गौशाला में मवेशियों पर प्राकृतिक आपदा भारी 

गौशाला में मवेशियों पर प्राकृतिक आपदा भारी 

फतेहपुर खबर 
सनी गोस्वामी / सुशील मिश्रा

गौशाला में मवेशियों पर प्राकृतिक आपदा भारी 

मरने का सिलसिला जारी फतेहपुर जनपद के मलवां विकासखंड के शिवराजपुर गांव में गिरधर गोपाल नंदी गौशाल अव्यवस्था का शिकार हो गई। गौशाला में रह रहे गोवंश प्राकृतिक आपदा, वारिस,ठंड ,ओले की मार से तड़प तड़प कर बीमार व मर रहे हैं।

गोवंशों को खाने के लिए चारा ,भूसा, पयाल कुछ भी नहीं है। खुले आसमान के नीचे दिन रात सिर्फ आपस में लड़कर मौत का इंतजार कर रहे हैं। मवेशियों के सेहत का महकमा, राजस्व विभाग, विकास विभाग, ग्राम पंचायत कि संयुक्त देखरेख में इस गौशाला का संचालन हो रहा है। लेकिन धरातलीय पड़ताल में बंदरबांट के अलावा और कुछ नजर नहीं आता है।

दिन में चार लोग और रात्रि में एक व्यक्ति के सहारे गौशाला

फतेहपुर जनपद के जिलाधिकारी आंजनेय कुमार सिंह ने गौशाला की देखरेख के लिए 20 मजदूरों को क्रम से10 10 की संख्या में रात-दिन रखवाली के लिए आदेशित किया गया है। लेकिन अव्यवस्था की कहानी बताते हुए मौके पर मिले सगुना पुर गांव के नरेंद्र कुमार ने बताया कि मैं, सरवन कुमार ,राजू ,पम्मू चार लोग दिन में देखरेख करते हैं लेकिन मौके पर सिर्फ नरेंद्र कुमार ही सर्वे सर्वा मिले। बाकी लोग नदारद थे। रात की ड्यूटी में विजयपाल उर्फ चौवा बाबा गौशाला की रखवाली करते हैं। नरेंद्र कुमार ने बताया मवेशियों के भूसे के लिए कोई छाया नहीं हम लोगों को रखवाली के लिए एक तिरपाल तक की व्यवस्था नहीं है। यहां जो रखवाली के लिए भी हम लोग रखे गए हैं उन्हें मनरेगा की तय  मजदूरी ही दी जा रही है ।ऐसे में यहां कोई मजदूर आने को तैयार ही नहीं है।

मवेशियों का सेहत महकमा कर रहा है देख रेख

पशु धन विकास व स्वास्थ्य विभाग मौके पर मवेशियों की दवा व मरे मवेशियों को सफाई कर्मियों से गड्ढा खोद वाकर दफनाने में लगे हैं। मौके पर मिले पशुधन विकास अधिकारी रेवाड़ी राम मिलन ,पशुधन विकास अधिकारी शाहजहांपुर धर्मेंद्र ,पशुधन विकास अधिकारी साईं संतोष शर्मा, गोपालगंज पशु चिकित्सालय की डॉ स्नेह लता ने बताया की मवेशियों के मरने का जहां तक सवाल है उन्हें चारा, खुले आसमान के नीचे सर्दी ,बारिश, ठंड से माना जा सकता है।

लेकिन एक गाय और एक बछिया का पीएम करने के बाद स्पष्ट हुआ है कि इनकी मौत (कार्डियोवैस्कुलर फेल्योर) झुंड के दबाव में आकर साक लगने से इनकी मौत अनुमानित है।हम पूरी टीम के साथ पशु स्वास्थ्य व विकास विभाग की तरफ से  लग करके टैगिंग, बंध्याकरण ,इलाज कर रहे हैं जो हमारी जिम्मेदारी है। मवेशियों के मरने से हम लोगों का कोई लेना देना नहीं है।  व्यवस्था करने वाले ही सही जवाब दे सकते हैं। टैग लगाए मवेशी बाहर घूमते मिलने की बात पर उन्होंने कहा कि कुछ मवेशी बंधे को पारकर  बाहर चले गए हैं ।टैगिंग करने का उद्देश्य ही था कि बाहर अगर मवेशी मिलते हैं तो व्यवस्था करने वालों के खिलाफ कार्यवाही की जाए।

गौशाला के आसपास की खेती चट कर रहे हैं मवेशी

शिवराजपुर गांव की गिरधर गोपाल नंदी गौशाला के पास हुजूम जमा था ।पूछने पर उन्होंने बताया कि हम सभी किसान हैं रात्रि में 50 ,50 के झुंड में यहां से मवेशी निकल जाते हैं ।जो हम लोगों की खेती चट कर रहे हैं ।रात में बारिश ठंड में त्रिपाल तान कर हम अपने खेती की रखवाली दिन रात करते हैं ।

गौशाला से हम लोगों का कोई भला नहीं हुआ ,केवल नुकसान हो रहा है। मौके पर कृष्णा पुर गांव के शिव राम, बुद्धि लाल, रमेश ,रामाधार, अयोध्या पाल ,मेवालाल, अरविंद, राजू बीकमपुर गांव के रज्जन बाबा ,राजू, लक्ष्मी औंग गांव के बनकट पर खेती लिए विनोद पटेल आदि किसान मौके पर अपने खेत की रखवाली करते मौके पर मिले। उन्होंने रात्रि् में मवेशियों को निकाले जाने की बात कही।
कछुआ चाल से हो रहा टीन शेड का निर्माण 


फतेहपुर जनपद के मलवा विकासखंड के शिवराजपुर गांव में गिरधर गोपाल नंदी गौशाला में टीन शेड का निर्माण दैवीय आपदा, धूप, बारिश ,ठंड  से बचने के लिए टीन शेड का निर्माण किया जा रहा है। मवेशियों के चारे के रखरखाव के लिए टीन सेट का निर्माण हो रहा है।

लेकिन ढेड माह से चल रहे काम में अभी तक सिर्फ ईट की दीवाल ही खड़ी हो पाई है। अगर तेजी से काम किया गया होता टीन सेट का निर्माण हो जाता तो मवेशियों के चारे की समस्या ना होती और इस आपदा में मवेशी टीन सेट के नीचे खड़े होकर के सुरक्षित हो जाते। मवेशियों को मौत के मुंह में जाने से रोका जा सकता था। लेकिन कछुआ चाल से हो रहे निर्माण की वजह भी मवेशियों के मौत में कारण है। ग्राम प्रधान सूरजपाल यादव ने बताया टीन सेट का काम कर रहे मिस्त्री को अचानक बीमार हो जाने की वजह से विलंब हुआ है द़ो दिन के अंदर टीन सेट का काम पूरा कर लिया जाएगा।

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