“जो स्वयं कोई भी चुनाव न जीत सकी वो अमेठी के जनादेश पर प्रश्नचिन्ह कैसे लगा सकती हैं”-डॉ0 अमीता सिंह, पूर्व मंत्री

“जो स्वयं कोई भी चुनाव न जीत सकी वो अमेठी के जनादेश पर प्रश्नचिन्ह कैसे लगा सकती हैं”-डॉ0 अमीता सिंह, पूर्व मंत्री

 (स्वतंत्र प्रभात ब्यूरो-अमेठी)

अमेठी। 20 नवंबर, 2018 दिन मंगलवार को पूर्व मंत्री और एआईपीसी, यूपी अध्यक्ष डॉ0 अमीता सिंह ने प्रेस विज्ञप्ति जारी कर भाजपा सरकार और केंद्रीय मंत्री स्मृति ईरानी पर तीखा हमला बोला। उनके इस प्रेस विज्ञप्ति को कल के भाजपा के राहुल गांधी और कांग्रेस पर किए गए सियासी हमले का पलटवार माना जा रहा है।

डॉ0 अमीता सिंह ने अपने प्रेस विज्ञप्ति के माध्यम से निम्न बातें कहीं-

1- देश के पॉच राज्यों में विधान सभा चुनाव हो रहे हैं, जिसमें भाजपा का हारना तय है, राहुल गॉधी ने राफेल के खेल को जनता के सामने उजागर कर नरेन्द्र मोदी सहित पूरे भाजपा सरकार की बोलती बन्द कर दी है, ऐसे में कांग्रेस के गढ़ अमेठी में विकास का झुनझुना दिखाकर राज्यों के वोटरों को लुभाने का भाजपा का यह प्रयास है, जिसका इन्हें कोई लाभ नहीं होने वाला।

2- भाजपा सरकार ने अमेठी के साथ सौतेला व्यवहार किया है, इन 4.5 वर्षों में अमेठी की जनता ने भाजपा के बदले की राजनीति को बखूबी देखा है और जनता आगामी लोक सभा चुनाव का बेसब्री से इंतजार कर रही है, जिसमें अमेठी से भाजपा प्रत्याशी की जमानत जब्त होगी और राहुल गांधी जी रिकॉर्ड मतों से जीतकर देश के प्रधानमंत्री पद को सुशोभित करेंगे। अमेठीवासी अपने राहुल भैया को प्रधानमंत्री की कुर्सी तक पहुंचाने को बेताब हैं।

3- स्मृति ईरानी यह भूल रही हैं अमेठी में कांग्रेस लोकतांत्रिक तरीके से जनाधार के आधार पर कई दशकों से काबिज है, अगर कांग्रेस ने अमेठी को धोखा दिया होता तो हर पॉच साल में होने वाले चुनावों में कांग्रेस को जीत न मिलती। स्मृति का बयान बेहद हास्यास्पद है, जो स्वयं आज तक एक भी चुनाव न जीत सकी आज वो अमेठी की जनता के जनादेश पर प्रश्नचिन्ह कैसे लगा सकती है ?

4- केशव मौर्य के बयान कि राहुल पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष बन सकते हैं, प्रधानमंत्री नहीं पर तीखी प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए डॉ0 अमीता सिंह ने कहा कि वे कौन होते हैं, प्रधानमंत्री तय करने वाले, इस देश में संविधान और लोकतांत्रिक प्रक्रिया के तहत प्रधानमंत्री का चयन होता है, पूरा देश इस समय भाजपा सरकार की जुमलेबाजी और विज्ञापनों से त्रस्त है, और देश की एकमात्र आशा का केन्द्र राहुल गॉधी हैं।

5- श्रीकांत शर्मा के बयान कि अमेठी-रायबरेली से कांग्रेस रुपी दीमक को उखाड़ फेंकने की बात पर तंज कसते हुए डॉ0 अमीता सिंह ने कहा कि वास्तव में अमेठी-रायबरेली में कांग्रेस सागोन का मजबूत और टिकाऊ वृक्ष हैं, और शर्मा जी को पता होना चाहिए कि सागोन में भाजपा रुपी दीमक कभी नहीं लग सकता।

6- राफेल पर राहुल जी के द्वारा लगातार किये जा रहे खुलासों से तिलमिलाई भाजपा के मंत्री राफेल पर जवाब देने की बजाय आटोमेटिक मशीन में राफेल डालने की बात कर सच का सामना करने से अपना मुंह चुरा रहे हैं।

7- दिव्यांगजनो को कृत्रिम उपकरण प्रदान करने के लिए अमेठी सांसद राहुल गांधी के कार्यालय से दिनांक 10 अगस्त 2017. को सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता मंत्रालय, भारत सरकार को पत्र प्रेषित किया तत्पश्चात दिनांक 2 जून 2018 को पुनः पत्र प्रेषित किया गया, लेकिन जैसे ही स्मृति ईरानी को इसकी भनक लगी, उन्होंने सत्ता का दुरुपयोग करते हुए इस कार्यक्रम को हाइजैक कर लिया और राहुल जी के तैयार किये मैदान में सरकार के मंत्रियों की फौज लेकर श्रेय बटोरने को उतर पड़ी।

8- हालांकि यह सर्वविदित है कि अमेठी में विकलांग कैम्प का सिलसिला 1998 से चला आ रहा है, अनेकों बार राहुल गॉधी, डॉ0 संजय सिंह एवं निवर्तमान विधायक डॉ0 अमीता सिंह अमेठी क्षेत्र में ऐसे विकलांग कैम्प आयोजित कर चुके हैं, अमेठी के लिए यह कोई नई बात नहीं है।

9- इसी तरह जिला स्तरीय बैठक में सांसद राहुल गॉधी द्वारा नाबार्ड के अन्तर्गत सम्पर्क मार्गों के निर्माण की बात कही थी, जिसके क्रम में शासन द्वारा 56 सम्पर्क मार्गों के निर्माण की स्वीकृति प्रदान की गई हैं, जिसमें से 49 मार्गों का शिलान्यास कल के कार्यक्रम में किया गया।

10- पी.एम.जी.एस.वाई एवं सी.आर.एफ. योजना के अन्तर्गत अमेठी में पहले से ही सड़कों का जाल बिछाया जा चुका है, हालांकि भाजपा सरकार इन सड़कों की मरम्मत करने में विफल रही है, पूर्व में निर्मित कई सड़कें इस समय बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो चुकी हैं। सबसे बुरा हाल तो अमेठी की बहुप्रतीक्षित मॉग, अमेठी बाईपास के निर्माण की है, किन्तु साढे चार वर्षों में उसके लिए स्मृति ईरानी ने कुछ भी नहीं किया ? मंत्रियों की फौज से अमेठी की जनता को बाईपास के निर्माण पर कुछ करने की उम्मीद थी, किन्तु उन्हें घोर निराशा हुई, जब किसी ने बाईपास का नाम तक नहीं लिया।

11- 2 करोड़ प्रतिवर्ष रोजगार का वादा कर सत्ता पर काबिज हुई भाजपा सरकार के राज में युवा रोजगार के लिए त्राहि-त्राहि कर रहे हैं, नोटबन्दी के घातक असर के कारण 15 लाख से अधिक लोगों की नौकरियां चली गई, मोदी जी स्वयं रोजगार के लिए पकौड़े बेचने की सलाह देने लगे और अब देश को गुमराह करने के लिए अमेठी में रोजगार मेला का लालीपाप दिया जा रहा है।

12- अमेठी में रोजगार की कड़ी को जोड़ते हुए गॉधी परिवार चला है। अमेठी में एच0ए0एल0, बीएचईएल, संजय गॉघी हास्पिटल, नर्सिंग कालेज, इंदिरा गॉघी उड़ान एकेडमी, पेट्रोलियम इंस्टीट्यूट, इण्डो गल्फ, स्टील फैक्ट्री, आयुध फैक्ट्री सहित अनेकों उल्लेखनीय संस्थाएं इस क्षेत्र के लिए वरदान स्वरुप हैं, जिसके माध्यम से हजारों परिवारों को रोजगार प्राप्त हुआ है। अमेठी के महिलाओं को सशक्त और समृद्ध करने में जिस प्रकार से राहुल गॉधी ने अभियान चलाकर महिला समूहों का गठन कराया और उन्हें अपने पैरों पर खड़ा होने योग्य बनाया, जिसके कारण 2 लाख से अधिक परिवारों का जीवन स्तर बेहतर हुआ है, सही मायनों में इस क्षेत्र के लिए यह एक ऐतिहासिक उपलब्धि है।

13- एक छोटे से आयोजन को बड़ा बनाने के लिए सरकारी साधनों और गरीब जनता की गाढ़ी कमाई के धन का दुरुपयोग करना इस विज्ञापन सरकार की प्राथमिकता है।

14- स्मृति ईरानी का फिल्मी दुनिया से गहरा नाता रहा है, ऐसे में सत्ता के दमपर वो किसी भी कार्य को फिल्मी अंदाज देने में चूकती नहीं जबकि हकीकत ये है कि जबसे स्मृति के अमेठी में कदम पड़े, अमेठी के दुर्दिन शुरू हो गए।

15- पिछले 4.5 वर्षों में अमेठी के लिए स्वीकृत दर्जनों परियोजनाएं बन्द कर दी गई, जिसके कारण पचास हजार से अधिक लोगों का प्रत्यक्ष एवं अप्रत्यक्ष रोजगार अमेठी से चला गया। नैट्रिप, ट्रिपल आईटी, हिन्दुस्तान पेपर मिल, मेगा फूड पार्क, डिस्कवरी पार्क जैसी योजनाएं जिसके लिए केन्द्र सरकार ने धन भी आवंटित कर दिया था, बन्द कर दी गईं, मैं स्मृति ईरानी से पूछना चाहती हूँ कि जिन योजनाओं के लिए प्रदेश सरकार से भूमि आवंटित हो चुकी थी और केन्द्र सरकार द्वारा धन आवंटित किया जा चुका था, उन योजनाओं के कहीं और चले जाने पर जनता की गाढ़ी कमाई के धन का हिसाब कौन देगा, इसकी जवाबदेही किसकी होगी ?

16- लगभग 5 साल बीतने को है किंतु कृषि विज्ञान केन्द्र शिलान्यास से आगे नहीं बढ़ पाया है, स्वीकृत केंद्रीय विद्यालय अभी तक शुरू नहीं हो सका है, ककवा रेलवे ओवरब्रिज का कहीं कोई पता नही है, बारामसिया का अंडरपास भी जुमला ही साबित हुआ है और गोमती नदी के किनारे पिपरी बांध का तो सिर्फ निरीक्षण चल रहा है।

17- पूरी दुनिया में इजरायल कृषि तकनीकी और उन्नत खेती के लिए जाना जाता है और जब राहुल गॉधी अमेठी के किसानों को इजरायल से मंगाये गये केले के पौधे दिला रहे हैं तो ये भी स्मृति को रास नहीं आ रहा है और वो व्यंग कसने ने बाज नहीं आ रही हैं।

18- अमेठी के माटी में प्रेम और सद्भाव की खुशबू है, गंगा जमुनी तहजीब यहॉ की परम्परा है, सभ्यता और संस्कारों की राजनीति यहॉ पनपती है, शांति और सम्मान यहॉ के लोगों का पसन्द हैं, ऐसे में वोट की राजनीति करने के लिए सिर्फ राहुल गॉधी पर झूठे वार करने जनता के दिलों में जगह बनाना किसी के लिए आसान नहीं है। जिसे अमेठी का न तो गौरवशाली इतिहास पता है और न ही भूगोल, भला वो अमेठी के लिए क्या कर पायेगा ?

19- विगत दिनों स्मृति ईरानी ने भाजपा कार्यकर्ताओं को सड़क पर उतारकर प्रायोजित तरीके से राहुल गांधी का विरोध करने का कुत्सित षड्यंत्र भी रचा, जिसने अमेठी की माटी के संस्कारों को आहत कर, अमेठी में नफरत और वैमनश्यता फैलाने का घोर अपराध किया है। अमेठी की मूल भावना से खिलवाड़ करने वालों को सबक सिखाना अमेठी की जनता खूब जानती है।

20- 5 राज्यों में चुनाव का मौसम गर्म है और उसके बाद पूरे देश में लोकसभा चुनाव होने वाले हैं, ऐसे में अमेठी की धरती पर स्मृति और उनकी टीम तरह तरह की कलाएँ प्रदर्शित करती रहेगी और अमेठी की जनता का मनोरंजन होता रहेगा, किन्तु जनता ने भी इन्हें सबक सिखाने हेतु कमर कस ली है, और आगामी चुनाव में यदि स्मृति यदि अमेठी से चुनाव लड़ने आती है तो अमेठी से इनकी जमानत जब्त होना तय है।

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