भोपाल में यह महिला मिसाल बनी हुई है. उन महिलाओं के लिए जो आत्मनिर्भर होना चाहती हैं.

भोपाल में यह महिला मिसाल बनी हुई है. उन महिलाओं के लिए जो आत्मनिर्भर होना चाहती हैं.

भोपाल में यह महिला मिसाल है. उन छीना झपटी करने वालों के लिए जो दूसरों की गाड़ी कमाई को दिन दहाड़े लूट लेते है किसी भी महिला पुरुष को. हम आपको बता दें ना जाने कितने लोग हमें जीवन में प्रभावित कर जाते हैं उनमें यह भोपाल की महिला भी शामिल है. कुछ गुमनामी में छिपे रह जाते हैं कुछ को तराश दिया जाता है कुछ हौसले से अपनी इच्छा शक्ति से वह नायाब हीरे बनते हैं. उसी प्रकार भोपाल की इस महिला ने पति की मृत्यु के बाद अपने छोटे बच्चे को उच्च शिक्षा देने का निर्णय लिया. 

उसके बेहतर भविष्य के लिए जो निर्णय लिया गया वह प्रशंसनीय योग्य है. अक्सर महिला हो या पुरुष जीवन साथी के साथ छूटने पर क्षीण हो जाते हैं. कहने का तात्पर्य मानसिक रूप से कमजोर हो जाते हैं. वहीं भोपाल की इस महिला ने अदम्य साहस दिखाते हुए. भोपाल रेलवे स्टेशन पर अपनी पति की मरणो उपरांत घर गृहस्ती को सुचारू रूप से चलाने के लिए भोपाल रेलवे स्टेशन पर बिल्ला नंबर 13 अपनाकर महिला कुली ने दूसरी महिलाओं को भी प्रोत्साहित किया है. कोई भी कार्य छोटा या बड़ा नहीं होता. भोपाल रेलवे स्टेशन पर बिल्ला नंबर 13 महिला कुली को उसके कर्मठ जज्बे को हम सलाम करते हैं. जिसने इतनी विकट परिस्थिति से बाहर आने के लिए बिल्ला नंबर 13 अपनाकर देश के सम्मुख मिसाल प्रस्तुत की है.

 भगवान उनके पति को जहां भी हो शांति दे. हम बिल्ला नंबर 13 महिला कुली को उसके भविष्य के लिए शुभकामनाएं देते हैं. एमएसएन विचार हम भोपाल के रेलवे स्टेशन पर जितने भी यात्रीगण है. उन से अनुरोध करते हैं प्रत्येक दिन बिल्ला नंबर 13 महिला कुली को अपना सहयोग देकर उसके जीवन यापन की राह आसान बनाएं.


 

 
 
 
 
 
 
 
 
 

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