ओवरलोड नाव पुल से टकराकर बाल बाल बची पलटने से 

     ओवरलोड नाव पुल से टकराकर बाल बाल बची पलटने से 

फतेहपुर किशनपुर
   रामकृष्ण धाता

     ओवरलोड नाव पुल से टकराकर बाल बाल बची पलटने से 

  खतरे में थी 60 जिंदगियां किसी तरह बचा ली नाविक ने

   नाम सवार होकर यात्री की सुध कितनी ही होती है कि वह किस तरह से अपनी जान सुरक्षित रख कर एक पार से दूसरी पार पहुंच जाएगा उसे तो केवल अपना आशियाना ही नजर आता है कि वह कितनी जल्दी नदी को पार करके अपने घर पहुंचे और अपने घर वालों से मुलाकात करें लेकिन सोचिए उसका क्या होगा जो मझधार में ही डूब जाए और गलती भी हो तो उसकी नहीं शासन-प्रशासन की क्या कहेंगे इस मंजर पर आप ।


    आज की ताजा घटना फतेहपुर जिले के किशनपुर की है जहां पर यमुना नदी में बनी पीपे के पुल का मुद्दा जोर शोर से चल तो रहा है लेकिन अभी तक वह बनकर तैयार नहीं हुआ जिससे कि रोजाना विद्यालय आने जाने वाले छात्रों एवं मजदूर तथा रोजाना  काम करने वाले लोगों को बुंदेलखंड से फतेहपुर और फतेहपुर से बुंदेलखंड काम के वास्ते आना जाना पड़ता है पूरा होने की वजह से इन्हें अनेकों समस्याओं का सामना करना पड़ता है

पहले यह आशा थी कि पुल का कार्य शायद मकर संक्रांति तक पूरा हो जाएगा लेकिन बसंत पंचमी भी गुजर जाने के बाद अब तक बनकर तैयार नहीं हुआ जिसकी वजह से नाव से ही यात्रियों को पुल पार करना पड़ता है यात्री आप जब पार करने के लिए नाव पर  बैठे थे तो नाव अनियंत्रित होकर नदी में पलटते पलटते बची मौजूद लोगों ने बाबा की महिमा बताया और कहा कि किसी तरह अनहोनी होने से बच गई अन्यथा आज सभी लोग पानी में डूब गए होते ।

मुझे लोगों ने जब इसकी जानकारी पुल निर्माताओं से की तो उन्होंने बताया कि हमारे पास सामान मौजूद नहीं है और बसंत पंचमी के अवसर पर नदी से पानी छोड़ा गया है जिसके चलते धारा काफी चौड़ी हो गई है और जैसे-जैसे पानी कम होगा वैसे वैसे हम मार्ग बनाने का काम प्रशस्त करेंगे अब देखना यह है कि इनकी नजर में कब पानी कम होगा और कब यह बनना शुरू होगा क्या यह नहीं चाहते कि आम जनमानस की जिंदगी सुरक्षित रहे अगर यह पुल नहीं बनता है तो दुर्घटनाओं का होना निश्चित होगा ।

Support to Swatantra Prabhat Media

T & C Privacy

Loading...
Loading...

Comments