विज्ञान और कला का संगम - रूस के शीर्ष पायलट-काॅस्मोनाॅट और मशहूर डांस ट्रूप भारत में

विज्ञान और कला का संगम - रूस के शीर्ष पायलट-काॅस्मोनाॅट और मशहूर डांस ट्रूप भारत में

 दिनांक 24 से 29 अक्टूबर 2018 तक मुंबई और नई दिल्ली में रोसातोम विज्ञान एवं सांस्कृतिक समारोह आयोजित किया जाएगा।

इस आयोजन में परमाणु विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी पर केन्द्रित वैज्ञानिक एवं शैक्षिक गतिविधियां होंगी। यह समारोह रूस के रोसातोम स्टेट ऐटोमिक ऐनर्जी काॅर्पोरेशन तथा नेहरु विज्ञान केन्द्र (मुंबई) द्वारा संयुक्त रूप से रूसी दूतावास एवं भारत सरकार के सहयोग से आयोजित किया जा रहा है। 


रूसी पायलट-काॅस्मोनाॅट मिखाइल कोर्निको, नेशनल रिसर्च न्यूक्लियर यूनिवर्सिटी  की ऐसोसिएट प्रोफेसर ओल्गा मोमोत तथा इसी यूनिवर्सिटी में बायोटेक्नोलाॅजी की प्रोफेसर ऐलेना सारापुल्तसेवा आईआईटी बाॅम्बे, नेहरु विज्ञान केन्द्र व अन्य शिक्षण संस्थानों में व्याख्यान देंगे। 


पायलट-काॅस्मोनाॅट मिखाइल कोर्निको मार्च-2015 से लेकर मार्च-2016 तक इंटरनेशनल स्पेस स्टेशन में एक वर्षीय मिशन पर थे। वह 13 ऐस्ट्रोनाॅट्स व काॅस्मोनाॅट्स के एक दल के सदस्य थे जो सात राष्ट्रों का प्रतिनिधित्व कर रहा था और यह दल एक साल तक स्पेस स्टेशन पर रहा।

मुंबई में वह बताएंगे कि परमाणु गति से चलने वाला अंतरिक्षयान विकसित करने की क्या संभावनाएं हैं जो सुदूर गहन अंतरिक्ष में यात्रा कर सके। आॅडियंस को उनके साथ एक विशेष व्यायाम में शामिल होने के लिए भी आमंत्रित किया जाएगा, यह व्यायाम अंतरिक्ष में हड्डियों एवं मांसपेशियों की हानि को रोकता है।


ओल्गा मोमोत और ऐलेना सारापुल्तसेवा परमाणु ऊर्जा संयंत्रों से बिजली पैदा करने, चिकित्सा-औषधि, कृषि एवं दैनिक जीवन में परमाणु प्रौद्योगिकियों के उपयोग के विषय पर व्याख्यान देंगी।

रोसातोम दक्षिण एशिया के सीईओ आंद्रे शेवलायकोव ने कहा, ’’रोसातोम विज्ञान एवं सांस्कृतिक समारोह शिक्षण एवं वैज्ञानिक गतिविधियों की एक श्रृंखला है। यह समारोह प्रतिभागियों को अवसर देता है कि वे रूसी संस्कृति का अनुभव करें तथा परमाणु विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी में हुए नवीनतम विकास के बारे में जानें।

हर समारोह का कार्यक्रम विशिष्ट होता है और इसमें परस्पर संवाद, पाठ, कार्यशालाएं, प्रतियोगिताएं, सांस्कृतिक गतिविधियां आदि काफी कुछ होता है। हमें आशा है कि इस समारोह से भारतीय विद्यार्थियों को प्रेरणा मिलेगी की वे न्यूक्लियर इंजीनियरिंग को अपना करिअर बनाएं।’’
इस समारोह में पहली बार ऐसा हो रहा है कि शैक्षिक गतिविधियों के संग सांस्कृतिक कार्यक्रम भी हो रहे हैं। विश्व प्रसिद्ध नृत्य समूह ’कलिंका’ मुंबई व दिल्ली स्थित रूसी विज्ञान एवं संस्कृति केन्द्रों में प्रदर्शन करेगा। ’कलिंका’ की स्थापना 1968 में की गई थी और इसने सोचि ओलम्पिक खेल-2014 के उद्घाटन समारोह में हिस्सा लिया था।

 

 

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