57 गावँ के प्राधानो ने आज बाबरा तहसील को सूखा ग्रस्त घोषित करने के लिए तहसीलदार को आवेदनपत्र दिया

गुजरात :

अमरेली जिले की बाबरा तहसील के अंतर्गत आने वाले 57 गांव के प्रधानों ने एकजुट होकर बाबरा तहसील एवं तहसील के सभी गावों को सूखाग्रस्त घोषित करने के लिए तहसीलदार को आवेदनपत्र दिया।

हम अपको यहा बताते चलें कि मौसम विभाग के पूर्व अनुमान के मुताबिक इस वर्ष बारिश काफी कम हुई है।जिसके चलते यहा की सभी नदियों मे भी धुल उड़ रही हैं।

सरकार द्वारा जल संरक्षण के लिए बनए गये सभी बांध भी खली पड़े हे और मानसून की विदाई लेने से पहले ही सभी गावों मे पीने के पानी की समस्या आ खड़ी हुई है।और साथ ही किसानो के मोजूदा फसल भी नष्ट होने की कगार पर है ।



सभी गावों से एकत्रित हुये प्रधानो ने तहसील को आवेदनपत्र मे बताया की सोनी योजना के अन्तर्गत आने वाले सभी बांध और तालाबो को नर्मदा नदी के पानी से भर दिया जाए जिससे कि किसानो की मरती हुई फसल को नया जीवन मिल सके। बारिश की कमी के चलते जिन किसानों की फसल रुई या मूंगफली बर्बाद हुई है उन किसानों को युध्धस्तर से फसल बीमा की रकम दी जाए।

और आगे बताया कि इस वर्ष वारिश की कमी के चलते घास चारे की व्यवस्था नही हो पाई है इस लिए पशु पालको को भी सरकार के द्वारा कम किमत पर घास चारा की व्यवस्था की जानी चाहिये।



यह भी कहाँ किसानों

यदि सरकार 10 दिनों के अंदर हमारी मांगों को स्वीकार नहीं करती तो बाबरा तहसील के सभी सरपंच सामूहिक रूप से इस्तीफा दे देंगे ।

इस आवेदन पत्र की कॉपी गुजरात के माननीय मुख्यमंत्री विजय रुपाणी साहब, नारायण भाई का काछडीया सांसद अमरेली , वीरजीभाई ठुम्मर विधायक , कलेक्टर साहब अमरेली को रवाना की गई है। 

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