फ़रीदाबाद की रानी बनी भारत की रेकॉर्ड गर्ल

फ़रीदाबाद की रानी बनी भारत की रेकॉर्ड गर्ल

फ़रीदाबाद की रानी बनी भारत की रेकॉर्ड गर्ल।

बाल्मीकि वर्मा (स्वतंत्र प्रभात)

फरीदाबाद (हरियाणा) :-

हमको आज असीम खुशी और उत्साह है कि हम सृष्टी जैसी होनहार ओर काबिल बेटी के माता पिता है।छोटी से उम्र में ही एक ऐसा मुकाम हासिल किया है जो कुछ बच्चे इस उम्र में हासिल नहीं कर सकते और जो करते हैं वो कामयाब कम ही हो पाते हैं।सृष्टि कामयाबी का दूसरा नाम है।

साल 2017 से शुरू हुआ बेटी की इस कामयाबी का दौर आज भी जारी है। आज फ़रीदाबाद की रानी बेटी ने एक ओर महान ओर आश्चर्यजनक रेकॉर्ड अपने नाम किया है।हमारी प्यारी ओर रेकॉर्ड होल्डर जिसका नाम लेते ही सबके मन मे सृष्टि का नाम जहन में आता है।आज बेटी का नाम इंडिया बुक ऑफ रेकॉर्ड में दर्ज हो गया हैं।आज दिनांक 07/09/2019 का दिन हमारे लिए गर्व ओर सम्मान का दिन हैं आज हम बेहद खुश हैं।07/09/2019 आज के दिन बेटी का नाम इंडिया बुक ऑफ रेकॉर्ड में सुनहरे अक्षरों में दर्ज हो गया है।

अब पूरे भारत मे हमारी बेटी का ये नाम दर्ज हो गया है।इसी के साथ ही साल 2019 में इस बुक में सृष्टि का नाम दर्ज होने के साथ ही एक नया रेकॉर्ड भी बन गया है।सृष्टि सबसे कम उम्र में सबसे ज्यादा सर्टिफिकेट(प्रमाण पत्र) 65 और अवार्ड(सम्मान पत्र) 18 मेडेल 7 ओर ट्रॉफी 9 लेने का नाम अब प्रमाणिक रूप से दर्ज हो गया है।आज हम इंडिया बुक ऑफ रेकॉर्ड के कार्यालय में गए थे।वही पर हमारी बेटी सृष्टि को इंडिया बुक ऑफ रेकॉर्ड का सर्टिफिकेट (प्रमाण पत्र) ओर मेडेल,आई डी कार्ड से सम्मानित किया गया।

अब अधिकारिक रूप से सृष्टी के नाम ये रेकॉर्ड पूरे भारत में दर्ज हो गया है।हर किसी की तमन्ना ओर इच्छा होती है कि उनकी संतान सदा ही अच्छा करे और नाम कमाए।छोटी उम्र में यदि ये माता पिता का ये सपना यदि पूरा हो जाए तो उनको असीम खुशी उत्साह और उमंग होती है।हम यही आशा करते है कि सभी की संतान सदा ही अच्छे कर्म करे और अपने माता पिता का नाम रोशन करे।आज इंडिया बुक ऑफ रेकॉर्ड के कार्यालय में श्री जीत जी,कुमारी हर्षिता जी,रश्मि जी,

निसजा ओर विश्वरूप राय चौधरी जी सभी थे।मोहम्मद इकराम भी थे।सभी ने मिलकर बेटी को आशीर्वाद दिया और बधाई दी।19 मार्च 2017 से शुरू हुआ बेटी का ये सुनहरा सफर आज भी बदस्तूर जारी है।आज बेटी इस मुक़ाम पर है सभी को बेटी पर गर्व है।सृष्टी के पिता का एक सपना भी पूरा हो गया जो उन्होंने देखा था कि एक दिन उनकी बेटी का नाम भी इंडिया बुक ऑफ रेकॉर्ड में दर्ज हो।

अब हम खुश हैं और यही कामना करते हैं कि बेटी की ये कामयाबी सदा ओर आगे बढे ओर एक दिन बेटी का नाम गिनीज बुक ऑफ वर्ल्ड रिकॉर्ड में भी दर्ज हो।सृष्टी की माता प्रिया ने बताया कि बेटी बचपन से काफी होनहार ओर काबिल दिख रही थी तो सोचा कि बेटी की इस कला को ओर निखारा जाए।

पिता प्रवीण गुलाटी ने कहा कि बेटी के इस प्रकार की कामयाबी को देखकर यही लगता है उनकी बेटी की कामयाबी सदा ही जारी रहे।बेटी को पाकर बहुत ही गर्व होता है।सृष्टी काफी प्रतिभावान है।हम इंडिया बुक ऑफ रेकॉर्ड के सभी लोगो का अभिनंदन करते है कि उनकी इस रेकॉर्ड बुक में हमारी बेटी का नाम भी आया है।सृष्टि अब पूरे भारत मे एक नाम बन गया है।इंडिया बुक ऑफ रेकॉर्ड को हार्दिक शुभकामनाएं हार्दिक बधाई हार्दिक आभार।

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