राजधानी में फर्जी तरीके से कोचिंग चला रहा संचालक, प्रशासन को इसकी भनक तक नहीं

राजधानी में फर्जी तरीके से कोचिंग चला रहा संचालक, प्रशासन को इसकी भनक तक नहीं

राजधानी लखनऊ:- 

राजधानी के बीकेटी क्षेत्र में बड़ा फर्जीवाड़ा सामने आया है।


सूत्रों के हवाले से जानकारी मिली कि बख्शी तालाब स्थित बैजनाथ यादव कंपलेक्स में यूपी कैंपस के नाम से 2 साल से कोचिंग संस्था फर्जी तरीके से संचालित है, जिसका रजिस्ट्रेशन तक नहीं है। इसके अलावा यूपी कैंपस की दो और भी ब्रांच संचालित हैं 


1.मिश्रिख रोड सिधौली 2. आईटी चौराहा लखनऊ


जिसकी जानकारी लेने के लिए स्वतंत्र प्रभात के संवाददाता ने संस्था के डायरेक्टर उदय प्रताप से संपर्क कर जानकारी लेना चाहा जहां पर उदय प्रताप ने पहले झूठ बोला कि हमारी संस्था का रजिस्ट्रेशन है और यहां पर फायर सेफ्टी की पूर्ण व्यवस्था भी है। संवाददाता ने पूछा कोचिंग का रजिस्ट्रेशन नंबर क्या है तो आनाकानी करने लगे और बताया कि कोचिंग का रजिस्ट्रेशन नहीं है,बच्चे कम हो गए थे इसलिए हमने कराया नहीं।

कोचिंग के डायरेक्टर आशुतोष सिंह हैं मैं मैनेजर मैनेजर हूं इस ब्रांच का

दोबारा पूछने पर बताया कि फायर सेफ्टी के बारे में तो बोले बाल्टी में बालू भर के रखवा दिया है। बाकी फायर सेफ्टी तो हमें पता नहीं है, किराए की बिल्डिंग में कोचिंग चलाते हैं।

साथ ही बताया कि अभी 1 तारीख से कोचिंग बंद कर देंगे। मनमाने तरीके से कोचिंग चला कर बच्चों के भविष्य से खिलवाड़ किया जा रहा है। ऐसे दबंग संचालकों ने कोचिंग संस्थानों को चलती फिरती चाट की दुकान बना रखा है।

यहां पर सवाल खड़ा होता है कि बगैर रजिस्ट्रेशन,बगैर जीएसटी, बगैर फायर सेफ्टी यह संस्था संचालित कैसे है?

यदि संस्था संचालक बच्चों की फीस हड़प कर भाग जाएं तो कौन जिम्मेदार होगा?

कल को यदि यहां सूरत जैसी बड़ी अप्रिय घटना घट जाए तो उसका जिम्मेदार कौन होगा?

आखिर कब तक चलेगी कोचिंग संचालकों की दबंगई?

यदि समय रहते प्रशासन ने ऐसे कोचिंग संचालकों पर कड़ी कार्यवाही नहीं की गई तो कल यही बच्चे ठगी का शिकार होंगे और ऐसी संस्थाओं में पढ़ रहे बच्चों का भविष्य भी खतरे में है।

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