दिए की लौ से युवती के कपड़ों में नहीं लगी थी आग बल्कि सुनियोजित षड्यंत्र था

दिए की लौ से युवती के कपड़ों में नहीं लगी थी आग बल्कि सुनियोजित षड्यंत्र था

आर0 सी0 श्रीवास्तव 

जहानाबाद फतेहपुर बीते 11 तारीख के  इसी समाचार में शीर्षक था युवती आग का गोला बनकर दौड़ी जिसमे मृतक के पति ने दावा किया था दिए कि लौ से आग लगी थी

जबकि मामला सुनियोजित तरीके से आग में जलाकर हत्या किया जाना बताया गया   ज्ञातब्य हो कि सुमन पुत्री मिश्रीलाल निवासी  भवानी सिंह का पुरवा  मजरे पपरेंदा जहानाबाद  तहसील बिंदकी  फतेहपुर जिसका विवाह  बदलू प्रसाद  कुशवाहा निवासी  कोड़ा जहानाबाद फतेहपुर से हुआ था  और वह दीए की लौ से  आग लग जाने के कारण  जल गई थी  से संबंधित समाचार दिया गया था करीब एक वर्ष पूर्व हुए इस विवाह से सुमन के पति का मन भर गया था क्योंकि दबी जुबान लोगों का यह कहना है की पति का अंतरंग संबंध किसी दूसरी युवती से था और वह सुमन से किनारा करना चाहता था

इसीलिए उसने एक नाटक रचा था जिसके तहत वह सुमन को उसके मायके खुद अपने साथ ही लेकर आया था ताकि मायके में कोई दुर्घटना होने पर किसी को कोई शक उसके ऊपर नहीं जाएगा उसका यह ड्रामा पूरी तरीके से सफल भी हो गया था क्योंकि सुमन के पिता को उस पर आज भी अटूट विश्वास है परंतु किसी बात को लेकर गांव वालों को बदलू पर शक हो गया था कल 12 मई की रात को जब दबाव डालकर बदलू से पूछताछ किया गया तो उसने कबूला की आग उसने ही लगाई थी और प्राकृतिक तौर पर नहीं लगी थी

इस तरीके से घटना का पटाक्षेप हो गया परंतु अब देखना यह है कि इस संबंध में जहानाबाद पुलिस किस मुकाम तक पहुंचती है और दोषी को क्या सजा मिलती है मिलती भी है या नहीं, मौके का फायदा उठाकर कहीं वह बच न जाए अगर जहानाबाद पुलिस सख्ती से पूछताछ करें तो दूध का दूध पानी का पानी हो जाएगा और सुमन की आत्मा को न्याय मिल जाएगा सुमन को यही सच्ची श्रद्धांजलि होगी।

 

 

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