गोवर्धन पूजा पर बड़ी छावनी में हुई अन्नकूट पूजा

गोवर्धन पूजा पर बड़ी छावनी में हुई अन्नकूट पूजा

नैमिषारण्य

विश्वविख्यात तीर्थ नैमिषारण्य के सबसे पुराने आश्रमों में से एक बड़ी छावनी एवं छोटी छावनी में गोवर्धन पूजन का आयोजन किया गया । बड़ी छावनी के ब्रम्हलीन महंत परमहंस रामचन्द्र दास के समय से चल रही इस परम्परा का  अनुसरण किया गया । गोवर्धन पूजा के दिन भगवान कृष्‍ण , गोवर्द्धन पर्वत और गायों की पूजा की गयी । यही नहीं इस दिन 56 तरह के पकवान बनाकर श्रीकृष्‍ण को उनका भोग लगाया जाता है.  इन पकवानों मिश्रण को 'अन्‍नकूट'  कहा जाता है ।

मान्‍यता है कि इसी दिन भगवान कृष्‍ण ने देव राज इन्‍द्र के घमंड को चूर-चूर कर गोवर्द्धन पर्वत की पूजा की थी. इस बार गोवर्द्धन पूजा 8 नवंबर की गयी । यह पूजा प्रकृति पूजा भी कही जाती है । इस अवसर पर सर्वप्रथम महंत मनमोहन दास ने श्रद्धा भाव से देव पूजन किया तत्पश्चात गुरदेव भगवान की पूजा की ।

पूजन के उपरांत गोवर्धन महाराज का ध्यान पूजन किया गया और छप्पन व्यंजन का भोग लगाया गया । हजारों श्रद्धालुओं ने आश्रम में बैठकर भोजन किया । इस अवसर पर कैलाश दास, गोविंद दास, बैजनाथ, अवधेश कुमार, ध्रुव दास, रमेश चन्द्र शुक्ल, बृजमोहन अवस्थी, विदुर तिवारी समेत अनेक भक्त जन मौजूद रहे ।

Comments