बुंदेलखंड एक्सप्रेस-वे परियोजना ग्रामीणों में लाएगी खुशहाली 

  बुंदेलखंड एक्सप्रेस-वे परियोजना ग्रामीणों में लाएगी खुशहाली 

बुंदेलखंड एक्सप्रेस-वे जिले के लिए किसी वरदान से कम नहीं है। इसमें 29 गांवों के करीब तीन हजार किसानों की 700 हेक्टेयर जमीन एक्सप्रेस-वे में ली गई है।चुनाव के कारण जमीनों के बैनामे का कार्य सुस्त था।

अब राजस्व विभाग जमीनों के बैनामों को लेकर रात दिन एक किए है। यही कारण है अब तक 661 हेक्टेयर जमीन का बैनामा कार्य पूरा हो चुका है। एक दिन में 40 से अधिक किसानों के खेतों के बैनामे हो रहे हैं।

जिले की तीन तहसीलों से होकर गुजरने वाले एक्सप्रेस-वे निर्माण में सर्वाधिक सरीला तहसील के 12 गांव, मौदहा के 10 और राठ तहसील के सात गांवों के किसानों की जमीन अधिग्रहीत की गई हैं। 

राठ में 90 प्रतिशत बैनामों का काम पूरा कर लिया गया है। मौदहा में 80 प्रतिशत काम पूरा है। इस तहसील क्षेत्र में किसानों की संख्या अधिक है। सरीला में भी 70 प्रतिशत बैनामों का काम पूरा है। जमीन के बैनामे करा देने वाले किसानों को अभी तक एक अरब 25 करोड़ रुपये की धनराशि उनके बैंक खातों में भेजी जा चुकी है।

मौदहा प्रतिनिधि के अनुसार बुंदेलखंड एक्सप्रेस-वे में तहसील क्षेत्र के नौ गांवों के 760 कृषकों के बैनामों के सापेक्ष 614 के खातों में 39 करोड़ 88 लाख रुपये भेजा गया है। तहसील के अंतिम 10वें गांव गुंदेला के किसानों की भूमि के बैनामे होना शुरू हैं। बैनामों का सिलसिला जारी है। गुंदेला में 261 किसानों की भूमि एक्सप्रेस-वे के लिए चिह्नित है। जिलाधिकारी अभिषेक प्रकाश ने बताया बुंदेलखंड एक्सप्रेस-वे को लेकर जमीन के बैनामे का काम अंतिम चरण में है। 1.85 अरब रुपये मिल चुके हैं, जिसमें 1.25 अरब किसानों के खातों में भेज दिए गए हैं। 

अगले दो दिनों में जमीनों को बैनामों का काम पूरा करा लिया जाएगा। इसके बाद कार्यदायी संस्था यूपीडा को सूचना भेज दी जाएगी। तहसील में जमीन का बैनामा कराने आए गुंदेला के बगराम ने कहा कि अच्छा हुआ कि उनके गांव से बुंदेलखंड एक्सप्रेस-वे निकल रहा है। कहा वह ही नहीं पूरा गांव खुश है। आवागमन की दिक्कत थी जो खत्म होगी। विकास को रफ्तार मिलेगी। एक अच्छे काम में उसकी पैत्रृक जमीन जा रही है। जमीन का अच्छा मुआवजा भी मिल रहा है। वह स्वेच्छा से जमीन बैनामा कर रहा है।

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