इस बार मोदी की लहर नहीं कहर है। सच हुई दिनेश शर्मा की बात.......

स्वतंत्र प्रभात लखनऊ-

रिपोर्ट-विपिन शुक्ला

प्रचंड जीत, मोदी मैजिक क्या नाम दें जो भी कहे कम है, जिस प्रकार से भाजपा ने चुनाव जीता है

यह अपने आप में किसी चमत्कार से कम नहीं इसको आप मोदी मैजिक कह सकते हैं या अमित शाह की रणनीति , लेकिन उत्तर प्रदेश में मायावती और अखिलेश के गठबंधन को भेदना इतना भी आसान नहीं था। इसमें दो राय नहीं कि पूरे देश में मोदी के नाम पर चुनाव लड़ा गया और निस्संदेह मोदी के नाम पर इतना बड़ा बहुमत भाजपा को दोबारा मिला है। और विपक्षियों की हर चाल नाकामयाब हुई है।

लेकिन आप उत्तर प्रदेश में अमित शाह की रणनीति और दिनेश शर्मा का जमीनी स्तर पर किये गये काम और जमीनी स्तर पर कार्यकर्ताओ से जुड़ाव को नजरअंदाज नही कर सकतें है। आपको बता दे डिप्टी सीएम दिनेश शर्मा पहले प्रोफेसर फिर मेयर और फिर डिप्टी सीएम तक का सफर ऐसे ही नहीं तय किये है दिनेश शर्मा मृदुभाषी होने के साथ-साथ इनकी जमीनी नेताओं और कार्यकर्ताओ से पकड़ काफी अच्छी मानी जाती है। चूंकि इस बार हर मीडिया चैनल और पालिटिकल पंडित मोदी लहर ढ़ूंढ रहे थे

उस समय जब किसी को कहीं मोदी लहर नहीं दिख रही थी उस समय पूरे आत्मविश्वाश से दिनेश शर्मा ने स्वतंत्र प्रभात के सीनियर संवाददाता विपिन शुक्ला द्वारा लिये गये एक इंटरव्यू में बोले थे, कि इस बार देश में ''मोदी की लहर नहीं पूरे विपक्षियों के लिए मोदी की राजनीतिक कहर है। इसका वीडियों भी हम साथ में संलग्न किये है। उत्तर प्रदेश में दो मजबूत क्षेत्रीय पार्टिया एक होकर लड़ रही थी इसके बावजूद उत्तर प्रदेश में 60 से ऊपर सीटें आना कोई आसान बात नहीं है, और इसमें आप दिनेश शर्मा के योगदान को नजर अंदाज नहीं कर सकते

क्योंकि डिप्टी सीएम दिनेश शर्मा ने जिस प्रकार से उत्तर प्रदेश के गली-गली में नुक्कड़ सभा से लेकर बड़ी-बड़ी रैलियां की वह अपने आप में काफी कारगार रही। दिनेश शर्मा ब्राह्मण वर्ग के एक बड़े नेता तो है ही लेकिन कहीं न कहीं उनका कद अब पूरे प्रदेश में और हर वर्ग में पिछले कुछ सालों से काफी तेजी से बढ़ा है। खैर अब पूरा विपक्ष यह जान चुका है कि मोदी और अमित शाह की जोड़ी को हराना आसान नहीं है क्योंकि उन्होने इस बार के चुनाव में अपनें सारे पैतरे अजमा लिए है।

कुछ पार्टियां तो कई सालों से अपनी दुश्मनियां भुलाकर साथ भी आ गयी लेकिन उनकी एक भी चाल मोदी और अमित शाह के सामनें कामयाब नहीं हो पायी । पिछली बार की तरह इस बार भी मोदी जी ने विपक्ष नहीं छोड़ा है। हालांकि उन्होने अपनें संबोधन में बोला है कि देश को चलानें के लिए हमें पक्ष और विपक्ष दोनों का साथ चाहिए। क्योंकि देश किसी एक पार्टी से नहीं चलता है साथ ही उन्होनें यह भी बोला है कि मुझसे गलती हो सकती है लेकिन मेरी नियत कभी किसी के लिए गलत नहीं होगी।

 

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