अपराधियों को अपराध करने के लिए इतने हाईटेक संसाधन कहां से मिलते हैं?

  अपराधियों को अपराध करने के लिए इतने हाईटेक संसाधन कहां से मिलते हैं?

एक अहम सवाल जेहन में आता है कि अपराधियों को अपराध करने के लिए इतने हाईटेक संसाधन कहां से मिलते 

 वो कहां से पाते हैं कारतूस ? निश्चित तौर पर कही न कही कारतूस का भ्रष्टाचार बड़े पैमाने पर खेला जा रहा है...

कहीं न कहीं पुलिस की खामोशी अपराधियों के हौसले बुलंद कर रहे हैं निस्संदेह कहा जा सकता है  विगत कुछ दिनों में अपराधिक घटनाएं हुई है पुलिस उस में अभी भी खुलासा करने में नाकाम हैं जब पुलिस के पास इतने संसाधन है वह दृढ़ संकल्प कर ले तो अपराध को कुछ दिनों में ही नियंत्रण कर सकती है

पुलिस किस कार्यशैली पर प्रश्न लगता है कि वह मासिक समीक्षा बैठक कर अपराध को नियंत्रण लेने दावा जरूर करती है लेकिन इसी महीने में करीबन दर्जनों अपराधिक घटनाएं हो चुके हैं जिले में प्रशासन पर जनमानस का पूरा विश्वास डगमगा रहा है कहीं ना कहीं जिले की पुलिस प्रशासन सरकार को बदनाम करने का षड्यंत्र नहीं है ऐसी भी चर्चाएं अब जन्म ले रही है यह वक्त के गर्भ में है कि क्या हकीकत है ।

 लेकिन अपराधिक घटनाओं के बुलंदी पर पहुंचने का मतलब है कहीं ना कहीं अब पुलिस महकमा  हाईटेक संसाधन विफलता की ओर इंगित करते हैं  अपराध की चक्रव्यूह को भेदने में विफलता  पुलिस की कार्यशैली संदेह के घेरे में इस तरह के कथन जन चर्चाओं में सुनने और देखने को मिल रहा है .....

 

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