इंदिरा नगर सेक्टर 21 में टाटा स्काई द्वारा भूमिगत केबल बिछाने के दौरान,11 केवीए की लाइन क्षतिग्रस्त

इंदिरा नगर सेक्टर 21 में टाटा स्काई द्वारा भूमिगत केबल बिछाने के दौरान,11 केवीए की लाइन क्षतिग्रस्त

क्राइम संवाददाता- रणवीर सिंह 

बिजली विभाग द्वारा तहरीर देने के बावजूद नहीं दर्ज हुआ मुकदमा

लखनऊ:-

राजधानी लखनऊ के सेक्टर-21इंदिरा नगर में शनिवार को टाटा स्काई द्वारा बिना परमीशन के भूमिगत केबल बिछाने का कार्य किया जा रहा था।

जिसकी सूचना पर स्वतंत्र प्रभात की टीम के साथ कई अन्य बैनरों के पत्रकार भी मौके पर पहुंचे और ठेकेदार से परमीशन मांगा गया परन्तु ठेकेदार ने परमीशन दिखाने से मना करते हुए कहा कि हम आप लोगों को परमीशन नहीं दिखायेंगे

आप पुलिस को बुलाइए हम पुलिस को परमीशन दिखायेंगे। उतने में ही मौके पर पहुंचे स्वतंत्र प्रभात के क्राइम रिपोर्टर रणवीर सिंह ने 100 नंबर डायल कर पुलिस को बुला लिया। मौके पर पहुंची पुलिस को ठेकेदार ने परमीशन के लिए अप्लाई किया गया प्रार्थना पत्र दिखा कर गुमराह करने की कोशिश किया।

लेकिन परमीशन न होने की सच्चाई सामने आने पर आनन फानन में ठेकेदार काम बंद कर मौके से भागने की फिराक में था। उतने में ही  हंगामा मच गया जब भूमिगत केबल बिछाने के दौरान टाटा स्काई द्वारा 11 केवीए की लाइन क्षतिग्रस्त हो गई और क्षेत्र में आधी रात को बिजली गुल हो गई।

बिजली गुल होने के बाद गहरी नींद में सो रहे स्थानीय नागरिक गर्मी के कारण आधी रात में ही नींद से जाग गए और जा पहुंचे,बिजली घर  बड़ी मुश्किल से कुछ घंटो में ही बिजली विभाग ने कुछ वैकल्पिक

तरीके अपनाकर बिजली आपूर्ति बहाल किया I

  बीते रविवार को सुबह से ही मौके पर जेसीबी द्वारा खुदाई कर क्षतिग्रस्त भूमिगत 11 केवीए की लाइन की मरम्मत का कार्य शुरू किया गया, बिजली विभाग द्वारा टाटा स्काई के खिलाफ थाने में तहरीर दे दी गई है। 
     

 

 

 

 

 

 

 

 

 

आज जब गाजीपुर थाना प्रभारी बृजेश कुमार से तहरीर के बारे में जानकारी लिया गया तो पता चला कि कोई मुकदमा ही नहीं पंजीकृत किया गया है। पिछली बार भी इसी टाटा स्काई कंपनी द्वारा सेक्टर -16 इंदिरा नगर में ट्रक पर बी एस एन एल आॅन ड्यूटी लिखकर अवैध कार्य किया जा रहा था,उसी दौरान  जब बीएसएनएल की केबिल फटी थी तो बीएसएनएल द्वारा थाने पर तहरीर दिया गया था लेकिन

उसमें भी अभी तक कोई मुकदमा पंजीकृत नहीं किया गया।


       आपको बताते चलें कि जब बिजली विभाग के अधिकारियों द्वारा तहरीर दिया गया तो थाने पर तहरीर लेने से मना कर दिया गया, लेकिन जब वहां मौजूद सफाईकर्मी ने कहा तो तहरीर ले लिया गया। 


    ठेकेदारों द्वारा अवैध रूप से सड़क खोदने के मामले में जब मुख्य अभियंता नगर निगम से बात किया गया तो..

क्या बोले मुख्य अभियंता....

विकास नगर में एफ आई आर दर्ज कराने के लिए एक्सीएन कमलजीत सिंह को बोला गया है और इंदिरा नगर वाले मामले में भी दोबारा एफ आई आर के लिए रिमाइंडर भेजा गया है। मुकदमा पंजीकृत होने की जानकारी के लिए आप कमलजीत सिंह से संपर्क कर सकते हैं।

कई बार प्रयास करने के बावजूद एक्सीएन जोन-7 कमलजीत सिंह का फोन नहीं उठा।


    इससे साफ जाहिर होता है कि कहीं न कहीं पुलिस प्रशासन और नगर निगम के जिम्मेदार अधिकारियों की मिलीभगत से ही रात के अंधेरे में इस तरह के अवैध कार्य होते हैं।

  अब देखने वाली बात यह होगा कि इस मामले में क्या कार्यवाही होती है। और अवैध रूप से सड़कों की बर्बादी में लगे ठेकेदारों के ऊपर मुकदमा पंजीकृत होता है या नहीं। या फिर खानापूर्ति कर टालमटोल कर दिया जाता है।

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