जूनियर डॉक्टर फिर गए हड़ताल पर, डीएमसीएच में हड़ताल के कारण चिकित्सा व्यवस्था हुआ ठप

जूनियर डॉक्टर फिर गए हड़ताल पर, डीएमसीएच में हड़ताल के कारण चिकित्सा व्यवस्था हुआ ठप

दरभंगा:सरकार की लचर व्यवस्था के कारण आम आदमी कितना प्रभावित होता है इसका अंदाज़ा डीएमसीएच् के कुव्यवस्था से लगाया जा सकता है। बार बार डॉक्टरों के हड़ताल के कारण गरीबों पर क्या असर पड़ता है इसका अंदाज़ा न तो डॉक्टर लगा पा रहे है और न ही सरकार।

आज फिर जुनियर डाक्टर्स एसोसिएशन ने दरभंगा चिकित्सा महाविद्यालय अस्पताल में मांगों के समर्थन में हड़ताल कर दिया जिसका खासा असर मरीजों पर देखने को मिला। आपातकालीन विभाग से लेकर सभी विभागों में जुनियर डाक्टरों ने सीनीयर डाक्टर को काम नहीं करने दिया।

जिससे आक्रोशित होकर मरीज के परिजनों ने नाका. 6 कर्पूरी चौक डॉ. शीतल प्रसाद पथ को घंटों जाम कर दिया। वहीं डीएमसीएच जुनियर डाक्टर एसोसिएशन के अध्यक्ष डॉ.अमित गुप्ता के नेतृत्व में जुलुस निकाला गया। जिसमें एम्स में पीजी के लिए सीट आवंटित नहीं होने से नाराजगी व्यक्त की गई। जुनियर डाक्टर की मांग थी कि आइजी आइएमएस की तरह स्टाइपेन 50 हजार से बढाकर 70 हजार द्वितीय वर्ष 80 हजार और तृतीय वर्ष में 90 हजार करने के साथ-साथ सीनीयर रेजीडेंट की उम्र सीमा 37 से बढाकर 45 वर्ष करने की मांग की है। वहीं डीएमसीएच के जर्जर हो चुके सर्जिकल वार्ड से मरीजों का अन्यत्र ले जाने के मांग के साथ मरीजों को मिलने वाली सुविधाएं दिये जाने की मांग की। उन्होंने कहा कि संसाधनों की कमी की वजह से ड्यिुटी पर तैनात डाक्टरों को मरीजों के परिजनों के कोपभाजन का शिकार होना पड़ता है।

 

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