सफाई कर्मी के ना आने से गांव वाले संक्रमण की चपेट में

सफाई कर्मी के ना आने से गांव वाले संक्रमण की चपेट में

नरेश गुप्ता/ मोहम्मद अयूब खान की रिपोर्ट

सफाई कर्मी के ना आने से गांव वाले संक्रमण की चपेट में

 

बिसवां सीतापुर -

प्रदेश में योगी सरकार गांवों के चहुमुखी विकास पे करोड़ो रूपय खर्च कर रही है।प्रत्येक ग्राम पंचायत में सफाई कर्मियों की नियुक्ति भी इसी मकसद से की गई थी कि गांव में साफ सफाई की व्यवस्था चुस्त दुरुस्त रहे और गांव की अधिकांश जनता स्वास्थ्य मय जीवन व्यतीत कर सके।परन्तु जिम्मेदार अधिकारी व ग्राम प्रधान की अनदेखी के कारण गांवों की हालत खस्ता हाल है।ऐसा ही मामला सामने आया है।


बिसवां विकास खण्ड की ग्राम पंचायत जलालपुर का जहां पर सफाई व्यवस्था ध्वस्त पड़ी है।गांवों में बजबजाती नालियां कूड़े के ढ़ेर इस बात को दर्शा रहे है कि।महीनों से गांव की सफाई नही हुई है।बरसात के का मौसम है ऐसे में संक्रमण फैलने का खतरा ज्यादा बना रहता है।सूत्रों ने बताया कि गांव में सफाई कर्मी महीनों नही आता है नालियां बजबजा रही है।जिसकी दुर्गंध से आसपास के लोगों का रहना भी दुस्वार हो रहा है।और गांव में लोग संक्रमण की चपेट में आ रहे है।

गांव में प्रत्येक घर मे कोई न कोई बीमार पड़ा है।ऐसे में अब सरकार  के मातहत अधिकारियों पे सवाल उठना लाजमी है कि आखिर क्यों नही हो रही गांव की साफ सफाई।गांव के ही लोगों ने बताया कि सफाई कर्मी काफ़ी दबंग प्रवत्ति का व्यक्ति है।जो सिर्फ प्रधान और अधिकारियों की हां हुजूरी में दिन काट देता है।

कई बार शिकायत के बावजूद भी सफाई कर्मी के खिलाफ कोई भी कार्यवाही नही की गई है।सूत्रों की माने तो उनका यह भी कहना है कि सफाई कर्मी कहता है कि अधिकारियों तक पैसा देता हूँ देखता हूं कौन सफाई कराता है मुझसे।अब देखना यह होगा कि क्या संज्ञान लेते है जिम्मेदार अधिकारी।

या फिर ऐसे ही अधिकारियों की मिलीभगत से होता रहेगा भ्रष्टाचार और संक्रमण का दंश झेलते रहेंगे गांव वाले यह एक सोचनीय प्रश्न है।

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