25 वर्षो से जिला में शिक्षा कि अलख जगाने का काम कर रहा पाण्डव कम्प्यूटर सेंटर

25 वर्षो से जिला में शिक्षा कि अलख जगाने का काम कर रहा पाण्डव कम्प्यूटर सेंटर

स्वतंत्र प्रभात खास रिपोर्ट 

बांका:(ललित किशोर कुमार)

आज मानव तकनीकी क्षेत्र में आगे बढ़ने के लिए बेतहाशा व्याकुल हैं। आज मानव हर क्षेत्र में नए-नए कीर्तिमान स्थापित कर रहा है। आजकल संस्थाओं तथा उद्योग धंधों में कम्यूटर का प्रयोग विशाल पैमाने पर हो रहा है।

साथ ही हर छोटी से छोटी समस्या को सुलझाने के लिए भी कम्प्यूटर का प्रयोग किया जा रहा है। चाहे वो मोबाइल में रिचार्ज करवाना हो या फिर बिजली का बिल भरने का कार्य। कम्प्यूटर आज रोजमर्रा की उपयोगी वस्तुओं में से एक बन चुका है।

लेकिन हम इस पंक्ति के साथ ही हम बात कर रहे हैं जिला में कम्प्यूटर शिक्षा का अलख जगाने का काम रहे पाण्डव कम्प्यूटर सेंटर कि जो विगत 25 वर्षो से बांका जैसे पिछड़े इलाके में हर गरीब,कमजोर तथा जरूरतमंद बच्चों को कम से कम फिस लेकर कम्प्यूटर कि बेहतर सुविधा मुहैया करा रहा है।मालूम हो कि पाण्डव कम्प्यूटर संस्थान के द्वारा अबतक 5000 से भी अधिक लोगों को कम्प्यूटर की शिक्षा दिया जा चूका है।जिसमें 1600 से भी अधिक लोग नौकरी कर रहे हैं।मिली जानकारी के अनुसार बताया जा रहा है कि जिस समय बांका जैसे पिछड़े इलाके में कम्प्यूटर शिक्षा काफी कठिन था

उस समय से लेकर आजतक लगातार पाण्डव कम्प्यूटर सेंटर शिक्षा के क्षेत्र में अलख जगाने का काम कर रहा है।सेंटर कि संचालिका देवंती राणा ने बतायी कि हमारा एक ही लक्ष्य है कि ज्यादा से ज्यादा गरीब, कमजोर ,जरूरतमंद तथा मेधावी बच्चों को कम्प्यूटर शिक्षा उपलब्ध करवाकर आज के आधुनिक युग में बेहतरीन प्लेटफार्म दिलाना ताकि कोई भी बच्चे कम्प्यूटर शिक्षा से वंचित न रहे।

 

 शिक्षित समाज के बिना देश का विकास संभव नहीं 

 

पाण्डव कम्प्यूटर सेंटर कि संचालिका देवंती राणा का जीवन का ध्येय सुशिक्षित समाज है। उनका कहना है कि जब तक समाज शिक्षित नहीं होगा। देश का विकास नहीं हो सकता है। अपने मिशन के बारे में कहती हैं कि अभी बांका जिला के सभी गांव में भी कम्प्यूटर शिक्षा का माहौल बना रही  हूँ। लेकिन इसे अधिक से अधिक गाँवों तक ले जाने की तमन्ना है।ताकि अधिक से अधिक लोग इसे जुड़ सकें।

दृढ़ इच्छाशक्ति के आगे हर मुश्किल हो जाती है आसान 

देवंती राणा का कहना है कि आज के इस आधुनिक युग में कम्प्यूटर शिक्षा से वंचित बच्चों को अभियान से जोड़कर पढ़ाने में एक अलग ही आनंद मिलता है। जिसका अंदाजा हम और आप लगा भी नहीं सकते। वह चाहती  है कि जो प्रयास वह कर रही है, उसमें पढ़े लिखे युवाओं को एक अभियान के माध्यम से जोड़कर देश के कोने-कोने, हर गांव हर पाठशाला तक पहुंचे। अधिकतर युवा कहते हैं कि मुझे कोई जिम्मेदार पद मिलेगा, तब मैं परिवर्तन लाउंगा। पर उसे लगता है पद, प्रतिष्ठा और स्थापित होने का इंतजार करने में काफी समय बीत जाता है। अगर कोई युवा चाहे कुछ करना तो उसकी इच्छाशक्ति ही उसे समाज कल्याण करने में मदद करता है।

 क्या कहती है संचालिका

पाण्डव कम्प्यूटर सेंटर कि संचालिका देवंती राणा कहती है कि शिक्षा के क्षेत्र में कंप्यूटर अत्यंत उपयोगी सिद्ध हो रहे हैं । विद्यालयों में धीरे-धीरे कंप्यूटर विषय अनिवार्य हो रहा है । छोटे शहरों एवं महानगरों में कंप्यूटर की शिक्षा प्रदान करने वाले स्कूलों, शिक्षण संस्थानों आदि की बढ़ती संख्या कंप्यूटर की लोकप्रियता का साक्षात प्रमाण है।वे कहती हैं कि कंप्यूटर के माध्यम से पठन-पाठन का स्तर भी अच्छा हुआ है।आजकल अनेक ऐसे विद्यालय खोले जा रवे हे हैं जहाँ इंटरनेट के माध्यम से व्यक्ति घर बैठे ज्ञान प्राप्त कर सकता है। कंप्यूटर एक वरदान सिद्ध हो रहा। पुस्तकों के प्रकाशन में भी कंप्यूटरों की अनिवार्य भूमिका हो गई है।

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