फुल्लीडुमर के विभिन्न हिस्सों में मोहर्रम का त्योहार शांतिपूर्ण हुआ सम्पन्न बांका

फुल्लीडुमर के विभिन्न हिस्सों में मोहर्रम का त्योहार शांतिपूर्ण हुआ सम्पन्न बांका

बांका:

फुल्लीडुमर के विभिन्न हिस्सों में मोहर्रम के आखिरी दिन ताजिया जुलूस निकाला गया। इस मौके पर मंझली कुशाहा,चोनाहबथान,खेसर, गोड़ा, खजाना, गादी राता, पुरानी राता, गोरखडीह, इटहरी गांवों में मुस्लिम समुदाय के लोगों ने परंपरागत हरवे हथियार से लैस होकर तरह-तरह के करतब दिखाए। इसके पूर्व दर्जन भर रंग-बिरंगे ताजिए के साथ पैकर या अली, या अली का जोशे जुनून के साथ नारा लगाते हुए

बाजार के मुख्य सड़क पर जगह-जगह अखाड़े में बाजे बाजे के साथ शामिल हुए। पुरानी राता के मोहम्मद फारुख एवं खेसर के मोहम्मद यूसुफ ने बताया कि मोहर्रम की दसवीं तारीख को इमाम हसन व हुसैन की शहादत की याद में इसे गम के महीने के रूप में मनाते हैं। इसके पूर्व तक मस्जिदों में जुमे की नमाज के खुल्बे में फजीलत और हजरत इमाम हुसैन की शहादत पर कई दिनों तक तक तकरीरें आयोजित की गई।

खासकर इस वक्त के रोजेदारों को एक दिन का रोजा 30 दिन के बराबर माना गया है। लोग मस्जिदों में नफील नमाज अदा एवं रोजा रखकर शाम को इफ्तार करते हैं। इस दिन अल्लाह हू पढ़कर मुल्क और मिल्लत की सलामती की दुआ की जाती है। यह पूरी दुनिया में अहमियत, अजमत और फजीलत वाला दिन माना गया है। इस मौके पर प्रखंड के मंझली कुशाहा मध्य विद्यालय के प्रांगण, खेसर डलवा मोड़ पर एवं धनकुड़िया कर्बला मैदान में मेले का आयोजन किया गया है।

जहां मुस्लिम समुदाय के अलावा आसपास के सभी धर्मों के लोगों ने मिलकर मेले का भरपूर आनंद उठाया। वही अपने अपने मस्जिदों से लोग ताजिया जुलूस के साथ कर्बला मैदान तक पहुंचे। जहां देर रात तक ताजिए का पहलाम किया जाएगा। इस अवसर पर स्थानीय फुल्लीडुमर एवं खेसर की पुलिस चाक-चौबंद व्यवस्था एवं शांतिपूर्ण त्यौहार को संपन्न कराने के लिए लगातार ड्यूटी पर बनी रहे।

 

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