इको कार्यक्रम 25,000 सुविधाहीन लड़कियों की शिक्षा के लिए जुटाएगा धन

संवाददाता (दिल्ली)

टाइटन के बिजनेस एसोसिएट और अंतर्राष्‍ट्रीय स्‍केटर राणा उप्‍पलापति अगले 90 दिनों में इंडियन गोल्डेन क्वाड्रीलैटरल (6000 किमी तक) को कवर करने की अपनी यात्रा के दौरान अब दिल्‍ली पहुंच गये हैं। राणा ने 5 सितंबर को होसुर में स्थित टाइटन की पहली वॉच फैक्‍ट्री से स्‍केट्स पर अपनी यात्रा शुरू की थी।

वे कर्नाटक में तुमाकुरू, सिरा, चित्रदुर्गा,हुबली और बेलगांव : महाराष्‍ट्र में कोल्‍हापुर, पुणे, मुंबई : गुजरात में भरुच और वडोदरा से होते हुये अब दिल्‍ली पहुंचे हैं। उप्‍पलापति ने 2000 किलोमीटर की दूरी तय कर ली है और उन्‍होंने 5000 से अधिक लड़कियों की शिक्षा में सहयोग देने के लिए पूंजी जुटाई है। 


90 दिनों की उनकी इस यात्रा के एक हिस्‍से के रूप मेंए यह कार्यक्रम 25,000 सुविधाहीन लड़कियों की शिक्षा के लिए धन जुटाएगा और तकरीबन 6 लाख बच्चों के बीच बाल सुरक्षा से जुड़े विषयों खासतौर से गुड टच एवं बैड टच के बारे में जागरूकता फैलाई जायेगी। 


इस कैंपेन की शुरुआत परए टाइटन कंपनी लिमिटेड के प्रबंध निदेशक भास्कर भाट ने कहा, "यह एक रोमांचक अभियान है जिसका हिस्सा बनने का फैसला टाइटन ने किया। यह अभियान खोजपरक, हलचल मचाने और सकरात्‍मक बदलाव लाने वाले हमारे स्‍वभाव पर बिल्‍कुल खरा उतरता है। हमने इस साल को चुना है, जोकि टाटा ग्रुप की स्‍थापना की 150वीं वर्षगांठ का भी साल है। यह उन दूरदर्शी लोगों के प्रति हमारा सम्मान है, जिन्होंने एक अद्भुत बिजनेस संस्थान को आकार दिया।"


इस अवसर पर अपने दृष्टिकोण को साझा करते हुए, टाइटन के बिजनेस एसोसिएट राणा उप्‍पलापति ने कहा कि "टाइटन कंपनी लिमिटेड के साथ जुड़ना एक शानदार पहल है। टाइटन और मैं दोनों लड़कियों की शिक्षा को लेकर खासे उत्साहित हैं।

हम न केवल लड़कियों बल्कि सभी बच्‍चों को सही और गलत नीयत के साथ किए गए स्पर्श (गुड टच एवं बैड टच) पर शिक्षा देने के लिए बाल सुरक्षा के विषय पर अपना योगदान देना चाहते हैं।

 

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