चरखारी-कर्ज के बोझ तले दबे युवक ने फांसी लगा मौत को लगाया गले

चरखारी-कर्ज के बोझ तले दबे युवक ने फांसी लगा मौत को लगाया गले

  

 

कर्ज के बोझ लते दबे किसान ने आर्थिक तंगी के चलते फांसी लगाकर मौत को गले लगा लिया है। घटना के बाद परिजनों में कोहराम मचा हुआ है। मृतक पर इलाहाबाद ग्रामीण बैंक रिवई का एक लाख का कर्ज बताया जा रहा है।

 सूचना पर पहुंची पुलिस ने शव का पंचनामा भरते हुए पोस्टमार्टम के लिए भेजा है। घटना ने बुंदेलखंड में किसानों की दशा को उजागर कर दिया है।

 विवरण में बताया जा रहा है कि चरखारी के रायनपुर निवासी राजेश पुत्र मुरलीधर श्रीवास अपनी पत्नी गायत्री और बच्चों के साथ साली की गोद भराई कार्यक्रम में अकठौहां ससुराल में गया था। बच्चों और पत्नी को छोड़कर राजेश वापस घर लौट आया और सूने घर में फांसी का फंदा लगाकर मौत को गले लगा लिया है। शुक्रवार को घर के पास चरवाहों ने जब घर का दरवाजा बंद देखा तो आवाज दी। घर से कोई जबाव न मिलने पर जब दरवाजा खोलकर देखा तो राजेश फांसी पर झूल रहा था। 

मामले की सूचना पुलिस को दी गई। मौके पर पहुंची पुलिस ने शव का पंचनामा भरते हुए पोस्टमार्टम के लिए भेजा है। मृतक के पिता मुरलीरधर गांव चंदौली से आया और उसने बताया कि किसान क्रेडिट कार्ड के रूप में बेटा ने एक लाख रूपया का कर्जा लिया था। बताया जा रहा है कि मृतक शराब का भी आदी था। पुलिस का कहना है कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट के बाद मौत के कारणों की जानकारी हो सकेगी। 

उधर मामले की जानकारी करने पर उपजिलाधिकारी से बात करने का प्रयास किया गया मगर उनका फोन रिसीव नही हुआ है। घटना ने बुंदेलखंड के किसानों की दशा को उजागर कर दिया है। लंबे समय से किसान कर्ज के बोझ तले दबे होने के कारण मौत को गले लगाने को मजबूर हो रहे है।

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