अस्पताल में मौत होने से परिजन ने वरीय अधिकारी से कि शिकायत 

 अस्पताल में मौत होने से परिजन ने वरीय अधिकारी से कि शिकायत 

भागलपुर: 

कजरैली थाना क्षेत्र के तेतरहार गांव निवासी 72 वर्षीय जलधर यादव की अस्‍पताल में हुई मौत के बाद उनके परिजन ने वरीय अधिकारियों से मिलकर सोमवार को शिकायत की। जलधर यादव के पुत्र ने कहा कि चिकित्‍सक की लापरवाही से मेरे पिता की मौत हो गई है। 

उन्‍होंने कहा कि भर्ती कराने के बाद एक बार ही चिकित्‍सक ने मरीज को देखा। बार बार आग्रह करने के बाद भी चिकित्‍सक वहां देखने नहीं पहुंचे।यहां बता दें कि शनिवार की रात 9.30 बजे जवाहरलाल नेहरू चिकित्सा महाविद्यालय अस्पताल में उपचार के दौरान जलधर यादव ने दम तोड़ दिया था। इसके बाद परिजनों ने हंगामा खड़ा कर दिया था। आक्रोशित लोगों ने आपातकालीन कक्ष में प्रवेश कर चिकित्सकों पर उपचार में लापरवाही बरतने का आरोप लगा नारेबाजी शुरू कर दी। स्थिति की नजाकत समझते हुए सुरक्षाकर्मियों ने बरारी पुलिस को सूचना दे दी। मौके पर अवर निरीक्षक मुहम्मद दिलशाद के नेतृत्व में पहुंची पुलिस बल ने हंगामा कर रहे परिजन को शांत करा दिया। 

आधा घंटे तक परिजनों के हंगामा करने की वजह से अराजक स्थिति बनी रही। हंगामा होता देख अस्पताल में तैनात चिकित्सा कर्मी वार्ड की ओर खिसक गए। सुरक्षाकर्मियों को भी लगा कि अब तोडफ़ोड़ पर परिजन उतारू हो जाएंगे लेकिन समय रहते बरारी पुलिस ने स्थिति सामान्य बना दिया।परिजनों ने कहा डॉक्टर जरा सा ध्यान दे देते तो नहीं होती मौत।मृत मरीज जलधर यादव के पुत्र अजीत आनंद उर्फ हरि लाल यादव, पत्नी राधा देवी समेत परिवार के अन्य सदस्यों का कहना था कि हाइड्रोसिल में सूजन हो जाने और दर्द बढ़ जाने के बाद शुक्रवार की सुबह दस बजे मरीज को भर्ती कराया था। चिकित्सकों ने प्रारंभिक उपचार जैसे-तैसे कर दिया।शनिवार को चिकित्सकों ने कोई ध्यान ही नहीं दिया। 

मृतक के बेटे अजीत आनंद ने बताया कि उसने कई बार चिकित्सकों को इस बात के लिए अनुरोध किया कि उसके पिता की हालत ठीक नहीं है, जरा ध्यान दें। लेकिन उसकी बात किसी डॉक्टर या चिकित्सा कर्मियों ने नहीं सुनी।नतीजा उसके पिता ने दर्द से बिलबिलाते हुए दम तोड़ दिया।

यदि उन्हें डॉक्टर देख लेते तो समय रहते सही तरीके से होने वाले उपचार से उनकी जान बच जाती। बेटे का कहना था कि वह अपनी शिकायत वरीय पदाधिकारियों तक ले जाएगा। हालांकि उसने इसको लेकर मुकदमा दर्ज कराने की बात से इनकार किया है।


 

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