अस्टोत्तरशत मे पहुचे कैबिनेट मंत्री, रमापति शास्त्री, 

अस्टोत्तरशत मे पहुचे कैबिनेट मंत्री, रमापति शास्त्री, 

जन कल्याण व भक्ति में लगाए जीवन, 

नैमिषारण्य हनुमान गढी के सत्संग हाल में महंत बजरंग दास, पवन दास के सानिध्य में आयोजित अष्टोत्तर श्रीमद्भागवत कथा में राष्ट्रीय संत भूपेंद्र भाई पांड्या जी ने श्री कृष्ण जन्मोत्सव की कथा सुनाई उन्होंने बताया कि 84 लाख योनियों में भटकने  के पश्चात मानव देह की प्राप्ति होती है

तथा स्वयं भगवान भी मानव देह को पाने की कामना रखते है। इसलिए इस देह को उपयोग व्यर्थ कामों मे ना करके जनकल्याण व ईश्वर भक्ति में समर्पित कर दे। इस मौके पर भगवान श्री कृष्ण की जीवंत झाकियां सजाई गई, जिसे देखकर श्रद्धालु अभिभूत हो उठे।

वासुदेव भगवान श्रीकृष्ण को जोकि इस संसार के पालन हार है बाबा वासुदेव ने एक टोकरी में भगवान को लेकर यमुना नदी को पार कर यशोदा मां और नंद के पास छोड़ जाते हैं। जिसकी कानो-कान खबर कंस को नहीं लग पाती। यहां भगवान श्रीकृष्ण के गोकुल में आनंद भयों जय कन्हैया की.. हाथी घोड़ा पालकी.. जय कन्हैया की... नंद घर आनंद भये... बाजे बाजे रे बधाई...

सहित अनेक भजन सुनाकर श्रद्धालुओं को आनंदित कर दिया। कृष्ण जन्मोत्सव के दौरान श्रद्धालुओं ने माखन मिश्री का भोग लगाकर बड़ी धूमधाम उत्सव मनाया। कथा सत्र में समाज कल्याण मंत्री रमापति शास्त्री शामिल हुए सर्वप्रथम उन्होंने व्यासपीठ का पूजन किया और व्यास जी द्वारा उनको अंग वस्त्र भेटकर स्वागत किया  

इस मौके पर माता अमृतानन्द जी भृगुशास्त्री, अमित जी महाराज, सुधीर दीक्षित,पंकज दीक्षित,घनश्याम अग्रवाल, रामावतार कंशल,पंकज अग्रवाल,अभिषेक मित्तल, आदि लोग मौजूद रहे,

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