट हाउस ज्ञानपुर में महिला उत्पीड़न की समस्याओं को सुनने के बाद अधिकारियों को सम्बोधित कर रही थी। उन्होने कहा कि पीड़ित महिला के आने पर उसकी समस्या को गम्भीरतापूर्वक सुना जाय तथा कानून की दायरे में हर सम्भव मदद किया जाय। 

उन्होने कहा कि अधिकतर महिलाए पती, सास-ससुर एवं ननद से पीड़ित है। उनके परिवार के सदस्यों को परिवार परामर्श केन्द्र बुलाकर काउंसलिंग की जाय। यदि समस्या फिर भी नही सुलझती है तो उचित धारा में मुकदमा दर्ज किया जाय। जनसुनवाई में कुल 17 मामले प्राप्त हुए जिनमें मौक पर ही 07 प्रार्थना पत्रों का निस्तारण कर दिया। इसमें पीड़ित महिलाओं ने अपनी समस्या रखा जिसे सुनकर महिला आयोग की सदस्या ने उचित कार्यवाही के लिए निर्देश दिया है। अंजु चौधरी ने महिलाओं की समस्याओं के निस्तारण के लिए 1090 तथा 181 नम्बर संचालित है। इसके अलावा 100 नम्बर पर डायल कर पुलिस की मदद ली जा सकती है। उन्होने बताया कि महिलाओं के भर पोषण के लिए प्रोबेशन कार्यालय से दी जाती है।

अधिकारियों को चाहिए कि वे इन योजनाओं का लाभ पीडित महिलाओं को दिलाये। उन्होने कहा कि प्रदेश सरकार ने कन्या शुमंगला योजना लागू किया है जिसे मा0 मुख्यमंत्री जी आगामी 23 अगस्त से शुरू हो गया है। इसके अन्तर्गत बच्ची के जन्म से लेकर स्नातक तक कुल 15000 रूपये दिये जायंेगे। यह लाभ एक परिवार में दो लडकियों तक मिलेगा। परिवार की आय 03 लाख रूपये से अधिक न हो। इसका लाभ गोद ली गयी लडकी को भी मिलेगा। उन्होने जनसुनवाई के बाद जिला जेल में महिला बन्दी गृह तथा महाराजा चेतसिंह जिला चिकित्सालय ज्ञानपुर का निरीक्षण के दौरान चिकित्सा परिसर में साफ-सफाई तथा पानी की उपलब्ध के लिए सी0एम0एस0 को निर्देश दिया। तत्पश्चात् महिला स्वधार गृह गोपीगंज का निरीक्षण किया। 

 जन सुनवायी के दौरान सीओ औराई, महिला थानाध्यक्ष, प्रोबेशन अधिकारी, समाज कल्याण अधिकारी तथा हेल्प लाईन 181 की महिला सदस्य उपलब्ध रही।

 

 जिलाधिकारी ने कोतवाली का किया औचक निरीक्षण 

ज्ञानपुर। दोपहर 12 बजें कोतवाली का निरीक्षण किया गया, कोतवाली निरीक्षण के दौरान श्री मौर्या, थानाध्यक्ष भैया छविनाथ सिंह, कोतवाली के अन्दर संख्या में दो पाहिया एवं चार पहिया वाहन खड़े होने पर इसमें से कुछ लावारिस है। एस0डी0एम0 ज्ञानपुर से सम्पर्क कर निस्तारण कराने का निर्देश जिलाधिकारी ने दिया। मुकदमा वादी वाहनो को भी वाद निस्तारण कराये। कोतवाली के निरीक्षण के दौरान उप निरीक्षक के आवास नही है। प्रस्ताव मुख्यालय में आख्या बैरक फार्मा निष्प्रोज्य घोषित हो चुकी है। निस्तारण कराकर नया बैरक बनाने का प्रस्ताव की किया जाय। बन्दीगृह के निरीक्षण के दौरान पुरूष बन्दी गृह खाली है, महिला बन्दी गृह में स्टोर का समान रखने पर थानाध्यक्ष को निर्देश दिया कि इसे जल्द से जल्द खाली कराया जाय। उन्होने निरीक्षण के दौरान उपस्थिति रजिस्टर, त्योहार रजिस्टर, समाधान दिवस रजिस्टर, महिला उत्पीड़न रजिस्टर, तहसील समाधान दिवस रजिस्टर, माल वसूका रजिस्टर, माल मुकदमा रजिस्टर, अपराध रजिस्टर, रजिस्टर नम्बर-8, तथा थाना परिसर की साफ-सफाई परिसर का कार्य अच्छी पायी गयी एवं अवलोकन कर संतोष व्यक्त किया।

 

विकास कार्याे की समीक्षा बैठक का हुआ आयोजन 

ज्ञानपुर। जिलाधिकारी राजेन्द्र प्रसाद की अध्यक्षता में विकास कार्याे की समीक्षा बैठक कलेक्टेªट सभागार में आयोजित की गयी। जिलाधिकारी ने कहा कि विकास, कल्याण, निर्माण, स्वास्थ्य आदि से जुड़े अधिकारी अपने-अपने विभागीय कार्याे को समय से पूरा करने हेतु कार्यवाही करे तथा इन कार्याे में एक निश्चित समयसारणी बनायी रखी जाय। संबंधित अधिकारी रिपोर्टिंग के समय भी इसका ध्यान दे। विकास और कल्याण की रिपोटिंग प्रत्येक सप्ताह की जायेंगी तथा उसकी सूचना प्रेषित भी की जायेंगी। जिलाधिकारी द्वारा विकास के कार्यक्रम तथा मुख्यमत्री के प्राथमिकता के कार्यक्रमों को पूरा करने के निर्देश दिये। इसमें मुख्य रूप से स्वच्छ भारत मिशन, आयुष्मान भारत, प्रधानमंत्री/मुख्यमंत्री आवास, सामुहिक विवाह योजना, पेंशन योजना, खाद्य सुरक्षा, पेयजल परियोजनाए, रोड़ एवं आवास निर्माण, फसल बीमा योजना, टीकाकरण, स्वास्थ्य परीक्षण, गन्ना भुगतान, नलकूपों के माध्यम से पानी की उपलब्धता, खाद-बीजों की उपलब्धता, किसानों से संबंधित कार्यक्रम, बच्चों एंव किशोरियों के स्वास्थ्य परीक्षण, गर्भवती महिलाओं के स्वास्थ्य परीक्षण आदि प्रमुख है। जिलाधिकारी राजेन्द्र प्रसाद ने ब्लाक स्तर पर भी आवश्यक बैठक आयोजित करने हेतु निर्देश दिया तथा यह भी कहा कि अधिकारी फिल्ड़ों में भ्रमण करे और अपने कार्यालयों में बैठक कर मौके पर जनता का निराकरण भी करे। 

 इस बैठक में मुख्य विकास अधिकारी विवेक त्रिपाठी ने बिन्दुवार विकास, कल्याण, निर्माण आदि कार्याे की जनपद स्तरीय अधिकारियों, ब्लाक स्तरीय अधिकारियों एवं कार्यदायी संस्थाओं के अधिकारियों के साथ समीक्षा किया। विद्युत विभाग द्वारा शहरी क्षेत्रों में 24 घण्टा, तहसील क्षेत्रों में 20 घण्टा तथा ग्रामीण क्षेत्रों में 18 घण्टा विद्युत आपूर्ति बनाये रखने हेतु विद्युत विभाग के अधिकारियों से अपेक्षा की गयी। 

इस अवसर पर मुख्य विकास अधिकारी विवेक त्रिपाठी, मुख्य चिकित्साधिकारी डॉ0 लक्ष्मी सिंह, एस0डी0एम0 ज्ञानपुर कविता मीना, जिला परियोजना निदेशक मनोज कुमार राय, जिला विकास अधिकारी जयकेश त्रिपाठी, जिला अर्थसंख्याधिकारी संतोष कुमार, जिला पूर्ति अधिकारी, एवं अन्य जनपद स्तरीय अधिकारी एवं ब्लाक स्तरीय अधिकारी उपस्थित थे।

 

शिक्षक सम्मान समारोह कार्यक्रम का  दिखाया जाएगा लाईव प्रसारण  

ज्ञानपुर। बीएसए एवं डीआईओएस शिक्षक सम्मान दिवस को देखने हेतु समस्त माध्यमिक विद्यालयों, महाविद्यालयों एवं विश्वविद्यालयों में लाईव प्रसारण की व्यवस्था करायें- जिलाधिकारी राजेन्द्र प्रसाद

जिलाधिकारी राजेन्द्र प्रसाद ने अवगत कराया है कि 05 सितम्बर 2019 को शिक्षक दिवस के अवसर पर शिक्षा के क्षेत्र में उल्लेखनीय योगदान के क्रम में उच्च शिक्षा विभाग द्वारा सरस्वती सम्मान एवं शिक्षक श्री सम्मान तथा माध्यमिक शिक्षा विभाग द्वारा राज्य अध्यापक पुरस्कार व मुख्यमंत्री अध्यापक पुरस्कार  से शिक्षकों को सम्मानित किये जाने हेतु, शिक्षक सम्मान समारोह का आयोजन लोक भवन 15 विधान सभा मार्ग लखनऊ में किया जा रहा है, जिसमें  मुख्यमंत्री जी मुख्य अतिथि के रूप में प्रतिभाग करेगें तथा इस कार्यक्रम की अध्यक्षता  राज्यपाल द्वारा की जायेगी और इस कार्यक्रम का सजीव प्रसारण पूर्वान्ह 11.30 बजे से डी0डी0 उत्तर प्रदेश पर किया जायेगा। उन्होने जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी तथा जिला विद्यालय निरीक्षक को निर्देश दिये है कि 05 सितम्बर 2019 को आयोजित होने वाले शिक्षक सम्मान समारोह कार्यक्रम के लाईव प्रसारण के सम्बन्ध में समस्त माध्यमिक विद्यालयों, महाविद्यालयों एवं विश्वविद्यालयों में इस कार्यक्रम को देखने हेतु उचित प्रबन्ध कराना सुनिश्चित करें जिससे कि प्रत्येक शिक्षक एवं विद्यार्थी कार्यक्रम को देख सकें।

 

वार्षिक कार्ययोजना तैयार करने के सम्बन्ध में बैठक में होगा बैठक

ज्ञानपुर। ग्राम पंचायत विकास योजना जी0पी0डी0पी0 के लिए जनयोजना अभियान सबकी योजना, सबका विकास 02 अक्टूबर 2019 से 31 दिसम्बर 2019 मध्य सहगामी वार्षिक कार्ययोजना तैयार करने के सम्बन्ध में बैठक जिलाधिकारी राजेन्द्र प्रसाद की अध्यक्षता में कलेक्टेªट सभागार में आहूत की गयी। 

इस अवसर पर जिलाधिकारी ने कहा कि वर्ष 2020-21 समेकित कार्य योजना हेतु 29 विभागों के कार्य सौपे गये है, जिसमें हर विभाग के लाभार्थियों को संतृप्त करने के उद्देश्य से बनाया है। सर्वे कार्य बेबसाईट से लेकर कार्य करेगें, संसाधनों के बेहतर प्रबन्धन के लिए ग्राम पंचायतों में यह महत्वपूर्ण योजना बनाया गया है, जिससे सामाजिक आर्थिक निर्धनों की आजिविका सामाजिक सुरक्षा पर विशेष ध्यान दिया जायेगा। ग्राम पंचायत स्तर पर समस्त विभागों के ग्राम पंचायत स्तरीय कर्मचारियों की उपस्थिति दिनांक 02 अक्टूबर 2019 से 31 दिसम्बर 2019 के मध्य होने वाली ग्राम सभा की बैठक में उचित आकलन किया जा सके, पंचायतों के सामाजिक आर्थिक विकास हेतु ग्राम्य विकास विभाग द्वारा प्रत्येक ग्राम पंचायत का मूल्यांकन मिशन अन्त्योदय में उपयोग की गई प्रक्रिया के माध्यम से सितम्बर 2020 में पूर्ण किया जाये, जिसके अन्तर्गत प्रत्येक ग्राम पंचायत की संरचनात्मक, आर्थिक एवं मानव विकास के सूचकांको के आधार पर रैकिंग की जायेगी ताकि ग्राम सभा की बैठक में विकास में आ रही कमियों को दूर करने के सम्बन्ध में प्रभावी कार्यवाही की जायेगी, इस प्रकार से आवश्यक सुझाावों/आवश्यकताओं को वार्षिक कार्ययोजना का भाग बनाते हुए ग्राम सभा में अनुमोदिन के जी0पी0डी0पी0 नियोजन के अनुश्रवण हेतु पंचायती राज मंत्रालय द्वारा ग्राम पंचायत विकास योजना पर विशेष पोर्ट जी0पी0डी0पी0 डाट एन0आई0सी0 डाट इन पर भ विकसित किया जायेगा। साथ ही कहा कि अन्तिम रूप से कार्ययोजना का प्लान प्लस 31 मार्च 2021 तक अपलोड किया जाना है। प्रत्येक विभाग कार्यक्रम अवधि में अपने विभाग से एक अधिकारी को कार्यक्रम पर्यवेक्षण हेतु नोडल अधिकारी नामित करेगा, जिसका पंजीरकण साइट पर भारत सरकार द्वारा किया जायेगा, जो कि अपने विभाग से सम्बन्धित गतिविधियों के अनुश्रवण हेतु उत्तरदायी होगे, ग्राम पंचायत स्तर पर ग्राम पंचायत विकास योजना, वार्षिक कार्ययोजना के तैयार किये जाने की अवधि में रिर्पोटिग एवं ग्राम सभा के आयोजन हेतु ग्राम पंचायत 14 वें वित्त आयोग के प्रशासनिक एवं तकनीति मद से अधिकतम धनराशि 2500 रू, तक व्यय कर सकती है, उक्त कार्य हेतु सीमित अवधि के लिए मानव संसाधन की सेवाऐ ली जा सकती है, जो कि ग्राम सभा के आयोजन रिपोर्टिग एवं योजना निर्माण में ग्राम पंचायत की सहायता करेगे।

इस अवसर पर मुख्य विकास अधिकारी विवेक त्रिपाठी,  परियोजना निदेशक, एवं सम्बन्धित अधिकारी उपस्थित रहे। 

 

किसानों की विभिन्न उत्पादित फसलों को व्यवस्थाबद्ध कर, सही मूल्य दिलाती हैं प्रदेश की मण्डी समितियां

ज्ञानपुर। किसान जब अपने कठिन मेहनत से फसल तैयार कर उसे बेचता था तो बिचैलियों व्यापारियों द्वारा फसल औने-पौने दामों में खरीद ली जाती थे, जिससे उसे फसल की लागत व मेहनत का सही मूल्य नहीं मिलता था। कभी-कभी पैसे की आवश्यकता पड़ने पर किसान को कम दाम पर फसल बेचना पड़ता था। इससे उनकी आर्थिक प्रगति नहीं हो पाती थी। किसानों की फसल विक्रय को दृष्टिगत रखते हुए परम्परागत कृषि मण्डियों में व्याप्त कुरीतियों, गैर कानूनी कटौतियों और बिचैलियों के अनुचित प्रभाव को समाप्त कर कृषि विपणन की स्वस्थ परम्पराओं की स्थापना के लिए प्रदेश में उ0प्र0 कृषि उत्पादन मण्डी अधिनियम लागू हुआ। इस मण्डी अधिनियम के अन्तर्गत विनियमित मण्डियों के गठन का कार्य प्रारम्भ किया गया। प्रदेश में विनियमित मण्डियों की शुरूआत में संख्या मात्र 2 थी, जो अब बढ़कर 251 मण्डियां हो गयी, जिनमें 381 उपमण्डियां भी सम्बद्ध हैं। अब समग्र प्रदेश विनियमन के अन्तर्गत आ चुका है। मण्डियों में कृषि उपज की कुल प्रक्रिया को व्यवस्थाबद्ध कर देना ही मण्डी विनियमन है। इस व्यवस्था के अन्तर्गत बिक्री योग्य कृषि जिन्सों की छनाई-सफाई और वर्गीकरण कराते हुए नीलामी द्वारा बिक्री करायी जाती है। प्रत्येक किसान की सहमति से सौदा तय होता है तथा मीट्रिक प्रणाली से सही माप-तौल करा कर किसानों के विक्रय मूल्य का भुगतान तुरन्त कराया जाता है।

कृषि उपज मण्डियों के कार्य संचालन हेतु सम्पूर्ण प्रदेश को मण्डी क्षेत्रों में बांटा गया है। प्रत्येक मण्डी क्षेत्र हेतु एक मण्डी समिति के गठन की व्यवस्था है। प्रत्येक मण्डी क्षेत्र के अन्तर्गत एक प्रधान मण्डी स्थल, जहां पर मण्डी समिति का कार्यालय स्थापित होता है। मण्डी समिति के कर्तव्य एवं दायित्व भी निर्धारित हैं जैसे कृषि उपज के क्रेता- विक्रेता के मध्य न्यायपूर्ण व्यवहार सुनिश्चित करना, बिक्री योग्य कृषि उपज का वर्गीकरण तथा नीलामी द्वारा बिक्री कराना, मीट्रिक प्रणाली से ही माप-तौल की व्यवस्था कराते हुए बिकी हुई उपज का तुरन्त भुगतान कराना, क्रेता-विक्रेता के लिए उपयोगी सूचनाओं का संकलन व प्रचार करना, क्रय-विक्रय की स्वस्थ परम्पराओं की स्थापना व मण्डी स्थलों में आवश्यक मूलभूत सुविधाओं की व्यवस्था सुनिश्चित करना, बिकी हुई कृषि उपज का तत्काल भुगतान सुनिश्चित कराना, किसी विवाद की स्थिति में न्यायपूर्ण समाधान के लिए मध्यस्थता करना, बाजार भावों तथा अन्य उपयोगी सूचनाओं का संग्रह और प्रचार-प्रसार करना, व्यापारियों तथा कृषकों के बीच विवाद एवं मतभेद होने पर मध्यस्थ की भूमिका निभाना तथा उनका निराकरण करना, मण्डी स्थलों के निर्माणार्थ भूमि अर्जन करना तथा निर्माण के नक्शे तैयार के साथ-साथ आय व व्यय का विधिवत लेखा-जोखा रखना प्रमुख है।

मण्डी समितियों के कार्य संचालन तथा उनकी विकास योजनाओं की निगरानी, नियंत्रण एवं मार्गदर्शन के लिए प्रदेश स्तर पर मण्डी परिषद की स्थापना की गयी है। मण्डी परिषद द्वारा मण्डी समितियों में अधिनियम के प्राविधानों को तथा विभिन्न कल्याणकारी योजनाएं लागू करने और उनकी निर्माण परियोजनाओं के अनुसार निर्माण कार्य कराने की कार्यवाहियां सम्पादित करायी जाती हैं तथा अधिनियम के अन्तर्गत नये मण्डी क्षेत्रों/उपमण्डी स्थलों के विनियमन, निर्मित मण्डी स्थलों में व्यापार स्थानान्तरण, विनियमन हेतु निर्दिष्ट कृषि उत्पादों को अधिसूचित कराने जैसे महत्वपूर्ण कार्यों के लिए मण्डी परिषद, मण्डी समिति और शासन के बीच कड़ी के रूप में कार्य करती है। मण्डी परिषद की सक्रियता का ही परिणाम है कि आज प्रदेश में किसानों को उनकी उपज का सही मूल्य मिल रहा है, और वे अपनी आमदनी में बढ़ोत्तरी कर रहे हैं।

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