आज "मच्छर दिवस" है,मच्छर मानव जीवन में कितना महत्वपूर्ण है

आज "मच्छर दिवस" है,मच्छर मानव जीवन में कितना महत्वपूर्ण है

आज "मच्छर दिवस" है,मच्छर मानव जीवन में कितना महत्वपूर्ण है "मच्छर दिवस" इस बात का प्रमाण है कुछ समय पूर्व इनके कारण ""मलेरिया"" नामक रोग ने मानव जीवन को खतरे में डाल दिया था

तब पुरे विश्व ने आज के दिन इनके सफाये के लिए कसम खाई थी कि ""न मच्छर रहेगा और न मलेरिया"",""भारत सरकार"" सहित ""राज्य सरकारों"" ने भी स्वास्थ्य विभाग में एक अलग विभाग बना दिया "'मलेरिया विभाग"" और इसकी सम्वेदनशीलता को देखते हुए इसका अलग ""मुख्य मलेरिया स्वास्थ्य अधिकारी"" नियुक्त कर दिया जो अब हटा दिया गया है

व् प्रत्येक जिले में जिला मलेरिया अधिकारियों व् कर्मचारियों की नियुक्ति सभी आधुनिक सुविधाओं सहित अलग से की गई है इस विभाग का एक अलग विशेष बजट भी है ।

लेकिन आज यह विभाग न तो "मच्छर" खत्म कर पाया और न ही "मलेरिया" बल्कि समय के साथ ""मलेरिया"" विभाग सहित "मच्छरों" का भी विकास हो चुका है और उनसे होने वाली बीमारियों का भी, "मलेरिया" का नया रूप "डेंगू" व् "चिकनगुनिया" मानव जीवन में प्रवेश कर चुका है और न जाने कितनो की जीवन लीला समाप्त कर चुका है...


हमारी केंद्र व् राज्य सरकार आज भी ""मलेरिया दिवस"" करोङो रुपये खर्च कर मना रही है....इस विभाग में खूब मलाई खाई जा रही है ,सरकार द्वारा मानव जीवन की रक्षा हेतु खर्च किये जा रहे वो भी सिर्फ कागजों पर ,अरबो रूपए विभाग के कर्मचारियों व् अधिकारियों में आपसी सांठ गाँठ से बन्दर बाँट हो रहे है लेकिन ""मच्छर"" नही खत्म हो रहे है...

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