बाल अधिकार पर केंद्रित चित्रकला कार्यशाला का समापन

बाल अधिकार पर केंद्रित चित्रकला कार्यशाला का समापन

डॉ.दीपकुमार शुक्ल|

भोपाल,

जनजातीय संग्रहालय में चल रहे बाल अधिकारों पर समर्पित तीन दिवसीय चित्रकला कार्यशाला का समापन हो गया| समापन समारोह में वरिष्ठ कवि और कला समीक्षक प्रयाग शुक्ल, संग्रहालय के क्यूरेटर अशोक मिश्र और शिक्षाविद एवम बाल भवन स्कूल के प्राचार्य डॉ राजेश शर्मा शामिल हुए। 

प्रयाग शुक्ल इलस्ट्रेटर्स से रूबरू हुए और उन्होंने कलाकारों को सम्बोधित करते हुए कहा कि आपने कंप्यूटर, स्मार्ट फ़ोन और तरह-तरह की पत्र-पत्रिकाओं में छप रहे विज्ञापनों और सुरुचिपूर्ण प्रस्तुतिकरण के समय में मौलिक रचनाएं बनायीं हैं। इस तरह के प्रयास आगे भी होते रहने चाहिए। प्रयाग शुक्ल ने बच्चों और आर्ट टीचर्स द्वारा बनाई गई कलाकृतियों का अवलोकन कर उनकी सराहना की। इस अवसर पर आर्ट टीचर्स और बच्चों ने कैम्प के अपने अनुभव साझा किए।

संयुक्त राष्ट्र बाल अधिकार समझौते के तीस वर्ष पूरे होने के अवसर पर आयोजित तीन दिवसीय इलस्ट्रेशन कैम्प में आर्ट टीचर्स, युवा इलस्ट्रेटर, स्कूल के फ़ाईन आर्ट के छात्र और प्रदेश के 25 ज़िलों के स्कूल फ़ोरम के बच्चों समेत कुल 80 प्रतिभागियों ने शिरकत की।

यह कैम्प चाइल्ड राइट्स ऑब्ज़र्वेटरी और आर्टडिज़ाइन टीचर्स फ़ोरम द्वारा यूनिसेफ़ के सहयोग से आयोजित किया गया। जिसमें प्रदेश के 20 आर्ट टीचर्स, 4 इल्लुस्ट्रेटर्स, 2 ट्राइबल आर्टिस्ट, भोपाल के 10 स्कूली बच्चे और प्रदेश के 25 ज़िलों के 38 बच्चे शामिल हुए।

कैम्प संयोजक सुनील शुक्ल ने बताया कि बाल अधिकारों पर ऐसा आयोजन विश्व मे पहली बार हुआ है| जहाँ आर्ट टीचर्स, आर्टिस्ट, शहर के स्कूली बच्चे, प्रोफ़ेशनल इल्लुस्ट्रेटर्स और विभिन्न दूरस्थ अंचलों के बच्चे सब एक साथ किसी विशेष मुद्दे चित्रांकन कर रहे थे।

चाइल्ड राइट्स ऑब्जर्वेटरी और आर्टडिज़ाइन टीचर्स फ़ोरम द्वारा भविष्य में भी ऐसी कार्यशालाओं के आयोजन का आश्वासन दिया गया।

Comments