कांग्रेस ने 19 साल बाद एक बार फिर बेल्लारी में परचम लहराया

कांग्रेस ने 19 साल बाद एक बार फिर बेल्लारी में परचम लहराया

कांग्रेस ने 19 साल बाद एक बार फिर बेल्लारी में परचम लहराया

 

बीजेपी  कर्नाटक उपचुनाव में अपनी प्रतिष्ठा बचाने में नाकामयाब साबित हुई  वहीं कर्नाटक उपचुनाव 2018 के लिए प्रतिष्ठा की लड़ाई में बीजेपी को उसी के गढ़ में मात देने में कांग्रेस-जेडीएस गठबंधन कामयाब हो गया. बेल्लारी लोकसभा सीट से कांग्रेस के वीएस उगरप्पा ने बीजेपी के जे शांता को हरा दिया है. कांग्रेस उम्मीदवार वीएस उगरप्पा ने 243161 वोटों के अंतर से जीत दर्ज की है. इस तरह से बेल्लारी में कांग्रेस का 19 साल का सूखा खत्म हो गया. दरअसल, साल 1999 में बल्लारी लोकसभा सीट पर यूपीए की चेयरपर्सन सोनिया गांधी और विदेश मंत्री सुषमा स्वराज के बीच में मुकाबला हुआ था. मगर सोनिया गांधी जीत दर्ज करने में सफल हुई थीं और उन्होंने सुषमा स्वराज को हरा दिया था. हालांकि, अगले चुनाव में ही बीजेपी ने पलटवार किया और चुनाव जीत लिया. इसके बाद यह बीजेपी का गढ़ ही बन गया.

 

 बता दें कि 2014 लोकसभा चुनाव में यह सीट बीजेपी के खाते में ही थी मगर अब यह कांग्रेस के खाते में हो गया. बेल्लारी लोकसभा सीट पर कांग्रेस और बीजेपी में मुख्य टक्कर थी. इस सीट से गठबंधन ने कांग्रेस के वीएस उगरप्पा को मैदान में उतारा था. वहीं बीजेपी ने जे शांता को उतारा था. जे शांता  बी श्रीरामुलू की बहन हैं. वहीं, शिमोगा लोकसभा सीट पर होने वाले उपचुनाव में वीएस येदियुरप्पा के बेटे बीवाई राघवेंद्र बीजेपी की गढ़ को सुरक्षित बचा लि. जेडीएस के एस मधुबंगारप्पा अपनी किस्मत आजमा रहे थे, तो वहीं, बीजेपी की ओर से बीवाई राघवेंद्र मैदान में थे. इस सीट से कुल चार प्रत्याशी अपना भाग्य आजमा रहे थे. 2014 में इस सीट पर बीजेपी के बीएस येदियुरप्पा ने जीत दर्ज की थी.दरअसल, शिमोगा सीट भाजपा का गढ़ मानी जाती रही है, लेकिन विधानसभा चुनाव में यहां कांग्रेस और जेडीएस का वोट शेयर भाजपा से ज्यादा था. ऐसे में यह सीट बचाना भाजपा के लिए चुनौती थी. वहीं, बेल्लारी भाजपा का दूसरा गढ़ था, जिसे कांग्रेस ने भेद दिया. यह सीट आदिवासी जनजाति के लिए आरक्षित थी. इसके अलावा, मांड्या लोकसभा सीट पर भी जेडीएस के एलआर शिवरामेगौड़ा ने 3,24,943 वोटों के अंतर से जीत दर्ज की है.

 

 मांड्या लोकसभा सीट से बीजेपी की ओर से डॉ सिद्धारमैया थे, यह सीट पहले जेडीएस के खाते में ही थी. साल 2014 में जेडीएस के सीएस पुत्ताराजू ने जीत दर्ज की थी. कर्नाटक की तीन लोकसभा सीटों शिमोगा, बेल्लारी (अजजा) व मांड्या तथा दो विधानसभा सीटों रामनगरम व जामखंडी पर शनिवार को औसतन 67 प्रतिशत मतदान दर्ज किया गया था. इनमें से बेल्लारी (अजजा) सीट पर 63.85 फीसदी, मांड्या में 53.93 फीसदी, शिमोगा में 61.05 फीसदी मतदान दर्ज किया गया था.साल 2014 में बीजेपी ने कर्नाटक की 28 सीटों में से 17 सीटें जीतीं थीं. वहीं कांग्रेस के खाते में 9 सीटें गई थीं और कुमारस्वामी की जेडीएस को 2 सीटें मिली थीं. वहीं इसी साल हुए विधानसभा चुनाव में बीजेपी ने 224 में से 104 सीटें जीतीं थी. देखना यह होगा कि 2019 का चुनाव कांग्रेस और जेडीएस के लिए कितनी कामयाब रहती है. 

 

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