खेल खत्म पैसा हजम की कहावत हुई चरित्रार्थ 

 खेल खत्म पैसा हजम की कहावत हुई चरित्रार्थ 

 खेल खत्म पैसा हजम की कहावत हुई चरित्रार्थ 

हमारी खबर का हुआ असर

ब्लाक प्रसाशन ने सुरू किया मरम्मत की कहानी 

विकास खंड फूलबेहड़ के ग्राम सभा श्री नगर स्थित शारदा सहायक तटबन्ध से बड़ा गांव बसहा लिंक मार्ग से मिटटी एवं खडंजा निर्माण  का कार्य ब्लॉक प्रमुख फूलवेहड के कोटे से स्वीकृत कराया गया जिसकी धन राशि स्वीकृत होते ही भ्रष्टाचार रूपी दीमक ने अपने बच्चों को जन्म दे दिया पूर्व निर्मित खड़ंजे से ऊपर दो फिट उचाई तक मिटटी पटाई का कार्य होना था उसके बाद खडंजा लगना था लेकिन मिट्टी का कार्य नाम मात्र किया गया जिसको अंधा भी बता सकता है कि पूर्व  में लगे खड़ंजे के ऊपर मिट्टी का पटान  हुआ  है अथवा नही पूर्व मे  उसी  मार्ग पर बनी पुलिया क़े लेविल से ऊपर खडंजा का निर्माण होना चाहिए था लेकिन उसका निर्माण पुलिया के लेविल से नीचे किया गया है

वह  भी पुराने खड़ंजे का प्रयोग सबसे अधिक मात्रा में किया गया है जबकि नियमानुसार नई इंटो के बीच में जगह भरने के लिए खंडे का प्रयोग किया जाना चाहिए परन्तु यहाँ मामला कुछ और ही है क्यों कि भूखे शेर कण्डे खाते है की कहावत चरित्रार्थ  होती है  कई मीटर तक खण्डों  की ही  सड़क का निर्माण किया गया  है जबकि बाढ़ का पानी  लगभग चार फुट तक भर जाता है  ऐसी स्थिति में क्या सरकार का धन क्षेत्रवासीयो  के काम आएगा मामूली सी बारिश ने सारा भेद खोल के रख दिया है और आप को बता दूँ कि इस सड़क के निर्माण को लेकर कई बार लोगो के द्वारा रोका गया  परन्तु सब कुछ मनीराम के सहारे काम हो गया 

दैनिक लोक सचेतक  समाचार पत्र की खबर छपते ही ब्लॉक प्रसाशन मे हड़कम्प मच गया और खडन्जे के मरम्मत का कामशुरू कर दिया गया लेकिन क्या सड़क की  ऊचाई  बढ सकती है नही बस एक ही नारा कमीशनखोरी जिन्दाबाद देखते है आगे होता है क्या 

 

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