लेखपाल व तहसील अधिकारी की लापरवाही को किया उजागर तो लेखपाल ने फोन पे धमकाया पत्रकार को।

लेखपाल व तहसील अधिकारी की लापरवाही को किया उजागर तो लेखपाल ने फोन पे धमकाया पत्रकार को।

नरेश कुमार गुप्ता

लेखपाल व तहसील अधिकारी की लापरवाही को किया उजागर तो लेखपाल ने फोन पे धमकाया पत्रकार को।

मोहम्मद अयूब खान की रिपोर्ट


बिसवां/सीतापुर-बिसवां

नगर के मोहल्ला ब्राह्मणी टोला निवासी कु०जोहरा बेगम पुत्री स्व० इकबाल हुसैन ने अपने परिवार को सही सही लिखकर एक आवेदन 1 नम्बर 2018 को आश्रित प्रमाण पत्र बनवाने हेतु आवेदन किया था  जिसपर क्षेत्रीय लेखपाल व राजस्व निरीक्षक द्वारा बिना जांच पड़ताल के उसे पिता की पत्नी यानी विधवा बना दिया  

जोहरा बेगम पत्नी स्व० इकबाल हुसैन और बेटे अफजाल हुसैन को पिता की पत्नी लिखा था इस नाम  से तहसील दार को आख्या भेज दी जिसपर तहसीलदार बिसवां व उपजिलाधिकारी द्वारा लेखपाल की रिपोर्ट के भरोसे  हस्ताक्षर कर निर्गत कर दिया गया जो किये गए आवेदन के बिल्कुल विपरीत है। अब पीड़ित उसे सही करवाने के लिए आफिस के चक्कर लगा रही है। इस संबंध में उपजिलाधिकारी बिसवां को फोन किया गया मगर फोन रिसीव नही हुआ।उक्त प्रकरण के सम्बन्ध में खबर छापी गयी थी।

जिसको लेकर लेखपाल नीलेश कुमार ने फ़ोन पर पत्रकार से धमकाते हुए कहा कि इसमें लेखपाल की कोई गलती नही है इसमें लेखपाल क्यों लिखा इसमें उपजिलाधिकारी का नाम छापते ये गलती उपजिलाधिकारी की है। और यह कहा कि उपजिलाधिकारी के ऑफिस में आइये वर्ना में आप के खिलाफ एप्लिकेशन देता हूँ।गौर करने वाली बात है कि तहसीलदार व उपजिलाधिकारी किस आधार पर प्रमाण पत्र पर साइन कर दिए  क्या बिना क्षेत्रीय लेखपाल कि आख्या के बगैर ही तहसीलदार उप जिलाधिकारी साइन कर देते हैं। यह समझ से परे है।

आखिर इस मामले में लापरवाही किस की है।लेखपाल , तहसीलदार या उपजिलाधिकारी बिसवां की।और लेखपाल नीलेश कुमार ने फ़ोन पे अकड़ व धमकी भरे शब्दों का उपयोग किया और यह क्षेत्र निलेश कुमार नहीं है फिर भी वो गलती उपजिलाधिकारी की बता रहें है। अपने लेखपाल साथी की कोई गलती नही बता रहें है।आखिर इस पूरे मामले में गलती किसकी है ये एक बड़ा सवाल है।

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