दिल्ली के ठग ने बस मालिक को बंधक बनाकर, लाखों के वोल्वो बस पर किया कब्जा

दिल्ली के ठग ने बस मालिक को बंधक बनाकर, लाखों के वोल्वो बस पर किया कब्जा

दिल्ली के ठग ने बस मालिक को बंधक बनाकर, लाखों के वोल्वो बस पर किया कब्जा

 

नई दिल्ली/

दिल्ली में टूर एंड ट्रैवल कंपनी चलाने वाले जालसाजो ने बस मालिक को दिल्ली के आनंद विहार इलाके के होटल में बंधक बनाकर जबरन एफिडेविट वीडियो और आधार कार्ड पर साइन करवा कर खुद बस मालिक बन बैठे. वैसे भी अलग-अलग प्रांतों से दिल्ली में बिजनेस और नौकरी की तलाश में हजारों की संख्या में रोजाना लोग पहुंचते हैं. जिनके साथ आए दिन हुए कोई न कोई ठगी और जालसाजी की वारदात सामने निकल कर आती रहती है.

 

मामला है द्वारिका थाना क्षेत्र अंतर्गत वोल्वो बस के मालिक से षड्यंत्र के तहत जाल साज द्वारा बस कब्जा करने का. दिल्ली के द्वारका में बृजेश कुमार निवासी कोवहां शनिचरी बाजार बेतिया बिहार का रहने वाला, राधा कृष्ण टूर एंड ट्रैवल का दफ्तर खोल अपने ही जानने वाले बस मालिक होसी लाल पुत्र विश्वनाथ प्रसाद को एक षड्यंत्र के तहत दिल्ली का महाठग सीपी सिंह उर्फ के पी सिंह से प्रतिमाह भाड़े पर बस देने के नाम पर मिलवाता है. जहां आनंद विहार से नेपाल बॉर्डर पर रोजाना बस भेजने के नाम पर प्रतिमाह ₹80000 पर सौदे की बात की जाती है. इसके लिए बृजेश कुमार और जालसाज सीपी सिंह उर्फ केपी सिंह आनंद विहार के एक होटल में लिखा पढ़ी करवाने के लिए बस मालिक होसी लाल को बुलाते हैं और बस की चाबी लेकर बस गायब करवा देते हैं. 

 

  जब बस मालिक होटल के कमरे में पहुंचता है तो पहले से ही बृजेश कुमार और सीपी सिंह अपने दो अन्य साथियों के साथ होटल के कमरे में मौजूद रहते हैं. जैसे ही बस मालिक होसीलाल होटल के कमरे में बैठता है वैसे ही उसे बंधक बना लिया जाता है और उससे जबरन बस के पेपर एफिडेविट पर साइन करने को कहा जाता है और ना करने पर जान से मार देने की धमकी के साथ जालसाज सीपी सिंह अपने को सीबीआई का अधिकारी बताते हुए 64 एनकाउंटर करने का दबिश डालता है और कहता है कि अगर तुमने साइन नहीं किया तो 65 वा इनकाउंटर तुम्हारा कर दूंगा तुम शायद नहीं जानते मेरा भाई सुप्रीम कोर्ट में जज है चाहे जहां मर्जी चले जाओ होगा वही जो मैं चाहूंगा. 

होसी लाल होटल के कमरे से बाहर निकलने के लिए परेशान होने लगा लेकिन उन जालसाजो के बीच अपने को असहाय महसूस करते हुए उनकी बातों को मानने के लिए तैयार हो गया तो, सीपी उर्फ के पी सिंह ने उसका वीडियो बनाते हुए आधार कार्ड की फोटो कॉपी पर बस बेचने की कबूलनामा लिखवाने पर जोर डालने लगा. बस मालिक जालसाजो के चंगुल से किसी तरह निकलने के लिए साइन कर देता है. बस की चाबी लेकर ठगों ने कहा तुम्हें जो करना है सो कर लो आज से बस का मालिक हम हुए.

  

पीड़ित बस मालिक ने द्वारका थाने में लिखित तहरीर दिया तो केस के इन्वेस्टिगेशन ऑफीसर विजेंद्र सिंह ने ₹100000 की डिमांड कर दी और कहा कि सुबह तुम्हारी बस तुम्हें मिल जाएगी लेकिन पीड़ित बस मालिक ने पैसे देने से इनकार किया तो केस के आईयो आपसी दोस्ती यारी में पैसे की बात कह कर गोलमोल कर दिया. बस नहीं मिली तो थाने और डीएसपी दफ्तर के चक्कर लगाता रहा पीड़ित बस मालिक.

बस मालिक ने मीडिया बंधुओं को बताया कि श्रीराम फाइनेंस से लगभग 1200000 का फाइनेंस यूपी 17 T 9009 बस नंबर पर जोकि टू बाय टू बस लीलैंड कंपनी से दो 3 माह पहले ही बस फाइनेंस करवाया था. 5 माह बीत चुके हैं साहब फाइनेंस कंपनी ₹385572 का दबाव हम पर बना रही है. पीड़ित बस मालिक ने कहा कि साहब जब हमारे पास बस नहीं है और कोई काम भी नहीं तो कहां से फाइनेंस की किस्त भरू. अब तो मेरे पास आत्महत्या करने के सिवा कोई और चारा नहीं रह गया है.

चुकी दिल्ली पुलिस अलग परेशान कर रही है फाइनेंस कंपनी अलग दबाव बना रही है जालसाज रोजाना किसी ना किसी के माध्यम से दबाव बना रहे हैं मेरे पास मरने के अलावा कोई चारा नहीं रह गया है. मीडिया बंधुओं ने  टूर एंड ट्रैवल  ऑफिस और बस के बारे में पूछा तो पीड़ित ने बताया कि टूर एंड ट्रैवल  का दफ्तर बंद हो चुका है जाल साज किसी दूसरे प्रांत में दफ्तर खोल लिए हैं और हमारी बस उत्तर प्रदेश में कहीं चलवाई जा रही है. पीड़ित बस मालिक ने रोते हुए गुहार लगाया कि साहब आप लोग हमारी मदद करें. देखना यह होगा कि दिल्ली पुलिस पीड़ित बस मालिक की न्याय के साथ  कितनी मदद करती है या आगे भी इन जालसाजो के चंगुल में कोई और बस मालिक इनके षड्यंत्र का शिकार बनता है. 

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