3630 हेक्टेअर क्षेत्रफल में घुली गन्ने की मिठास, किसानों में खुशी

3630 हेक्टेअर क्षेत्रफल में घुली गन्ने की मिठास, किसानों में खुशी

स्वतंत्र प्रभात न्यूज़/पत्रकार अमन कुमार सोनी 

 फतेहपुर :- जनपद के बड़े क्षेत्र में गन्ना फसल का आच्छादन किया जा रहा है। इस वर्ष जिले में गन्ना 3630.662 हेक्टेअर क्षेत्रफल में फैला हुआ है। जिले के किसानों का गन्ना खेती के प्रति खासा रुझान है। गन्ना खरीद में आने वाली दिक्ततों को दरकिनार चार वर्षो से गन्ने के क्षेत्रफल में लगातार बढ़ोत्तरी हुई है। हालांकि चीनी मिल किसानों का पूरा गन्ना नहीं खरीद पाती। किसानों का कहना है कि अगर खरीद की बेहतर व्यवस्था मिल जाए तो गन्ना आच्छादन का क्षेत्रफल और बढ़ सकता है।

पड़ोसी जिले कानपुर के घाटमपुर में चीनी मिल स्थापित होने के साथ आसपास गन्ना बेल्ट बनी। इसके साथ ही ¨बदकी तहसील भी इसके प्रभाव से अछूती नहीं रही। ¨बदकी तहसील किसानों ने भी गन्ना तैयार कर घाटमपुर चीनी मिल को आपूर्ति दी। घाटमपुर चीनी मिल टूटी तो एक बार गन्ना किसान ठिठक गया। हालांकि फिर गन्ने के क्षेत्रफल को देखते हुए दूसरे जिलों की चीनी मिलों को यहां पर गन्ना खरीदने का ऑफर दिया गया। जिससे गन्ना किसान को राहत मिली। हैदरगढ़ चीनी मिल ने जब से गन्ना खरीद शुरू की उसके बाद पिछले चार वर्षो से लगातार गन्ने का क्षेत्रफल बढ़ा है। पिछले पेराई सत्र में गन्ना किसानों को क्रय केंद्रों में आई दिक्कत के कारण नए पेराई सत्र में कोई बढ़ोत्तरी नहीं हुई। जानकार बताते हैं कि पिछले पेराई सत्र तक गन्ना किसानों की खतौनी फी¨डग नहीं होती थी। इस बार फी¨डग हुई है इससे फर्जी किसान नहीं बचे हैं। गन्ने का क्षेत्रफल में बढ़ोत्तरी हुई है। खागा आच्छादन में है अव्वल

गन्ना आच्छादन में खागा तहसील अव्वल है। यहां पर करीब 2171.592 हेक्टेअर क्षेत्रफल पर गन्ना का आच्छादन होता है। वहीं ¨बदकी तहसील में इस बार 1283.700 हेक्टेअर क्षेत्रफल पर गन्ने की फसल उगाई गई है। सदर तहसील सबसे पीछे है, यहां पर मात्र 176.000 क्षेत्रफल में गन्ने का आच्छादन हुआ है।

'चार वर्ष से लगातार गन्ने का क्षेत्रफल बढ़ रहा था। पिछले पेराई सत्र में कुछ बोगस फी¨डग भी दर्ज हो गयी थी। जो बाद में निरस्त हुई थी। यह गिरावट कोई मायने नहीं रखती है। खागा तहसील में धाता में भी गन्ने के प्रति किसानों का रुझान तेजी से बढ़ा है।'

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