इलाहाबाद बैंक शाखा प्रबंधक की मिली भगत से ग्राहक सेवा केंद्र संचालक ने हड़पे ग्राहकों के लाखों रूपये

इलाहाबाद बैंक शाखा प्रबंधक की मिली भगत से ग्राहक सेवा केंद्र संचालक ने हड़पे ग्राहकों के लाखों रूपये

पंकज सिंह यादव

सीतापुर:-

जिले के महमूदाबाद तहसील में इलाहाबाद बैंक शाखा प्रबंधक की मिली भगत से कलुआपुर ग्राहक सेवा केंद्र संचालक शिव वर्मा ने हड़पी ग्राहकों की लाखों रूपये की मोटी रकम। 

 

क्षेत्र के महमूदाबाद में इलाहाबाद बैंक का मामला सामने आया है जहां पर कुछ समय पहले शाखा प्रबंधक ने कलुआ पुर में बैंक मित्र शिव वर्मा को ग्राहक सेवा केंद्र की फ्रेंचाइजी दी थी जिसने ग्राहकों को ही लाखों रुपए का चूना लगा दिया,

ग्राहकों का आरोप है कि हम बैंक को पैसा जमा करने जाते थे तो वहां पर पैसे अकाउंट में ना जमा कर ग्राहक सेवा केंद्र पर भेज दिया जाता था,बैंक कर्मचारी सीधे तौर पर मना कर देते थे यहाँ छोटे-मोटे ट्रांजैक्शन यहां पर नहीं हो पाएंगे आप लोग ग्राहक सेवा केंद्र पर जाएं। ग्राहक जब ग्राहक सेवा केंद्र पर जाते थे तब वहां पर शिव वर्मा के अलावा भी अन्य लोग मौजूद रहते रहते थे। 

शाखा प्रबंधक द्वारा फाड़ी गई,केंद्र संचालक द्वारा हस्तलिखित पासबुक फाइल फोटोशाखा प्रबंधक द्वारा फाड़ी गई,केंद्र संचालक द्वारा हस्तलिखित पासबुक फाइल फोटो

ग्राहक जब पैसा जमा करते थे तो एक सोची समझी साजिश के तहत कंप्यूटर मशीन पर दिखावे मात्र के लिए अंगूठा रखवा लिया जाता था और उनकी रकम उनके खाते में न जमा कर शिव वर्मा अपने पास रख लेता था और ग्राहकों की पासबुक पर अपने मनमाने ढंग से पेन से रकम चढ़ा देता था जबकि सभी बैंकों में पासबुक पर प्रिंटर द्वारा इंट्री किरने का नियम है। 

 

इतना ही नहीं जब कई सारे ग्राहकों का पैसा शिव वर्मा ने अपने पास इकट्ठा कर लिया तो दुकान की शटर गिराकर गायब रहने लगा, ग्राहकों को जब हमेशा केंद्र बंद मिलने लगा तो ग्राहकों ने केंद्र पर लिखे नंबर पर संपर्क करने की कोशिश की तो नंबर बंद था। ग्राहक पैसे निकालने के लिए बैंक पहुंचे तो वहां पर शाखा प्रबंधक ने ग्राहकों के साथ अभद्रता करते हुए पासबुक फाड़ कर फेंक दी और बैंक में तैनात सुरक्षाकर्मी को बुलाकर ग्राहकों को बैंक से बाहर कर दिया। 


जब हर रोज ग्राहक अपनी समस्याएं लेकर बैंक पहुंचने लगे तो शाखा प्रबंधक ने आश्वासन दिया कि आप लोग परेशान ना हो धीरे धीरे पैसा सबको मिल जाएगा आप लोग थाने कोर्ट कचहरी मत जाना।

ऐसे में सवाल खड़ा होता है कि शाखा प्रबंधक ने ऐसे व्यक्ति को फ्रेंचाइजी दी जो ग्राहकों का ही पैसा लेकर गायब हो गया, क्या फ्रेंचाइजी वितरित करने के लिए कोई तय मानकों का प्रावधान नहीं है।

 

कुछ ग्राहकों को शिव वर्मा ने फोन कर धमकाया भी कहा यदि पैसे लेना है तो शांत रहो नहीं तो थाने कोर्ट कचहरी जाओगे तो कोर्ट में ही पैसा लेना।

जब हमारी स्वतंत्र भात मीडिया टीम को जानकारी मिली तो कलुआपुर ग्राहक सेवा केंद्र पहुंची जहां पर कई ग्राहक खड़े थे तो यह सब जानकारी ग्राहकों से बात करने पर मिली।

जब हमारे संवाददाता ने केंद्र संचालक शिव वर्मा से संपर्क किया तो आनाकानी करने लगा उसने बताया कि मैं लखनऊ में हूं सर के पास बैठा यही सब बात रहा हूं, संवाददाता ने पूछा कौन से सर क्या नाम है सर का फ्रेंचाइजी तो महमूदाबाद से मिली थी लखनऊ में किससे बात कर रहे हो तो उसने बताया हमारी कंपनी के सर,कौन सी कंपनी क्या नाम है? कपनी का तो कोई भी स्पष्ट जवाब न देकर फोन काट दिया फिर कई बार संपर्क किया गया तो उसने फोन रिसीव नहीं किया।


कुछ समय बाद उसी नंबर से फोन आया और बताने लगा शिव वर्मा का रिश्तेदार बोल रहा हूं मैं मानवाधिकार में हूं आप मैनेजर से बात करिए इनको क्यों परेशान कर रहे हो इसमें बैंक मैनेजर की भी गलती है इनकी अकेले थोड़ी न है।

आखिर कौन है इन गरीब ग्राहकों के पैसों का जिम्मेदार? 

क्या होती है इन पर कार्यवाही?

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