ग्राम पंचायत में रखे गये कूड़ेदानों की हालत कूड़े से भी ज्यादा बत्तर होती ज रही

ग्राम पंचायत में रखे गये कूड़ेदानों की हालत कूड़े से भी ज्यादा बत्तर होती ज रही
  • ग्राम पंचायत में रखे गये कूड़ेदानों की हालत कूड़े से भी ज्यादा बत्तर होती ज रही है
  • शिकायत के बाद भी नही हुई कोई सुनवाई, जिम्मेदार मौन

असोथर/फतेहपुर-कस्बा पंचायत क्षेत्र में 1 वर्ष पहले रखे गए कूड़ेदानों की हालत इतनी गम्भीर हो गयी है कि कूड़ेदान अब खुद कूड़े के भाव जा रहे है। जिसकी शिकायत भी कई बार होने के बावजूद भी जिम्मेदार मौन बैठे है।

शिकायत के बाद कई बार आये अधिकारियों ने कूड़ेदानों की तौल करवाई थी और पांच सदस्यी टीम भी गठित की गई थी लेकिन आलाधिकारियों की मिलीभगत से आज तक सही जांच नही हो पायी। अगर देखा जाए तक कूड़ेदान पेंदी से बिल्कुल कमजोर है धीरे - धीरे पूरा चुन जाता है और नीचे से खोखला हो जाता है ऐसे में तो असोथर ग्राम पंचायत की नैया डोलती नज़र आ रही है।।

बात करते हैं फतेहपुर जनपद के सदर तहसील क्षेत्र के असोथर कस्बे में  प्रधान व सचिव की हकीकत  आई  आम जनमानस के सामने। संगीता देवी पत्नी रामकिंकर अवस्थी निवासी असोथर व सचिव दोनों लोगों ने मिलकर भारत स्वच्छ अभियान के तहत कूड़ेदान की घपले बाजी।

भारत स्वच्छ अभियान के तहत उड़ाई जा रही कानून की धज्जियां। कानून के रखवाले ही कानून की उड़ा रहे हैं धज्जियां। क्या योगी सरकार की योजनाओं में प्रधान व सचिव पंचायत में पलीता लगाने के काम कर रहे हैं । प्रधान असोथर व सचिव दोनों ने मिलकर कूड़ेदान में लाखों की उगाही की है । लेकिन कूड़े दान   के नाम पर नाममात्र ही खर्च किया गया है।  साफ-सफाई के नाम पर भी विभाग ने उनसे लाखो रुपए के बिल बनाकर धोखाधड़ी भी सामने आ रही है।

इस धोखा धडी को देखते हुए हमने( शिवप्रताप सिंह पुत्र श्री बीरेन्द्र सिह निवासी असोथर )04/07/2018 को  जिला अधिकारी  से कूड़ेदान की जांच के लिए सपथ पत्र लिख कर दिया । जिसमे जिलाधिकारी जी ने पशुचिकित्सा अधिकारी डॉक्टर इन्द्रराज सिंह जी को जांच के लिए भेजा ।  जिसमे पशुचिकित्सा अधिकारी जांच करके चले गए। लेकिन कोई सुनवाई नही हुई।

फिर जब हमने ने पशुचिकित्सा अधिकारी से बात की तो उन्होंने जिलाधिकारी व पंचायत राज्य अधिकारी को पत्र लिखा की जांच के दौरान ग्राम पंचायत अधिकारी प्रकाश तिवारी व ग्राम प्रधान संगीता देवी पत्नी रामकिंकर अवस्थी ने अभिलेख मांगने पर अभिलेख प्रस्तुत नही किया।  जिससे कोई कार्यवाही नही हुई।

करवाही न होने पर हमने  जिलाधिकारी को 14/11/18 को फिर से पत्र दिया।  जिसमें जिलाधिकारी जी ने जिलापंचायत अधिकारी अजय आनंद सरोज जी को जांच के लिए चयनित किया जिसमें जांच करने के लिए 9/01/2019 को बनपुरवा मजरे असोथर शिकायत कर्ता को बुलाया गया ।  जहाँ प्रधानपति रामकिंकर अवस्थी के सह से शिकायत कर्ता पर हमला कराया मौके पर वहां से पुलिस की मदद  से शिकायत कर्ता ने अपनी जॉन बचा कर वहाँ से निकले।

गाँव  से जिला पंचायत अधिकारी बिना जांच किये हुवे निकले जा रहे थे । तभी ग्रामीणों ने घेराव कर असोथर ब्लाक लिवा कर ले आये ।  3 कूड़ेदान डिब्बो की तौल की तो 25 किलो निकले जिसमे ग्राम प्रधान द्वारा 6550 रुपये प्रति डिब्बे का भुगतान कराया गया है। जबकि बाजार पर 50 रु0 किलो लोहा है जिसमे प्रधानपति द्वारा डिब्बो का भुगतान ज्यादा करवाया गया है। 

जिसमे जिला पंचायत अधिकारी अजय आनंद सरोज जी ने मीडिया से रूबरू होते हुवे कहा की इस मामले को संज्ञान में ले लिया गया है और कल से ही पाँच सदस्यी टीम  गठित कर पूरे मामले की जांच की गई है जिसमे DPRO अजय आनंद सरोज जी ने कहा की कूड़ेदान के डिब्बो पर प्रथम दृष्टि पर अधिकता पाई गई है। और कूड़ेदान की संख्या 300 बताई गई है जिसमे ग्रामीणों ने बताया है कि 300 डिब्बे नही रखवाए गए है। पूरी जांच को छह महीना होने को है न इस में कोई जांच टीम बनी ना ही कोई आख्या भी नहीं दी गई।।

Support to Swatantra Prabhat Media

T & C Privacy

Comments