सऊदी से वापस अपने वतन आई मृतक युवक का शव

सऊदी से वापस अपने वतन आई मृतक युवक का शव

 

 

कादीपुर सुलतानपुर:- 

विदेश कमाने की चाहत बच्चों व परिवार की जिंदगी बेहतर बनाने की ललक ने विदेश में कमा रहे युवक की मौत हो  थी  अब शव को भारत लाने में परिजनों को कानूनी अड़चनों का भीषण सामना करना पड़ रहा  था

 

 मामला अयोध्या जनपद के थाना महाराजगंज पूरा बाजार पीलखाँवा गांव निवासी गरुड़ प्रसाद पाण्डेय पुत्र रामपियारे पाण्डेय  का  था।अपनी व अपने परिवार की दशा सुधारने के लिए गरुड़ प्रसाद पाण्डेय विदेश कमाने की ललक लिए पहली बार 18 - 9 -1996 को सऊदी अरब के दमाम शहर में पहुंच थे 

वहां सीमेंट की फैक्ट्री में मिक्सर मशीन चलाने का कार्य प्रारंभ कियसफरृथा लगभग 3 वर्ष कार्य करने के बाद गरुड़ पाण्डेय फरवरी 1999 में घर सकुशल वापस आए और आने के बाद परिवार में खुशियां ही खुशियां दिखाई पड़ने लगी। लगभग 3 माह तक अपने परिजनों के बीच रहने के बाद 27-05 -1999 में गरुड़ अवकाश  का समय पूर्ण होने पर वापस अपने सउदी के दम्माम स्थित कंपनी में पहुंचकर कार्य प्रारंभ कर दिया ।इधर परिवार की दशा व दिशा भी ठीक-ठाक हो गई और गरुड़ पाण्डेय तीन तीन वर्ष के अंतराल अपने देश अपने परिवार के बीच आते जाते रहे। दिनांक 13 मार्च 2013 को परिवार से मिलकर गरुड़ पाण्डेय जब वापस कमाने विदेश गए

तो उनका यह सफर आज आखरी साबित हुआ दिनांक 11 फरवरी 2019 को दिन में 2:00 बजे दम्माम से गरुड़ के साथी मुन्ना ने घरवालों को फोन करके बताया कि गरुड़ पाण्डेय की ह्रदय गति रुकने से मौत हो गई है।मौत की खबर सुनकर परिवार में कोहराम मच गया परिजन गरुड़  के शव को देखने के लिए तड़प  रहे थे लेकिन देश व विदेश की कानूनी दांवपेच में फंसे गरुड़ के शव को भारत लाने में कानूनी अड़चनों से अनजान परिजन शव को वापस भारत नहीं ला सके ।

पत्नी व चार बेटे एक बेटी का भरा पूरा परिवार पिता का शव प्राप्त करने के लिए सरकार शासन प्रशासन के बीच हाथ पैर मारना प्रारंभ किया। लेकिन नतीजा शून्य ही रहा ।इसी बीच पीड़ित परिजनों की मुलाकात सुल्तानपुर जनपद के कादीपुर नगर पंचायत निवासी समाजसेवी अब्दुल हक से हुई पीड़ित ने पूरी घटना का जिक्र अब्दुल हक से कर सहयोग मांगा।  पीड़ित मानवता की सेवा का व्रत लिये समाजसेवी अब्दुल हक ने जब शव वापस भारत लाने के क्रम में संबंधित अधिकारियों से संपर्क किया तो पता चला गरुड़ पाण्डेय पुत्र राम पियार पाण्डेय का 3 वर्ष पूर्व कंपनी से विवाद हो गया था कंपनी का नाम अल वोनियान कंपनी फार रेडमिक्स एंड ब्लॉक प्रोडक्ट के विरुद्घ गरुड़ पाण्डेय

ने सऊदी अरब के लेबर कोर्ट में मुकदमा भी किया था। कंपनी से विवाद होने के बीच गरुड़ का अकामा की तिथि समाप्त हो गई। उसके बाद कंपनी का विवाद होने के कारण कंपनी ने इनका अकामा दुबारा नही रिनुवल किया पैसे के लेनदेन को लेकर मामला लेबर कोर्ट में चल ही रहा था इसी बीच दिनांक 11 फरवरी 2019 को गरुड़ की हार्टअटैक से मौत हो चुकी थी सउदी कानून के मुताबिक 3 वर्षों से अकामा समाप्त होने की तारीख से गरुड़ का सऊदी में रहना भी अवैधानिक हो गया

इतना सब कानूनी दांवपेच फसने के बाद  भी समाजसेवी अब्दुल हक के अथक प्रयास के बाद मृतक गरुण पांडे की लाश पूरा बाजार पिल खावा पहुंची लास पहुंचते ही पूरे परिवार में कोहराम मच गया तथा विलासी गंज  घाट पर बुधवार सुबह 9:00 बजे परिजनों द्वारा अंतिम संस्कार कर दिया गया अंतिम संस्कार के समय कादीपुर निवासी समाजसेवी अब्दुल हक भी बिलासी गंज घाट पर  मौजूद रहे मृतक के परिजनों ने बताया कि यदि  हम लोगों की मुलाकात समाजसेवी अब्दुल हक से ना हुई होती तो शायद मृतक की लाश अपने वतन वापस ना आई  होती

भारतीय रुपए में लगभग आठ लाख जुर्माना भर सके इसके लिए अब भारत सरकार विदेश मंत्रालय ही हस्ताक्षेप कर शव को भारत लाया जा सकता है भारतीय दूतावास दम्माम विदेश मंत्रालय भारत सरकार की विदेश मंत्री सुषमा स्वराज के विभागीय अधिकारियों से वार्ता हो गई है। गरुड़ के शव को भारत वापस लाने की क्रम में समाजसेवी अब्दुल हक प्रयास करते रहे और कड़ी मेहनत के बाद सफलता मिल भी गई।

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